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खेतों से पानी निकासी के लिए साइफन खुलवाने पहुंची टीम, किसानों ने किया इनकार
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साइफन खुलवाने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों से बात करते हुए। संवाद
- फोटो : Jind
जुलाना। गांव पोली के खेतों से साइफन खुलवाकर बरसाती पानी निकालने के लिए पुलिस बल के साथ प्रशासन की टीम पहुंची। इस मौके पर एसडीएम दलबीर सिंह, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता राजीव राठी, जुलाना तहसीलदार राकेश मलिक, सिंचाई विभाग के एसडीओ अनिल कादयान, जुलाना थाना प्रभारी समरजीत सिंह मौजूद रहे।
प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से साइफन खोलने की बात कही, लेकिन किसान नहीं माने। किसानों ने बताया कि साइफन खुलने से उनके खेतों में पानी भर जाएगा, जिससे गेहूं की बिजाई नहीं हो पाएगी। पोली गांव के 800 एकड़ में अब भी चार से पांच फीट बरसाती पानी भरा हुआ है। निकासी के लिए रेलवे लाइन के नीचे साइफन दबाया गया है। किसानों ने कहा कि उनकी एक फसल तो खराब हो गई है और आने वाली फसल पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों से निकासी का स्थायी समाधान करने की मांग की। किसानों के मना करने पर प्रशासन अब पाइपलाइन द्वारा खेतों का पानी निकालेगा, जिसके लिए पंप सेट लगा दिया गया है और बिजली के कनेक्शन भी कर दिए गए हैं।
अधिकारियों से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री तक लगा चुके हैं गुहार
ग्रामीण अधिकारियों से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को अपनी समस्या से अवगत करवा चुके हैं, लेकिन कोई भी समाधान नहीं हो पाया। किसानों ने कहा कि दो माह बीत जाने के बाद भी तीन-चार फुट पानी खेतों में खड़ा है। शनिवार को भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ग्रामीणों को उनकी समस्या का समाधान करवाने का आश्वासन दिया था।
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जींद के एसडीएम दलबीर सिंह ने बताया कि प्रशासन खेतों से पानी निकासी के लिए पहुंचा था, लेकिन ग्रामीणों के आपसी विवाद के चलते निकासी का कोई समाधान नहीं हो पाया। अब प्रशासन पाइपलाइन बिछाकर लजवाना-पोली ड्रेन में पानी डालेगा। प्रशासन द्वारा पंप सेट व बिजली के प्रबंध कर दिए गए हैं।
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प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से साइफन खोलने की बात कही, लेकिन किसान नहीं माने। किसानों ने बताया कि साइफन खुलने से उनके खेतों में पानी भर जाएगा, जिससे गेहूं की बिजाई नहीं हो पाएगी। पोली गांव के 800 एकड़ में अब भी चार से पांच फीट बरसाती पानी भरा हुआ है। निकासी के लिए रेलवे लाइन के नीचे साइफन दबाया गया है। किसानों ने कहा कि उनकी एक फसल तो खराब हो गई है और आने वाली फसल पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों से निकासी का स्थायी समाधान करने की मांग की। किसानों के मना करने पर प्रशासन अब पाइपलाइन द्वारा खेतों का पानी निकालेगा, जिसके लिए पंप सेट लगा दिया गया है और बिजली के कनेक्शन भी कर दिए गए हैं।
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अधिकारियों से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री तक लगा चुके हैं गुहार
ग्रामीण अधिकारियों से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को अपनी समस्या से अवगत करवा चुके हैं, लेकिन कोई भी समाधान नहीं हो पाया। किसानों ने कहा कि दो माह बीत जाने के बाद भी तीन-चार फुट पानी खेतों में खड़ा है। शनिवार को भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ग्रामीणों को उनकी समस्या का समाधान करवाने का आश्वासन दिया था।
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जींद के एसडीएम दलबीर सिंह ने बताया कि प्रशासन खेतों से पानी निकासी के लिए पहुंचा था, लेकिन ग्रामीणों के आपसी विवाद के चलते निकासी का कोई समाधान नहीं हो पाया। अब प्रशासन पाइपलाइन बिछाकर लजवाना-पोली ड्रेन में पानी डालेगा। प्रशासन द्वारा पंप सेट व बिजली के प्रबंध कर दिए गए हैं।