फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   thousands of people bathed in pandu pindara shrine and performed pind daan

हजारों लोगों ने पांडु पिंडारा तीर्थ में स्नान कर किया पिंडदान

Wed, 06 Oct 2021 11:57 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 06 Oct 2021 11:57 PM IST
विज्ञापन
thousands of people bathed in pandu pindara shrine and performed pind daan
मेले में मौजूद श्रद्वालु। - फोटो : Jind
जींद। महाभारत कालीन ऐतिहासिक तीर्थ पांडु पिंडारा में बुधवार को सर्व पितृ अमावस्या पर हजारों श्रद्धालुओं ने सरोवर में स्नान किया तथा पिंडदान करके तर्पण किया। सनातन धर्म में श्राद्ध का विशेष महत्व माना जाता है, लेकिन अगर किसी को अपने पितरों की पुण्यतिथि याद न हो तो इस स्थिति में सर्वपितृ श्राद्ध अमावस्या के दिन उन पितरों का श्राद्ध किया जा सकता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन श्राद्ध करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। इस बार पितृ पक्ष की सर्वपितृ अमावस्या पर गजछाया योग बना। इससे पहले ये योग 11 साल पहले 2010 में बना था।
विज्ञापन

ऐतिहासिक पिंडतारक तीर्थ पर मंगलवार को शाम से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। पूरी रात धर्मशालाओं में सत्संग तथा कीर्तन आदि का आयोजन चलता रहा। बुधवार को अल सुबह से ही श्रद्धालुओं ने सरोवर में स्नान तथा पिंडदान शुरू कर दिया जो मध्याह्न के बाद तक चलता रहा। इस मौके पर दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया तथा सूर्यदेव को जलार्पण करके सुख समृद्धि की कामना की। पिंडारा तीर्थ पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने जमकर खरीददारी की। तीर्थ पर जगह-जगह लोगों ने सामान बेचने के लिए फड़े लगाई हुई थी। जिस पर बच्चों तथा महिलाओं ने खरीददारी की। बच्चों ने जहां अपने लिए खिलौने खरीदे तो वहीं बड़ों ने भी घर के लिए सामान खरीदे।
विज्ञापन

-------
यह है महत्व
पिंडतारक तीर्थ के संबंध में किंवदंती है कि महाभारत युद्ध के बाद पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पांडवों ने यहां 12 वर्ष तक सोमवती अमावस्या की प्रतीक्षा में तपस्या की। बाद में सोमवती अमावस्या के आने पर युद्ध में मारे गए परिजनों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया। तभी से यह माना जाता है कि पांडु पिंडारा स्थित पिंडतारक तीर्थ पर पिंडदान करने से पूर्वजों को मोक्ष मिल जाता है। महाभारत काल से ही पितृ विसर्जन की अमावस्या विशेषकर सोमवती अमावस्या पर यहां पिंडदान करने का विशेष महत्व है।
विज्ञापन
विज्ञापन

------
शहर में रही जाम की स्थिति
अमावस्या को देखते हुए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। ऐसे में बुधवार दोपहर तक शहर में जाम की स्थिति बनी रही। सबसे ज्यादा भीड़ जींद-गोहाना मार्ग पर रही। जाम को खुलवाने में पुलिसकर्मियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पिंडारा तीर्थ पर पुलिसकर्मियों की स्पेशल ड्यूटी लगाई गई थी। व्यवस्था बनाए रखने के लिए जगह-जगह बेरिकेट्स लगाकर जाम से निपटने की व्यवस्था की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed