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एनसीआर में शामिल होने के बाद अधिकारियों ने बनाई खास योजना

Thu, 03 Mar 2016 12:14 AM IST
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो Updated Thu, 03 Mar 2016 12:14 AM IST
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एनसीआर में शामिल होने के बाद अब जींद की कई परियोजनाओं में राष्ट्रीय हरित ट्रिब्यूनल के नियमों के अनुसार बदलाव किया जाएगा। वर्तमान परियोजनाओं में सर्वाधिक असर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) पर पड़ेगा। इसके तहत एसटीपी की बॉयोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) 30 से घटा कर दस तक लाई जाएगी। इसके लिए एसटीपी में कई प्रकार के बदलाव किए जाएंगे।

पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में चली मीटिंग में शहर की कई परियोजनाओं पर अधिकारियों ने चर्चा की। जींद शहर के सीवरेज के पानी को साफ करने के लिए फिलहाल तीन एसटीपी कार्य कर रहे हैं। इसमें दो एसटीपी जनस्वास्थ्य विभाग के हैं। हांसी रोड पर दस मिलियन लीटर डेली (एमएलडी) व नरवाना रोड पर पांच एमएलडी के एसटीपी हैं।
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वहीं गोहाना रोड पर हुडा का दस एमएलडी क्षमता का एसटीपी है। इन तीनों एसटीपी से 30 से 35 बीओडी का पानी निकलता है। एनजीटी के नियमों के अनुसार ट्रीट होकर प्लांट से निकलने वाले पानी का बीओडी महज दस होना चाहिए। एनजीटी के नियमों के अनुसार अब इन सभी एसटपी का डिजाइन बदलना पड़ेगा।
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पर्यावरण को होगा लाभ
नई तकनीक और डिजाइन के अनुसार एसटीपी बनने से पर्यावरण को काफी लाभ होगा। फिलहाल एसटपी से निकलने वाले पानी में गंदगी बहुत अधिक होती है। इससे यह पानी खेतों में जाकर दिक्कत करता है। विशेषकर सब्जियों के खेत में जाने से बीमारियां होने का खतरा भी रहता है। पानी की गुणवत्ता और अधिक बढ़ने के बाद पर्यावरण को काफी लाभ होगा।

रोहतक रोड पर प्रस्तावित है एसटीपी
जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा रोहतक रोड पर एक पांच एमएलडी का एसटीपी और बनाने की योजना तैयार की गई है। इसका प्रस्ताव जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा मुख्यालय को भेजा गया है, लेकिन अभी इसको अंतिम रूप नहीं मिला है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है।

सूखे क्षेत्र को मिलेगा पानी
प्रदूषण का स्तर कम के लिए पानी की बीओडी घटना के अलावा नरवाना रोड स्थित एसटीपी का पानी साफ कर सूखे क्षेत्र की ओर ले जाने की योजना भी बनी है। फिलहाल एसटपी से निकलने वाला पानी आसपास के खेतों तक ही जाता है। जरूरत नहीं होने पर पानी सड़क किनारे फैल जाता है। नई योजना के अनुसार इस पानी को पाइपलाइन के माध्यम से झांझ गांव तक ले जाया जाएगा।

जींद एनसीआर में आने के कारण एनजीटी के दिशा निर्देशानुसार पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए कई बदलाव किए जाने हैं। इसमें एसटीपी से निकलने वाले अधिक बीओडी वाले पानी का बीओडी कम करना भी शामिल है। इसके लिए अधिकारियों के साथ चर्चा हुई है।

बीपी शर्मा, एक्सईएन जनस्वास्थ्य विभाग

जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में कई योजनाओं पर चर्चा हुई है। इनमें एसटीपी से निकलने वाले पानी को अधिक शुद्ध करना है। इसके अलावा नरवाना रोड एसटीपी के ट्रीट पानी को सूखे खेतों तक ले जाया जाएगा, इसके अलावा एक और नए एसटीपी के निर्माण पर भी चर्चा हुई है।
विनय सिंह, डीसी जींद।

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