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अस्सी हजार रुपये की लूट को पुलिस मानती रही झूठ, आरोपियों ने कुबूली वारदात तो दर्ज किया मामला

Thu, 02 Jul 2020 11:06 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jul 2020 11:06 PM IST
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The police continued to believe the robbery of eighty thousand rupees, the accused filed a case of Kubuli incident
लूट के मामले में सफीदों पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। तीन माह पहले 21 जून को व्यक्ति से लुटेरों ने 80 हजार रुपये व अन्य सामान लूट लिया था, मगर शिकायत के बाद भी पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया था। अब एक अन्य मामले में पकड़े गए आरोपियों ने वारदात को कबूला तो पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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जानकारी के लिए सिंघपुरा निवासी विजय से 21 मार्च की रात 80 हजार रुपये व अन्य सामान की लूट हुई थी। विजय दुकानदारों से पैसे एकत्रित कर रात करीब साढ़े आठ बजे स्कूटी पर सवार होकर गांव जा रहा था। उरलाना से निकलते ही बहादुरपुर-सिंघपुरा रोड पर चार युवकों ने पिस्तौल के बल पर उससे 80 हजार रुपये, बीड़ी के चार पैकेट और मोबाइल लूट लिया था। 22 मार्च को विजय ने पुलिस में इसकी शिकायत की, पर अभी तक पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। अब पानीपत सीआईए द्वारा सफीदों में 12 मार्च को बैककर्मी से दो लाख 42 हजार रुपये और 21 मार्च को विजय से लूट की वारदात को कुबूला है। पानीपत पुलिस द्वारा आरोपियों को सफीदों पुलिस के सौैंपा गया है। इनमें गिरफ्तार आरोपी सोनीपत जिले के भासड़ निवासी राजेश, पानीपत जिला के सौदापुर निवासी अनिल, जींद जिले के मेरड़ा निवासी सोनू व सोनीपत जिले के गंगाना गांव निवासी संदीप के कबूलनामे के आधार पर विजय से हुई लूट के मामले में एफआईआर दर्ज की है।
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पुलिस ने बहुत चक्कर कटवाए : विजय
मैंने थाने में अगले दिन लूट की शिकायत दी थी। इस पर पुलिस ने कहा कि 100 नंबर व संबंधित थाने में फोन क्यों नहीं किया? पुलिस वारदात को झूठा मानती रही। फोन छीनकर ले जाने के बाद वह पुलिस के पास उस रात फोन नहीं कर सका था। उसने कई बार थाने का चक्कर लगाया, लेकिन पुलिस द्वारा कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
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विजय, पीड़ित
शिकायत प्राप्त होने के बाद थाने में रपट लिखकर जांच की गई थी। शिकायतकर्ता द्वारा अगले दिन थाने में आकर बयान दर्ज करवाने के लिए कहा गया था। इसके बाद लॉकडाउन लग गया और वह नहीं आ सका। पुलिस भी इस मामले में जांच आगे नहीं बढ़ा सकी। पीड़ित किसी के नाम पर शक जता रहा था। अब एफआईआर दर्ज की गई है।
अजीत सिंह शेखावत, आईपीएस, सफीदों।
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