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Jind News: पोर्टल पर बाजरे की जगह धान दर्ज, सत्यापन नहीं होने से किसान परेशान

Fri, 23 Oct 2026 02:42 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 23 Oct 2026 02:42 AM IST
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Paddy recorded instead of pearl millet (bajra) on the portal; farmers distressed due to lack of verification
22 जुलाना 03: पोर्टल पर दी ​शिकायत दिखाते देवरड़ गांव के किसान। स्रोत: किसान

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जुलाना। गांव के किसानों को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर फसल का गलत रिकॉर्ड दर्ज होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि पोर्टल पर बाजरे की जगह धान की फसल दर्ज दिखाई देने से उनकी बाजरे की फसल का सत्यापन नहीं हो पा रहा है। इससे उन्हें मंडी में उपज बेचने के साथ-साथ भावांतर भरपाई योजना का लाभ लेने में भी दिक्कत आ रही है।
देवरड़ निवासी किसान बिजेंद्र, महताब, रामकेश और प्रदीप ने बताया कि उन्होंने नियमानुसार अपनी बाजरे की फसल का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाया था। इसके बावजूद चारों किसानों की करीब 10 एकड़ जमीन के रिकॉर्ड में बाजरे की जगह धान की फसल दर्ज दिखाई दे रही है। किसानों का कहना है कि उन्होंने खेतों में बाजरे की बिजाई की है लेकिन पोर्टल पर गलत फसल दर्ज होने के कारण उनकी वास्तविक फसल का सत्यापन नहीं हो रहा है।
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समस्या के समाधान के लिए किसान संबंधित कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं लेकिन अभी तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
7 अक्तूबर के बाद बदला पोर्टल पर रिकॉर्ड
किसानों के अनुसार, 7 अक्तूबर से पहले पोर्टल पर उनकी जमीन में बाजरे की फसल सही दर्ज दिखाई दे रही थी। इसके बाद अचानक रिकॉर्ड में बदलाव हो गया और बाजरे की जगह धान की फसल दर्ज दिखाई देने लगी। किसानों का कहना है कि रिकॉर्ड में इस बदलाव के कारण उनकी फसल की खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। सत्यापन नहीं होने से उन्हें अपनी बाजरे की उपज बेचने और सरकारी योजना का लाभ लेने में परेशानी हो रही है।
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भावांतर भरपाई योजना का लाभ मिलने में भी दिक्कत
किसानों ने बताया कि बाजरे की फसल का सत्यापन नहीं होने से उन्हें आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। फसल की बिक्री प्रभावित होने के साथ ही वे भावांतर भरपाई योजना के लाभ से भी वंचित रह सकते हैं। किसानों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि उनकी जमीन के रिकॉर्ड की दोबारा जांच कर पोर्टल पर दर्ज गलत फसल को ठीक किया जाए ताकि बाजरे की फसल का सत्यापन हो सके और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। किसानों ने समस्या का जल्द समाधान करने की मांग उठाई है।

बाक्स
देवरड़ गांव के किसानों ने शिकायत दी है। जल्द से जल्द उनकी फसल को वेरिफाई किया जाएगा। अगर मुख्यालय शिकायत भेजनी होगी तो जल्द से जल्द आगे भेज दी जाएगी ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो। - रेनू, कार्यवाहक खंड कृषि अधिकारी।
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