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बिना अनुमति के नौ महीने से चल रहा था धरना, प्रशासन ने खाली करवाई जगह

Wed, 20 Jul 2022 12:51 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 20 Jul 2022 12:51 AM IST
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The protest was going on for nine months without permission, the administration vacated the place
धरना स्थल पर लगाए अस्थायी लकडिय़ों के छप्पर हटवाती पुलिस। संवाद। - फोटो : Jind
संवाद न्यूज एजेंसी
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जींद। लघु सचिवालय के बाहर बिना अनुमति चल रहे धरने व अस्थायी तौर पर किए गए अस्थायी निर्माण को मंगलवार दोपहर बाद चार बजे प्रशासनिक अमले ने कार्रवाई कर हटा दिया। धरना स्थल से साजो सामान को अमले ने कब्जे में ले लिया। धरना पिछले नौ माह से चला हुआ था। इस दौरान धरने पर बैठे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कार्रवाई को लेकर नगर परिषद के ईओ सुशील कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। सिविल लाइन थाना प्रभारी डॉ. सुनील मौके पर बने रहे। धरनारत लोगों ने बुधवार से उसी जगह पर भूख हड़ताल शुरू करने का एलान किया है।
गांव खापड़ तथा छात्तर में अनुसूचित जाति के लोगों से मारपीट के मामले में इंसाफ की मांग को लेकर पिछले नौ माह से अनुसूचित जाति के लोग लघु सचिवालय के बाहर धरना लगाए बैठे थे। इस पर बकायदा अस्थायी निर्माण किया गया था और कूलर तथा पंखों के साथ-साथ खाने की भी व्यवस्था भी थी। यह मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है।
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नप ईओ के नेतृत्व में पहुंचा अमला
लघु सचिवालय के बाहर गोहाना रोड के साथ जिस जगह पर अस्थायी निर्माण कर धरना दिया जा रहा था, वहां से अधिकारी हररोज गुजरते हें। नजदीक ही रेस्ट हाउस तथा डीसी आवास है तो एक साइड में अदालत परिसर है। मंगलवार शाम को नप ईओ सुशील कुमार को डयूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर पुलिस बल के साथ धरना स्थल पर भेजा गया। उन्होंने नोटिस थमाते हुए अवैध अस्थायी निर्माण तथा धरना हटाने को कहा। जब धरने पर बैठे लोगों ने उनकी बातों को अनसुना कर दिया तो नगर परिषद कर्मियों ने साजो सामान को कब्जे में ले ट्रैक्टर ट्रालियों में भर लिया और अस्थायी निर्माण को गिरा दिया। धरने की अध्यक्षता कर रहे दिनेश खापड़ ने कहा कि प्रशासन ने जबरदस्ती उनके धरने को हटा दिया है और साजो सामान को कब्जे में ले लिया है। जो सरासर ज्यादती है, वह शांतिपूर्ण तरीके से इंसाफ के लिए धरना शुरु किए हुए थे। बुधवार से समाज के लोगों के साथ धरना स्थल पर भूख हड़ताल शुरु की जाएगी।
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जिलाधीश द्वारा आदेश जारी किए गए थे। धरना बिना अनुमति के चल रहा था, साथ ही अस्थायी तौर पर निर्माण कर लिया गया था। अनुमति नहीं होने के चलते धरने को वहां से हटा दिया गया है। हालांकि धरनारत लोगों को खुद साजो सामान हटाने के लिए कहा गया था लेकिन उन्होंने धरनास्थल को नहीं हटाया।

- सुशील कुमार, ड्यूटी मजिस्ट्रेट
धरना बिना अनुमति के काफी लंबे समय से चला हुआ था। धरना स्थल पर अस्थायी निर्माण के साथ अन्य साजो सामान भी जुटाया गया था। ड्यूटी मजिस्ट्रेट की देखरेख में नप कर्मियों ने धरना स्थल को खाली करवा लिया।
-डॉ. सुनील कुमार, सिविल लाइन थाना प्रभारी
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