{"_id":"6945a6e9c4f2ec89ef03a290","slug":"they-were-made-aware-of-the-negative-consequences-of-the-skewed-sex-ratio-jind-news-c-199-1-sroh1009-145658-2025-12-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: लिंगानुपात के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: लिंगानुपात के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया
विज्ञापन
19जेएनडी01: लखमीरवाला गांव में नुक्कड़ सभा कर बेटी बचाओ के लिए जागरूक कर शपथ दिलवाते हुए स्वास्
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। लखमीरवाला गांव में एमपीएचडब्ल्यू वीरेंद्र दलाल की ओर से नुक्कड़ सभाओं का आयोजन कर ग्रामवासियों को गिरते लिंगानुपात के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया। ग्रामीणों को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा के लिए शपथ भी दिलाई गई।
वीरेंद्र दलाल ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ भारत सरकार की ओर से शुरू किया गया एक महत्त्वपूर्ण अभियान है। इसका उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, उनके अधिकारों की रक्षा करना और शिक्षा को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा कि यह अभियान लिंग अनुपात में सुधार लाने के साथ-साथ बेटियों के प्रति भेदभाव को समाप्त करने की दिशा में एक सशक्त पहल है। इसमें सरकार और समाज दोनों की सामूहिक भूमिका आवश्यक है।
विज्ञापन
एएनएम रेखा कौशिक ने पीएनडीटी एक्ट की जानकारी देते हुए बताया कि गर्भ में लिंग जांच कराना कानूनन अपराध है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने पर सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वह इस कानून का पालन करें और बेटियों के संरक्षण में सहयोग करें।
विज्ञापन
जींद। लखमीरवाला गांव में एमपीएचडब्ल्यू वीरेंद्र दलाल की ओर से नुक्कड़ सभाओं का आयोजन कर ग्रामवासियों को गिरते लिंगानुपात के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया। ग्रामीणों को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा के लिए शपथ भी दिलाई गई।
वीरेंद्र दलाल ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ भारत सरकार की ओर से शुरू किया गया एक महत्त्वपूर्ण अभियान है। इसका उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, उनके अधिकारों की रक्षा करना और शिक्षा को बढ़ावा देना है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि यह अभियान लिंग अनुपात में सुधार लाने के साथ-साथ बेटियों के प्रति भेदभाव को समाप्त करने की दिशा में एक सशक्त पहल है। इसमें सरकार और समाज दोनों की सामूहिक भूमिका आवश्यक है।
विज्ञापन
एएनएम रेखा कौशिक ने पीएनडीटी एक्ट की जानकारी देते हुए बताया कि गर्भ में लिंग जांच कराना कानूनन अपराध है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने पर सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वह इस कानून का पालन करें और बेटियों के संरक्षण में सहयोग करें।