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स्वच्छता सर्वेक्षण में सुधरी जींद की स्थिति, 195 वां स्थान मिला
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लघुसचिवालय के सामने सिटी शॉपिंग सेंटर के एक खाली प्लॉट में जलाया गया कूड़ा। संवाद
- फोटो : Jind
जींद। बेशक सफाई को लेकर नगर परिषद लोगों के निशाने पर रहता है, लेकिन स्वच्छता सर्वेक्षण में जींद की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। पिछले साल जहां स्वच्छता के मामले में जींद शहर को 204वां स्थान मिला था, वहीं इस बार 195वां मिला है। ऐसे में स्वच्छता के मामले में नौ अंक का सुधार हुआ है।
इसी साल जनवरी महीने में स्वच्छता सर्वेक्षण होना था। उस समय कोरोना के कहर के चलते सर्वेक्षण का काम मार्च महीने में किया गया। इसका परिणाम अब जारी हुआ है। इसमें जींद शहर में सफाई, जनसुविधाओं व फीडबैक के आधार पर 2510.62 अंक मिले हैं। इसके आधार पर जींद को 195वीं रैंक मिली है। हालांकि जींद से नीचे प्रदेश के पलवल, सिरसा व सोनीपत शहर ही रहे हैं। हालांकि जींद का प्रदर्शन आंकड़ों में सुधरा है, लेकिन शहर के लोगों को सफाई को लेकर काफी शिकायतें रहती हैं।
सिर्फ कूड़ा उठाने का ठेका
शहर में सफाई के लिए कूड़ा उठान का व घर-घर से कूड़ा एकत्रित करने का ही ठेका है। कॉलोनियों में सफाई का काम नगर परिषद के ही पास है। इसी काम में शिकायतें मिलती हैं। शहर के लोगों का कहना है कि कॉलोनियों में नियमित रूप से सफाई नहीं हो रही।
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बाहरी कॉलोनियां बदहाल
शहर की करीब 10 बाहरी कॉलोनियों में सफाई के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। सफाईकर्मी अलग-अलग दिनों में अलग-अलग क्षेत्रों में सफाई करते हैं। ऐसे में बाहरी कॉलोनियों में सफाई नहीं हो पाती।
जनवरी में फिर होगा सर्वे
जनवरी महीने में फिर से स्वच्छता सर्वेक्षण होना है। इसके लिए नगर परिषद ने तैयारी शुरू कर रखी है। शहर के कूड़ा संग्रहण केंद्रों को समाप्त किया जा रहा है और मुख्य मार्गों पर सफाई के लिए योजना बनाई जा रही है। ऐसे में स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए ही सही, शहर के लोगों को सफाई व्यवस्था सुधरने की उम्मीद है।
पूरे शहर में सफाई का प्रयास
जींद नगर परिषद के मुख्य स्वच्छता निरीक्षक मोहन भारद्वाज ने बताया कि मैं खुद शहर भर में घूम कर सफाई का निरीक्षण करता हूं। सभी जगह सफाई होती है। लोगों की जहां से भी शिकायत आती है, वहां भी सफाई करवाई जाती है। भविष्य में इस काम को और अधिक बेहतर योजना के साथ किया जाएगा।
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इसी साल जनवरी महीने में स्वच्छता सर्वेक्षण होना था। उस समय कोरोना के कहर के चलते सर्वेक्षण का काम मार्च महीने में किया गया। इसका परिणाम अब जारी हुआ है। इसमें जींद शहर में सफाई, जनसुविधाओं व फीडबैक के आधार पर 2510.62 अंक मिले हैं। इसके आधार पर जींद को 195वीं रैंक मिली है। हालांकि जींद से नीचे प्रदेश के पलवल, सिरसा व सोनीपत शहर ही रहे हैं। हालांकि जींद का प्रदर्शन आंकड़ों में सुधरा है, लेकिन शहर के लोगों को सफाई को लेकर काफी शिकायतें रहती हैं।
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सिर्फ कूड़ा उठाने का ठेका
शहर में सफाई के लिए कूड़ा उठान का व घर-घर से कूड़ा एकत्रित करने का ही ठेका है। कॉलोनियों में सफाई का काम नगर परिषद के ही पास है। इसी काम में शिकायतें मिलती हैं। शहर के लोगों का कहना है कि कॉलोनियों में नियमित रूप से सफाई नहीं हो रही।
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बाहरी कॉलोनियां बदहाल
शहर की करीब 10 बाहरी कॉलोनियों में सफाई के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। सफाईकर्मी अलग-अलग दिनों में अलग-अलग क्षेत्रों में सफाई करते हैं। ऐसे में बाहरी कॉलोनियों में सफाई नहीं हो पाती।
जनवरी में फिर होगा सर्वे
जनवरी महीने में फिर से स्वच्छता सर्वेक्षण होना है। इसके लिए नगर परिषद ने तैयारी शुरू कर रखी है। शहर के कूड़ा संग्रहण केंद्रों को समाप्त किया जा रहा है और मुख्य मार्गों पर सफाई के लिए योजना बनाई जा रही है। ऐसे में स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए ही सही, शहर के लोगों को सफाई व्यवस्था सुधरने की उम्मीद है।
पूरे शहर में सफाई का प्रयास
जींद नगर परिषद के मुख्य स्वच्छता निरीक्षक मोहन भारद्वाज ने बताया कि मैं खुद शहर भर में घूम कर सफाई का निरीक्षण करता हूं। सभी जगह सफाई होती है। लोगों की जहां से भी शिकायत आती है, वहां भी सफाई करवाई जाती है। भविष्य में इस काम को और अधिक बेहतर योजना के साथ किया जाएगा।