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डिजिटल युग में पुस्तकालयों की भूमिका पुस्तकों से आगे : प्रो. आशीष
Sat, 19 Apr 2025 12:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 19 Apr 2025 12:02 AM IST
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जींद। हिंदू कन्या महाविद्यालय के पुस्तकालय विभाग की तरफ से क्लाउड कंप्यूटिंग का पुस्तकालयों में ई-संसाधनों के लिए उपयोग विषय पर शुक्रवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ प्राचार्य डॉ. पूनम मोर ने किया। कार्यशाला के मुख्य वक्ता प्रियदर्शनी इंदिरा गांधी राजकीय महिला महाविद्यालय जींद के कंप्यूटर विभाग के असिस्टेंट प्रो. आशीष कुमार ने शिरकत की।
उन्होंने छात्राओं को बताया कि आज के डिजिटल युग में पुस्तकालयों की भूमिका पुस्तकों से कहीं आगे बढ़ चुकी है। पुस्तकालय ई-संसाधनों को बड़ी मात्रा में उपयोगकर्ता को उपलब्ध कराते हैं। इस प्रक्रिया में क्लाउड कंप्यूटिंग एक तकनीक के रूप में आई है। कई पुस्तकालय प्रबंधन सॉफ्टवेयर जैसे कोहा, लिबसिस आदि क्लाउड आधारित है। क्लाउड सेवाएं सुरक्षित बैकअप भी उपलब्ध कराती हैं, जिससे डेटा के खोने की संभावना बहुत कम हो जाती है। पुस्तकालय अध्यक्षा डॉ. पिंकी ने बताया कि भारत जैसे विकासशील देश में यह तकनीक पुस्तकालय को डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में ले जा सकती हैं। क्लाउड कंप्यूटिंग की ओर से ई-संसाधनों की पहुंच और प्रबंधन में क्रांति आ गई है। इस मौके पर नीलम, सुनीता, सरिता, कुमारी सुरभि और कांता मौजूद रही।
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उन्होंने छात्राओं को बताया कि आज के डिजिटल युग में पुस्तकालयों की भूमिका पुस्तकों से कहीं आगे बढ़ चुकी है। पुस्तकालय ई-संसाधनों को बड़ी मात्रा में उपयोगकर्ता को उपलब्ध कराते हैं। इस प्रक्रिया में क्लाउड कंप्यूटिंग एक तकनीक के रूप में आई है। कई पुस्तकालय प्रबंधन सॉफ्टवेयर जैसे कोहा, लिबसिस आदि क्लाउड आधारित है। क्लाउड सेवाएं सुरक्षित बैकअप भी उपलब्ध कराती हैं, जिससे डेटा के खोने की संभावना बहुत कम हो जाती है। पुस्तकालय अध्यक्षा डॉ. पिंकी ने बताया कि भारत जैसे विकासशील देश में यह तकनीक पुस्तकालय को डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में ले जा सकती हैं। क्लाउड कंप्यूटिंग की ओर से ई-संसाधनों की पहुंच और प्रबंधन में क्रांति आ गई है। इस मौके पर नीलम, सुनीता, सरिता, कुमारी सुरभि और कांता मौजूद रही।
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