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Jind News: प्रशासन माैन, नमी के मानकों की जांच किए बिना गोदाम में रखवा रहे गीला गेहूं
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03जेएनडी13: शहर की अनाजमंडी से बिना सुखाए ही ट्रक में गेहूं की बोरियों को लोड कर गोदाम में लेकर
जींद। गेहूं खरीद के समय मंडियों में नमी के नाम पर दस दिन बीतने के बाद भी किसानों से गेहूं नहीं खरीदा गया था, लेकिन अब मंडियों में शुक्रवार सुबह हुई बरसात में भीगे गेहूं को सुखाने की बजाए गीले का ही उठान करवाया जा रहा है। अब मंडी में नमी के मानकों की कोई जांच पड़ताल नहीं की जा रही।
इस तरह से भीगे गेहूं का उठान करवाने और गोदामों में रखने से यह कुछ दिन बाद ही खराब हो जाएगा। इस पर प्रशासन भी मूकबधिर बना हुआ है।
जिलेभर की मंडियों में शुक्रवार को बरसात के दौरान लगभग 23 लाख क्विंटल गेहूं भीगा था। अनाजमंडी में एसडीएम सत्यवान मान के निरीक्षण के दौरान सामने आया कि गेहूं को कुछ हद तक तिरपाल बिछाकर बचाने का प्रयास किया गया था, लेकिन गेहूं ज्यादा होने के कारण इतने संसाधन संभव नहीं थे। एसडीएम ने जींद व राजपुरा की मंडी में गेहूं पर तिरपाल नहीं ढकने वाले 13 आढ़तियों को नोटिस जारी किया था। शनिवार को न तो कोई अधिकारी मंडी में गेहूं की नमी की जांच के लिए पहुंचा और न ही खरीद एजेंसियों ने बोरियों में भरे गेहूं को सुखाने की जहमत उठाई। इसके चलते मंडी के बाहर लगाई गई गेहूं की बोरियों को सीधे अब ट्रकों में भरकर गोदामों में ले जाया जा रहा है। इस गेहूं में नमी की मात्रा फिलहाल ज्यादा है। नियमानुसार बरसात में भीगे गेहूं का उठान करवाने से पहले इनको सुखाना होता है, लेकिन मंडी में ऐसा नहीं किया जा रहा। इसके कारण आगामी कुछ ही दिनों में गोदामों में रखा यह गेहूं खराब होने की कगार पर पहुंच जाएगा। इससे सरकार का करोड़ों रुपये का नुकसान होने की संभावना है।
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इस तरह से भीगे गेहूं का उठान करवाने और गोदामों में रखने से यह कुछ दिन बाद ही खराब हो जाएगा। इस पर प्रशासन भी मूकबधिर बना हुआ है।
जिलेभर की मंडियों में शुक्रवार को बरसात के दौरान लगभग 23 लाख क्विंटल गेहूं भीगा था। अनाजमंडी में एसडीएम सत्यवान मान के निरीक्षण के दौरान सामने आया कि गेहूं को कुछ हद तक तिरपाल बिछाकर बचाने का प्रयास किया गया था, लेकिन गेहूं ज्यादा होने के कारण इतने संसाधन संभव नहीं थे। एसडीएम ने जींद व राजपुरा की मंडी में गेहूं पर तिरपाल नहीं ढकने वाले 13 आढ़तियों को नोटिस जारी किया था। शनिवार को न तो कोई अधिकारी मंडी में गेहूं की नमी की जांच के लिए पहुंचा और न ही खरीद एजेंसियों ने बोरियों में भरे गेहूं को सुखाने की जहमत उठाई। इसके चलते मंडी के बाहर लगाई गई गेहूं की बोरियों को सीधे अब ट्रकों में भरकर गोदामों में ले जाया जा रहा है। इस गेहूं में नमी की मात्रा फिलहाल ज्यादा है। नियमानुसार बरसात में भीगे गेहूं का उठान करवाने से पहले इनको सुखाना होता है, लेकिन मंडी में ऐसा नहीं किया जा रहा। इसके कारण आगामी कुछ ही दिनों में गोदामों में रखा यह गेहूं खराब होने की कगार पर पहुंच जाएगा। इससे सरकार का करोड़ों रुपये का नुकसान होने की संभावना है।

03जेएनडी13: शहर की अनाजमंडी से बिना सुखाए ही ट्रक में गेहूं की बोरियों को लोड कर गोदाम में लेकर
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