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अधिकारियों के सामने ही सिटी रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी में लोड हो रहे गेहूं की सरेआम हो रही चोरी
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जींद। सिटी रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी में लोड हो रहे गेहूं में बड़े स्तर पर अधिकारियों के सामने ही सरेआम चोरी हो रही है। इसमें सुबह लगभग नौ बजे ही 20 महिलाओं ने लोड हो रहे गेहूं में सेंधमारी शुरू कर दी थी। इन महिलाओं को न तो आरपीएफ के किसी अधिकारी ने रोका और न ही एफसीआई के। जिसके चलते शाम तक गेहूं चुराने की प्रक्रिया चलती रही।
सिटी रेलवे स्टेशन पर जब भी गेहूं लेने के लिए मालगाड़ी आती है। ऐसा ही आलम होता है। मंगलवार को एफसीआई का गेहूं मालगाड़ी में लोड हो रहा था। इस दौरान ट्रक में भरकर आने वाले गेहूं को मालगाड़ी में लोड करते समय कुछ नीचे गिर गया तो कुछ कट्टों के फटने से गिर गया। इसमें से रेलवे स्टेशन के आसपास रहने वाली लगभग 20 महिलाओं ने बैग में भरकर ले जाना शुरू कर दिया। इन महिलाओं को वहां पर मौजूद किसी भी कर्मचारी ने नहीं रोका। अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहरबानी के चलते इन महिलाओं ने सुबह से लेकर शाम तक गेहूं चोरी का यह अभियान लगातार जारी रहा।
अमर उजाला की टीम को देखकर भागने लगी महिलाएं
मालगाड़ी में लोड हो रहे गेहूं के चोरी होने की सूचना मिलने पर जब अमर उजाला की टीम ने मौके पर पहुंचकर गेहूं चोरी कर रही महिलाओं की फोटो व वीडियो बनाने लगी तो वे भागने लगी। चोरी की इस वारदात को कोई रोकता है या नहीं। इसके लिए अमर उजाला की टीम ने सुबह दस बजे से चार बजे तक अपना अभियान जारी रखा, लेकिन यहां पर स्थिति ज्यों की त्यों रही। इस दौरान वहां पर काम कर रहे एक कर्मचारी से पूछा उसने बताया कि गेहूं लोड होते समय दो लोगों की गेहूं की चोरी रोकने में ड्यूटी है। उनमें से कोई भी ड्यूटी पर नहीं आया। गेहूं हर बार इसी तरह से चोरी होता है।
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आसपास के झाड़ियों में छिपाती हैं गेहूं
यह महिलाएं मालगाड़ी के पास गाड़ियों तथा नीचे गिरे गेहूं के ढेर से गेहूं कपड़े में डालकर क्षमता अनुसार ले जाती हैं। इसके बाद वह आसपास की झाड़ियों में गेहूं को एकत्रित कर उसको बैग में भरकर घर पर पहुंचाती हैं। इसके बाद फिर से यही प्रक्रिया महिलाएं गेहूं चोरी करने में दोहराती हैं।
मालगाड़ी में जाने पर आरपीएफ की जिम्मेदारी
मालगाड़ी में गेहूं जाने पर आरपीएफ की जिम्मेदारी होती है कि वह गेहूं चोरी को रोके। उनकी जिम्मेदारी मालगाड़ी में गेहूं पहुंचाने की है। इसके बाद गेहूं को वहां से सुरक्षित लोड करवाने की जिम्मेदारी रेलवे की होती है।
-सुरेंद्र मैनेजर एफसीआई जींद।
मालगाड़ी में गेहूं लोड होने के बाद आरपीएफ की जिम्मेदारी
सिटी रेलवे स्टेशन पर लोड हो रही गेहूं को चोरी करने से रोकने की जिम्मेदारी आरपीएफ की है। आरपीएफ के कर्मचारी वहां पर चोरी रोकने का कार्य करते हैं।
-रोहताश जीआरपी थाना प्रभारी।
जब गेहूं मालगाड़ी में लोड होकर पूरी तरह से सील कर दिया जाता है। इसके बाद गेहूं को गंतव्य तक पहुंचाने की उनकी जिम्मेदारी है। इसके बावजूद भी अगर सिटी रेलवे स्टेशन पर गेहूं की चोरी होती है तो उन्होंने रोकने के लिए दो कर्मचारियों की ड्यूटी वहां पर लगाई है। आसपास की कुछ महिलाएं नीचे गिरे गेहूं को उठाकर ले जाने की सूचना मिली थी। इस पर महिलाओं को वहां से भगा दिया गया।
-सुरेश कुमार आरपीएफ इंचार्ज।
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सिटी रेलवे स्टेशन पर जब भी गेहूं लेने के लिए मालगाड़ी आती है। ऐसा ही आलम होता है। मंगलवार को एफसीआई का गेहूं मालगाड़ी में लोड हो रहा था। इस दौरान ट्रक में भरकर आने वाले गेहूं को मालगाड़ी में लोड करते समय कुछ नीचे गिर गया तो कुछ कट्टों के फटने से गिर गया। इसमें से रेलवे स्टेशन के आसपास रहने वाली लगभग 20 महिलाओं ने बैग में भरकर ले जाना शुरू कर दिया। इन महिलाओं को वहां पर मौजूद किसी भी कर्मचारी ने नहीं रोका। अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहरबानी के चलते इन महिलाओं ने सुबह से लेकर शाम तक गेहूं चोरी का यह अभियान लगातार जारी रहा।
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अमर उजाला की टीम को देखकर भागने लगी महिलाएं
मालगाड़ी में लोड हो रहे गेहूं के चोरी होने की सूचना मिलने पर जब अमर उजाला की टीम ने मौके पर पहुंचकर गेहूं चोरी कर रही महिलाओं की फोटो व वीडियो बनाने लगी तो वे भागने लगी। चोरी की इस वारदात को कोई रोकता है या नहीं। इसके लिए अमर उजाला की टीम ने सुबह दस बजे से चार बजे तक अपना अभियान जारी रखा, लेकिन यहां पर स्थिति ज्यों की त्यों रही। इस दौरान वहां पर काम कर रहे एक कर्मचारी से पूछा उसने बताया कि गेहूं लोड होते समय दो लोगों की गेहूं की चोरी रोकने में ड्यूटी है। उनमें से कोई भी ड्यूटी पर नहीं आया। गेहूं हर बार इसी तरह से चोरी होता है।
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आसपास के झाड़ियों में छिपाती हैं गेहूं
यह महिलाएं मालगाड़ी के पास गाड़ियों तथा नीचे गिरे गेहूं के ढेर से गेहूं कपड़े में डालकर क्षमता अनुसार ले जाती हैं। इसके बाद वह आसपास की झाड़ियों में गेहूं को एकत्रित कर उसको बैग में भरकर घर पर पहुंचाती हैं। इसके बाद फिर से यही प्रक्रिया महिलाएं गेहूं चोरी करने में दोहराती हैं।
मालगाड़ी में जाने पर आरपीएफ की जिम्मेदारी
मालगाड़ी में गेहूं जाने पर आरपीएफ की जिम्मेदारी होती है कि वह गेहूं चोरी को रोके। उनकी जिम्मेदारी मालगाड़ी में गेहूं पहुंचाने की है। इसके बाद गेहूं को वहां से सुरक्षित लोड करवाने की जिम्मेदारी रेलवे की होती है।
-सुरेंद्र मैनेजर एफसीआई जींद।
मालगाड़ी में गेहूं लोड होने के बाद आरपीएफ की जिम्मेदारी
सिटी रेलवे स्टेशन पर लोड हो रही गेहूं को चोरी करने से रोकने की जिम्मेदारी आरपीएफ की है। आरपीएफ के कर्मचारी वहां पर चोरी रोकने का कार्य करते हैं।
-रोहताश जीआरपी थाना प्रभारी।
जब गेहूं मालगाड़ी में लोड होकर पूरी तरह से सील कर दिया जाता है। इसके बाद गेहूं को गंतव्य तक पहुंचाने की उनकी जिम्मेदारी है। इसके बावजूद भी अगर सिटी रेलवे स्टेशन पर गेहूं की चोरी होती है तो उन्होंने रोकने के लिए दो कर्मचारियों की ड्यूटी वहां पर लगाई है। आसपास की कुछ महिलाएं नीचे गिरे गेहूं को उठाकर ले जाने की सूचना मिली थी। इस पर महिलाओं को वहां से भगा दिया गया।
-सुरेश कुमार आरपीएफ इंचार्ज।