{"_id":"674a21bd5ae5017db00d0c25","slug":"vinesh-phogat-came-forward-said-on-the-missing-poster-i-am-alive-jind-news-c-199-1-sroh1009-126403-2024-11-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: सामने आईं विनेश फोगाट, लापता पोस्टर पर बोलीं- मैं जिंदा हूं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: सामने आईं विनेश फोगाट, लापता पोस्टर पर बोलीं- मैं जिंदा हूं
Sat, 30 Nov 2024 01:49 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 30 Nov 2024 01:49 AM IST
विज्ञापन
29जेएनडी08: अर्बन इस्टेट स्थित कार्यालय में हलकावासियों से बातचीत करते हुए विधायक पहलवान विनेश
विधानसभा सत्र के दौरान गुमशुदा के लगे पोस्टरों के बाद जुलाना से विधायक विनेश फोगाट पहली बार सामने आईं। उन्होंने कहा कि वह गुमशुदा नहीं हुईं, बल्कि जिंदा हैं। कुछ लोगों की निम्न स्तर की सोच के कारण उनका विधायक बनना हजम नहीं हो रहा। विनेश फोगाट ने शुक्रवार को अर्बन एस्टेट स्थित कार्यालय में लोगों की समस्याएं सुनीं।
विनेश फौगाट ने कहा कि वायनाड उपचुनाव में ड्यूटी लगने के चलते वह विधानसभा सत्र में नहीं पहुंच पाई थी। कुछ लोगों ने जुलाना में उनके लापता होने के पोस्टर चिपका दिए थे। इसके बाद विधायक विनेश पहली बार जींद पहुंचीं। उन्होंने अपने लापता होने के पोस्टर चिपकाने को कुछ लोगों की छोटी मानसिकता बताया। उन्होंने कहा कि जुलाना से कोई लड़की विधानसभा से पहली बार टिकट लेकर चुनाव जीत गई है। इसके लिए गर्व महसूस करना चाहिए। जब वह चुनाव के चलते बाहर गई थी तो उस समय उनके पति, भाई और उनके कार्यकर्ता हलके को संभाल रहे थे।
विनेश ने दरबार कहने पर जताई आपत्ति
विनेश ने जनसमस्याओं को सुनते समय इसको दरबार कहने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि उनके पास अपने लोग आ रहे हैं। वह उनकी बात सुन रही हैं। यह काम लगातार होता रहेगा। कोई आएगा तो उनकी बात सुनेंगे। कोई काम होगा तो वह समाधान करवाएंगी। वह भी सप्ताह में दो से तीन दिन हलके में ही रहती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विनेश फौगाट ने कहा कि वायनाड उपचुनाव में ड्यूटी लगने के चलते वह विधानसभा सत्र में नहीं पहुंच पाई थी। कुछ लोगों ने जुलाना में उनके लापता होने के पोस्टर चिपका दिए थे। इसके बाद विधायक विनेश पहली बार जींद पहुंचीं। उन्होंने अपने लापता होने के पोस्टर चिपकाने को कुछ लोगों की छोटी मानसिकता बताया। उन्होंने कहा कि जुलाना से कोई लड़की विधानसभा से पहली बार टिकट लेकर चुनाव जीत गई है। इसके लिए गर्व महसूस करना चाहिए। जब वह चुनाव के चलते बाहर गई थी तो उस समय उनके पति, भाई और उनके कार्यकर्ता हलके को संभाल रहे थे।
विज्ञापन
विनेश ने दरबार कहने पर जताई आपत्ति
विनेश ने जनसमस्याओं को सुनते समय इसको दरबार कहने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि उनके पास अपने लोग आ रहे हैं। वह उनकी बात सुन रही हैं। यह काम लगातार होता रहेगा। कोई आएगा तो उनकी बात सुनेंगे। कोई काम होगा तो वह समाधान करवाएंगी। वह भी सप्ताह में दो से तीन दिन हलके में ही रहती हैं।
विज्ञापन