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Jind News: 15 दिन से बंद बरवाला ब्रांच नहर में आया पानी, 70 गांव के लोगों को मिली राहत
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01जेएनडी02-बरवाला ब्रांच नहर में आया पानी, जो 15 दिनों से बंद पड़ी थी। संवाद
जींद। 15 दिन (14 दिसंबर) से बंद बरवाला ब्रांच नहर में पानी आ गया है। क्षेत्र के 70 गांवों के लोगों को राहत मिली है। क्योंकि इन गांव में पेयजल संकट गहरा गया था।
दिल्ली-बठिंडा रेलमार्ग स्थित नहर पुल जर्जर हालत में था जिसकी मरम्मत की जानी थी। रेलवे ने सिंचाई विभाग से 15 दिन नहर बंद करवाने को कहा था। रेलवे प्रबंधन का कहना था कि यदि यह कार्य नहीं हुआ तो हादसा हो सकता है। सिंचाई विभाग ने नहर को बंद करवाकर रेल पुल के जर्जर पिल्लरों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया था। यह कार्य लगभग 15 दिन तक चला था।
नरवाना क्षेत्र के गांव भीखेवाला, फरैण कलां, ईस्माइलपुर, दबलैन, फरैण खुर्द, खानपुर, कर्मगढ़, कान्हाखेड़ा, अमरगढ़, कलौदा कलां, फुलियां कलां, फुलियां खुर्द, लोन, सुरजाखेड़ा, गुरथली, भाणा ब्राह्मण, हथो, सिंघवाल, सींसर व अन्य गांवों में बरवाला ब्रांच नहर से पेयजल की सप्लाई होती है।
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इन गांवों में जमीनी पानी पीने लायक नहीं है। क्योंकि जमीनी पानी की टीडीएस मात्रा 1500 से ऊपर है। खारा पानी पीना तो दूर नहाने के लायक भी नहीं है। खारे पानी के कारण दांतों में पायरिया की समस्या और अन्य पेट से संबंधित बीमारियां होने का खतरा बना हुआ है।
सिंचाई विभाग के एक्सईएन सौरभ गोयल ने बताया कि रेलवे ने जर्जर पुल की मरम्मत को लेकर नहर को 15 दिन बंद करवाने को कहा था। पुल की मरम्मत का काम पूरा हो गया और नहर में 29 दिसंबर को पानी छोड़ा दिया है। लोगों को अब पेयजल की समस्या भी नहीं होगी।
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दिल्ली-बठिंडा रेलमार्ग स्थित नहर पुल जर्जर हालत में था जिसकी मरम्मत की जानी थी। रेलवे ने सिंचाई विभाग से 15 दिन नहर बंद करवाने को कहा था। रेलवे प्रबंधन का कहना था कि यदि यह कार्य नहीं हुआ तो हादसा हो सकता है। सिंचाई विभाग ने नहर को बंद करवाकर रेल पुल के जर्जर पिल्लरों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया था। यह कार्य लगभग 15 दिन तक चला था।
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नरवाना क्षेत्र के गांव भीखेवाला, फरैण कलां, ईस्माइलपुर, दबलैन, फरैण खुर्द, खानपुर, कर्मगढ़, कान्हाखेड़ा, अमरगढ़, कलौदा कलां, फुलियां कलां, फुलियां खुर्द, लोन, सुरजाखेड़ा, गुरथली, भाणा ब्राह्मण, हथो, सिंघवाल, सींसर व अन्य गांवों में बरवाला ब्रांच नहर से पेयजल की सप्लाई होती है।
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इन गांवों में जमीनी पानी पीने लायक नहीं है। क्योंकि जमीनी पानी की टीडीएस मात्रा 1500 से ऊपर है। खारा पानी पीना तो दूर नहाने के लायक भी नहीं है। खारे पानी के कारण दांतों में पायरिया की समस्या और अन्य पेट से संबंधित बीमारियां होने का खतरा बना हुआ है।
सिंचाई विभाग के एक्सईएन सौरभ गोयल ने बताया कि रेलवे ने जर्जर पुल की मरम्मत को लेकर नहर को 15 दिन बंद करवाने को कहा था। पुल की मरम्मत का काम पूरा हो गया और नहर में 29 दिसंबर को पानी छोड़ा दिया है। लोगों को अब पेयजल की समस्या भी नहीं होगी।