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Jind News: 40 साल से गांव में जलघर, फिर भी भूमिगत पानी पीने को मजबूर बधाना के ग्रामीण
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04जेएनडी08: नहरी पानी के लिए रोष प्रकट करते हुए बधाना गांव की महिलाएं। संवाद
अलेवा। सरकार ने बधाना गांव में पीने के पानी के लिए वर्ष 1985 में जलघर का निर्माण किया था। जलापूर्ति विभाग उच्चाधिकारियों के रख-रखाव के अभाव में गांव के लोगों को अभी तक भी पीने के पानी के नाम पर नहरी पानी नसीब नहीं हुआ है। इसके कारण 40 साल से गांव के लोगों को पीने के लिए नहरी पानी नसीब नहीं होने के कारण ग्रामीणों में सरकार तथा विभाग के प्रति रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि नहरी पानी नहीं मिलने के कारण गांव के लोग भूमिगत खारा पानी पीने को मजबूर हो रहे हैं।
बधाना गांव निवासी रामकरण, विकास, संदीप, हवा सिंह और महिला कमलेश, रीना, सुदेश, बिमला ने बताया कि सरकार ने गांव में पीने के पानी की किल्लत को देखते हुए वर्ष 1985 में जलघर का निर्माण करवाया था। विभाग के अधिकारियों की मायूसी के चलते गांव के लोगों को 40 साल से पीने के पानी के नाम पर नहरी पानी नसीब हुआ है। विभाग द्वारा जलघर में लगे सबमर्सिबल से गांव के लोगों को पीने के पानी के नाम पर जो सप्लाई दी जा रही है, उसको पीना तो दूर की बात कपड़े धोने लायक तक नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शुरू से ही विभाग के अधिकारियों व स्थानीय विधायक को नहरी पानी देने के लिए सूचित किया जा रहा है, लेकिन अधिकारी गांव के लोगों की बात सुनने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के जलघर से जल्द से लोगों को नहरी पानी दिया जाए ताकि लोगों को पीने के पानी के नाम पर किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
वर्जन
नहरी पानी के लिए लगभग पांच लाख रुपये का टेंडर पास हो चुका है। इसके लिए ठेकेदार भी अलॉट हो चुका है। गांव के लोगों को जल्द से जल्द पीने के पानी के नाम पर नहरी पानी मिलेगा।
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रोहित, जेई जलापूर्ति विभाग
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बधाना गांव निवासी रामकरण, विकास, संदीप, हवा सिंह और महिला कमलेश, रीना, सुदेश, बिमला ने बताया कि सरकार ने गांव में पीने के पानी की किल्लत को देखते हुए वर्ष 1985 में जलघर का निर्माण करवाया था। विभाग के अधिकारियों की मायूसी के चलते गांव के लोगों को 40 साल से पीने के पानी के नाम पर नहरी पानी नसीब हुआ है। विभाग द्वारा जलघर में लगे सबमर्सिबल से गांव के लोगों को पीने के पानी के नाम पर जो सप्लाई दी जा रही है, उसको पीना तो दूर की बात कपड़े धोने लायक तक नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शुरू से ही विभाग के अधिकारियों व स्थानीय विधायक को नहरी पानी देने के लिए सूचित किया जा रहा है, लेकिन अधिकारी गांव के लोगों की बात सुनने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के जलघर से जल्द से लोगों को नहरी पानी दिया जाए ताकि लोगों को पीने के पानी के नाम पर किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
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वर्जन
नहरी पानी के लिए लगभग पांच लाख रुपये का टेंडर पास हो चुका है। इसके लिए ठेकेदार भी अलॉट हो चुका है। गांव के लोगों को जल्द से जल्द पीने के पानी के नाम पर नहरी पानी मिलेगा।
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रोहित, जेई जलापूर्ति विभाग