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नगरपरिषद ने शुरू की अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई, सामान रख कर बंद की गई गली को खुलवाया
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गली में रखे गए बांस उठाते नगरपरिषद की टीम। संवाद।
- फोटो : Jind
जींद। करीब पांच साल बाद नगर परिषद ने फिर से शहर में अतिक्रमण हटाने के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। इसके तहत आरा रोड, बैंक रोड, मेन बाजार, शहर थाना के सामने, पालिका बाजार में दुकानों के आगे रखा गया सामान हटाया गया। नगर परिषद की टीम आने की सूचना से पहले ही अधिकतर लोगों ने सामान उठाकर दुकान के अंदर कर लिया था। नाइयों वाली गली में छज्जा तोड़ने व आरा रोड पर गली में रखे बांस को उठवाने के दौरान उठाने के दौरान अधिकारियों के साथ विवाद भी हुआ, लेकिन पुलिस ने बीच में आकर विवाद को रोक दिया। नगर परिषद के अभियान की सूचना मिलते ही दुकानदारों में हड़कंप मच गया और अपना सामान दुकानों में रख लिया।
गौरतलब है कि पूरा शहर अतिक्रमण से बंद हुआ पड़ा है। इसके खिलाफ पांच साल पहले अभियान चला था। लेकिन फिर यह बंद हो गया था। अब फिर से नगर परिषद ने अतिक्रमण की सुध ली है। ऐसे में आने वाले दिनों में शहर के बाजार, गलियां व सड़कें अतिक्रमण मुक्त दिखाई देने लगेंगी। हालांकि अभियान बुधवार से शुरू होना था, लेकिन विधानसभा की सब्जेक्ट कमेटी के दौरे के कारण इसे टाल दिया गया था।
बॉक्स
सड़क सुरक्षा की मीटिंग में उठा था मुद्दा
करीब 15 दिन पहले सड़क सुरक्षा की बैठक हुई थी, जिसमें कुछ संगठनों ने अतिक्रमण का मुद्दा उठाया था। इसमें एसएसपी वसीम अकरम व डीएमसी संजय बिश्नोई ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने की योजना बनाई। इसके तहत ही वीरवार को अभियान शुरू किया गया।
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अदालत ने दिया था आदेश
अन्ना टीम ने शहर के अतिक्रमण का मुद्दा हाईकोर्ट में उठाया था। इस पर पांच साल पहले 2016 में अदालत के आदेश पर मुख्य बाजार सहित कई जगह अतिक्रमण हटाए गए। लेकिन इसके बाद फिर यह अभियान बंद हो गया था। पांच साल में स्थायी अतिक्रमण के साथ-साथ अस्थायी अतिक्रमण भी हुआ है। इससे निपटने के लिए अब नगर परिषद को कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी।
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यहां रहता है अधिक अतिक्रमण
बस स्टैंड, रेलवे रोड, सफीदों रोड, रानी तालाब, गोहाना रोड, शिव चौक जैसे स्थानों पर दुकानों के बाहर 10 फुट तक अतिक्रमण रहता है। कुछ लोग पैसे लेकर दुकानों के बाहर रेहड़ी भी लगवाते हैं।
बॉक्स
आरा रोड पर पूरी गली की गई थी बंद
वहीं आरा रोड पर बांस रखकर एक गली ही बंद की गई थी। नगर परिषद को इसकी शिकायत भी की गई थी। ऐसे में वीरवार के अभियान के दौरान यहां से जब बांस उठाए गए तो अधिकारियों के साथ विवाद हो गया। नौबत हाथापाई तक आ गई थी। लेकिन मौके पर तैनात पुलिस ने बीच बचाव किया।
वर्जन
लगातार जारी रहेगा अभियान
शहर में वास्तव में अतिक्रमण ने काफी पैर फैला रखे हैं। बार-बार दुकानदारों को चेतावनी दी गई। लेकिन अतिक्रमण कम नहीं हुआ। अब अभियान शुरू किया गया है जो आगे भी जारी रहेगा। सामान उठाने के साथ-साथ जुर्मान व केस दर्ज करवाने की कार्रवाई भी की जाएगी। -मोहन भारद्वाज, मुख्य स्वच्छता निरीक्षक, जींद नगर परिषद।
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गौरतलब है कि पूरा शहर अतिक्रमण से बंद हुआ पड़ा है। इसके खिलाफ पांच साल पहले अभियान चला था। लेकिन फिर यह बंद हो गया था। अब फिर से नगर परिषद ने अतिक्रमण की सुध ली है। ऐसे में आने वाले दिनों में शहर के बाजार, गलियां व सड़कें अतिक्रमण मुक्त दिखाई देने लगेंगी। हालांकि अभियान बुधवार से शुरू होना था, लेकिन विधानसभा की सब्जेक्ट कमेटी के दौरे के कारण इसे टाल दिया गया था।
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सड़क सुरक्षा की मीटिंग में उठा था मुद्दा
करीब 15 दिन पहले सड़क सुरक्षा की बैठक हुई थी, जिसमें कुछ संगठनों ने अतिक्रमण का मुद्दा उठाया था। इसमें एसएसपी वसीम अकरम व डीएमसी संजय बिश्नोई ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने की योजना बनाई। इसके तहत ही वीरवार को अभियान शुरू किया गया।
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अदालत ने दिया था आदेश
अन्ना टीम ने शहर के अतिक्रमण का मुद्दा हाईकोर्ट में उठाया था। इस पर पांच साल पहले 2016 में अदालत के आदेश पर मुख्य बाजार सहित कई जगह अतिक्रमण हटाए गए। लेकिन इसके बाद फिर यह अभियान बंद हो गया था। पांच साल में स्थायी अतिक्रमण के साथ-साथ अस्थायी अतिक्रमण भी हुआ है। इससे निपटने के लिए अब नगर परिषद को कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी।
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यहां रहता है अधिक अतिक्रमण
बस स्टैंड, रेलवे रोड, सफीदों रोड, रानी तालाब, गोहाना रोड, शिव चौक जैसे स्थानों पर दुकानों के बाहर 10 फुट तक अतिक्रमण रहता है। कुछ लोग पैसे लेकर दुकानों के बाहर रेहड़ी भी लगवाते हैं।
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आरा रोड पर पूरी गली की गई थी बंद
वहीं आरा रोड पर बांस रखकर एक गली ही बंद की गई थी। नगर परिषद को इसकी शिकायत भी की गई थी। ऐसे में वीरवार के अभियान के दौरान यहां से जब बांस उठाए गए तो अधिकारियों के साथ विवाद हो गया। नौबत हाथापाई तक आ गई थी। लेकिन मौके पर तैनात पुलिस ने बीच बचाव किया।
वर्जन
लगातार जारी रहेगा अभियान
शहर में वास्तव में अतिक्रमण ने काफी पैर फैला रखे हैं। बार-बार दुकानदारों को चेतावनी दी गई। लेकिन अतिक्रमण कम नहीं हुआ। अब अभियान शुरू किया गया है जो आगे भी जारी रहेगा। सामान उठाने के साथ-साथ जुर्मान व केस दर्ज करवाने की कार्रवाई भी की जाएगी। -मोहन भारद्वाज, मुख्य स्वच्छता निरीक्षक, जींद नगर परिषद।

नगरपरिषद की टीम के साथ बहस करते अतिक्रमण करने वाले लोग। संवाद।- फोटो : Jind