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जान बूझकर या अनजाने व्यर्थ बहाया जा रह जल : रणधीर
Sat, 14 Sep 2024 02:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 14 Sep 2024 02:23 AM IST
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जींद। जल संरक्षण समय की जरूरत है, इसलिए आज अगर इसे नही बचाएंगे तो कल जीवन भी नहीं बचेगा। यह बात जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जिला सलाहकार रणधीर मताना ने शुक्रवार को अमृत 2.0 के तहत राजकीय कन्या मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि जल जीवन का आधार है। जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है, लेकिन समय के साथ जानबूझ कर या अनजाने में पेयजल को व्यर्थ बहाया जा रहा है। इसके कारण शुद्ध पेयजल की कमी होती जा रही है। यदि समय रहते हमने जल संरक्षण को अपने जीवन में नहीं अपनाया, तो भविष्य में जल संकट को लेकर बुरे परिणाम सामने आएंगे। हमें खुद से जल बचाने की पहल करनी होगी। हर घर नल पर टेप लगानी होगी। उन्होंने छात्राओं से कहा कि पेयजल व सीवर समस्या के समाधान के लिए विभाग में आने के बजाय टोल फ्री नंबर 18001805678 पर शिकायत दर्ज करवाएं।
खंड समन्वयक दिनेश मलिक ने फील्ड टेस्टिंग किट के बारे में जानकारी देते हुए कहा की शुद्ध पेयजल ही हमारे जीवन का आधार है। फील्ड टेस्टिंग किट से हम अपने घर में सप्लाई होने वाले पेयजल की जांच कर सकते हैं। उपभोक्ता फील्ड टेस्टिंग किट में साफ हाथों से दिए गए निशान तक नल से जल भरकर सामान्य तापमान में रख दें। यदि बोतल का पानी काले रंग का हो जाता है तो यह पीने योग्य नहीं है। स्कूल प्रिंसिपल शशि नैन ने कहा कि जल संरक्षण में छात्राओं की अहम भूमिका है। छात्राएं शिक्षा के साथ जल संरक्षण जैसे सामाजिक अभियान से खुद जुड़े व दूसरे लोगों को भी प्रेरित करें।
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उन्होंने कहा कि जल जीवन का आधार है। जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है, लेकिन समय के साथ जानबूझ कर या अनजाने में पेयजल को व्यर्थ बहाया जा रहा है। इसके कारण शुद्ध पेयजल की कमी होती जा रही है। यदि समय रहते हमने जल संरक्षण को अपने जीवन में नहीं अपनाया, तो भविष्य में जल संकट को लेकर बुरे परिणाम सामने आएंगे। हमें खुद से जल बचाने की पहल करनी होगी। हर घर नल पर टेप लगानी होगी। उन्होंने छात्राओं से कहा कि पेयजल व सीवर समस्या के समाधान के लिए विभाग में आने के बजाय टोल फ्री नंबर 18001805678 पर शिकायत दर्ज करवाएं।
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खंड समन्वयक दिनेश मलिक ने फील्ड टेस्टिंग किट के बारे में जानकारी देते हुए कहा की शुद्ध पेयजल ही हमारे जीवन का आधार है। फील्ड टेस्टिंग किट से हम अपने घर में सप्लाई होने वाले पेयजल की जांच कर सकते हैं। उपभोक्ता फील्ड टेस्टिंग किट में साफ हाथों से दिए गए निशान तक नल से जल भरकर सामान्य तापमान में रख दें। यदि बोतल का पानी काले रंग का हो जाता है तो यह पीने योग्य नहीं है। स्कूल प्रिंसिपल शशि नैन ने कहा कि जल संरक्षण में छात्राओं की अहम भूमिका है। छात्राएं शिक्षा के साथ जल संरक्षण जैसे सामाजिक अभियान से खुद जुड़े व दूसरे लोगों को भी प्रेरित करें।
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