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Jind News: अनाज मंडियों में गेहूं के लगवाए जा रहे पहाड़नुमा ढेरों ने तोड़ी मंडी की दीवार
Fri, 18 Apr 2025 11:48 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 18 Apr 2025 11:48 PM IST
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18जेएनडी10: लघु सचिवालय में डीसी से मिलकर अनलोडिंग की समस्या के समाधान की मांग करते आढ़ती एसोसि
जींद। जिलेभर की मंडियों में किसानों की फसल के साथ इस बार खिलवाड़ हो रहा है। नियमों पर कहीं भी खरीद नहीं हो रही। इसके अलावा मंडियों में बेहिसाब तरीके से गेहूं के ढेर लगवाए जा रहे हैं, जबकि प्रत्येक किसान की गेहूं को अलग-अलग उतरवाकर वजन व उठान करवाना होता है। मंडियों में लगे इन पहाड़नुमा ढेरों के कारण जींद अनाजमंडी की लगभग 40 फीट लंबी दीवार टूट गई है।
दीवार टूटने पर मार्केट कमेटी सचिव ने आढ़ती को दो दिन में गेहूं उठवाकर दीवार का निर्माण करवाने के लिए नोटिस भी दिया। इसके बाद आढ़ती पर विभागीय कार्रवाई जो बनेगी वह भी की जाएगी। दीवार के नजदीक ज्यादा गेहूं उतरवाई गई। इसके दबाव में दीवार टूटी। शहर की अनाजमंडी में गेहूं खरीद के नाम पर मंडी की दुकानों की छत से ऊंची ढेरियां लगाई गईं हैं। इसके कारण न तो किसी किसान की गेहूं की पहचान होती। इन ढेरियों के कारण आढ़ती व खरीद एजेंसी के मन मुताबिक किसानों की खरीद की पर्चियां बनती हैं। इसके कारण किसानों की गेहूं की पेमेंट डालने का कोई स्पष्ट तरीका नहीं है। इन ढेरियों से गेहूं की बोरियां भरवाकर रखी जा रहीं हैं। यह गेहूं समय से गोदाम में नहीं पहुंच पाती। अब तक मंडियों में उठान नाममात्र का हुआ है, जबकि आवक 45 लाख क्विंटल से ज्यादा हो चुकी है। खरीद भी आवक के अनुसार ही हो रही है। इसके बावजूद उठान नहीं होने से किसानों को गेहूं की पेमेंट का इंतजार करना पड़ रहा है। इसके कारण किसानों को यह भी पता नहीं चल पा रहा कि उनकी गेहूं बिकी है या नहीं। इसके कारण किसान मंडी के बाहर लगे धर्मकांटों पर खुद के रुपये खर्च कर आढ़तियों की दुकानों पर लगी गेहूं की ढेरी में डालकर वापस आ रहे हैं। किस किसान के नाम आढ़ती कब गेहूं खरीद की पर्ची बनाता है। वह उस पर ही निर्भर करता है। इसमें किसान को कोई जानकारी नहीं होती।
जींद की अनाजमंडी से उठी एक लाख से अधिक बोरियां
शहर की अनाजमंडी में गेहूं की लगी ढेरियों के कारण गेहूं उतरवाने में किसानों व आढ़तियों को परेशानी हो रही है। शुक्रवार को स्पेशल लगने के कारण मंडी में कुछ हद तक राहत जरूर मिली। अनाजमंडी से लगभग एक लाख गेहूं के कट्टों का उठान हुआ।
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अनलोडिंग की समस्या को लेकर डीसी से मिली आढ़ती एसोसिएशन
पिल्लूखेड़ा मंडी की आढ़ती एसोसिएशन ने अनलोडिंग की समस्या के समाधान की मांग को लेकर डीसी से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि पिल्लूखेड़ा मंडी से गेहूं विनोद पीजी जयपुर व प्रवीन पीजी हाट में जाता है। यहां पर अनलोडिंग के तीन-तीन ही प्वाइंट हैं, जबकि यहां पर 15-15 प्वाइंट होने चाहिए। इसके कारण यहां पर गाड़ियों से गेहूं उतारने में ज्यादा समय लगता है। प्रधान वेदपाल भनवाला ने बताया कि अगर यही हालात रहे तो मंडी से उठान हो पाना संभव नहीं होगा और किसानों को मंडी में गेहूं डालने के लिए जगह नहीं मिलेगी।
मंडी की दीवार तोड़ने पर आढ़ती को नोटिस भेजकर दो दिन में दीवार बनवाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा खरीद एजेंसियों को भी नोटिस दिया है कि वह गेहूं का उठान जल्दी करवाएं, ताकि मंडी के हालात सामान्य हो सकें। गेहूं की आवक एक सप्ताह में ज्यादा होने के कारण आढ़तियों की दुकानों पर ढेरियां लगी हैं। मंडी में जगह के मुताबिक व्यवस्थाएं करवाई जा रही हैं।
-संजीव कुमार मार्केट कमेटी सचिव जींद।
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दीवार टूटने पर मार्केट कमेटी सचिव ने आढ़ती को दो दिन में गेहूं उठवाकर दीवार का निर्माण करवाने के लिए नोटिस भी दिया। इसके बाद आढ़ती पर विभागीय कार्रवाई जो बनेगी वह भी की जाएगी। दीवार के नजदीक ज्यादा गेहूं उतरवाई गई। इसके दबाव में दीवार टूटी। शहर की अनाजमंडी में गेहूं खरीद के नाम पर मंडी की दुकानों की छत से ऊंची ढेरियां लगाई गईं हैं। इसके कारण न तो किसी किसान की गेहूं की पहचान होती। इन ढेरियों के कारण आढ़ती व खरीद एजेंसी के मन मुताबिक किसानों की खरीद की पर्चियां बनती हैं। इसके कारण किसानों की गेहूं की पेमेंट डालने का कोई स्पष्ट तरीका नहीं है। इन ढेरियों से गेहूं की बोरियां भरवाकर रखी जा रहीं हैं। यह गेहूं समय से गोदाम में नहीं पहुंच पाती। अब तक मंडियों में उठान नाममात्र का हुआ है, जबकि आवक 45 लाख क्विंटल से ज्यादा हो चुकी है। खरीद भी आवक के अनुसार ही हो रही है। इसके बावजूद उठान नहीं होने से किसानों को गेहूं की पेमेंट का इंतजार करना पड़ रहा है। इसके कारण किसानों को यह भी पता नहीं चल पा रहा कि उनकी गेहूं बिकी है या नहीं। इसके कारण किसान मंडी के बाहर लगे धर्मकांटों पर खुद के रुपये खर्च कर आढ़तियों की दुकानों पर लगी गेहूं की ढेरी में डालकर वापस आ रहे हैं। किस किसान के नाम आढ़ती कब गेहूं खरीद की पर्ची बनाता है। वह उस पर ही निर्भर करता है। इसमें किसान को कोई जानकारी नहीं होती।
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जींद की अनाजमंडी से उठी एक लाख से अधिक बोरियां
शहर की अनाजमंडी में गेहूं की लगी ढेरियों के कारण गेहूं उतरवाने में किसानों व आढ़तियों को परेशानी हो रही है। शुक्रवार को स्पेशल लगने के कारण मंडी में कुछ हद तक राहत जरूर मिली। अनाजमंडी से लगभग एक लाख गेहूं के कट्टों का उठान हुआ।
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अनलोडिंग की समस्या को लेकर डीसी से मिली आढ़ती एसोसिएशन
पिल्लूखेड़ा मंडी की आढ़ती एसोसिएशन ने अनलोडिंग की समस्या के समाधान की मांग को लेकर डीसी से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि पिल्लूखेड़ा मंडी से गेहूं विनोद पीजी जयपुर व प्रवीन पीजी हाट में जाता है। यहां पर अनलोडिंग के तीन-तीन ही प्वाइंट हैं, जबकि यहां पर 15-15 प्वाइंट होने चाहिए। इसके कारण यहां पर गाड़ियों से गेहूं उतारने में ज्यादा समय लगता है। प्रधान वेदपाल भनवाला ने बताया कि अगर यही हालात रहे तो मंडी से उठान हो पाना संभव नहीं होगा और किसानों को मंडी में गेहूं डालने के लिए जगह नहीं मिलेगी।
मंडी की दीवार तोड़ने पर आढ़ती को नोटिस भेजकर दो दिन में दीवार बनवाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा खरीद एजेंसियों को भी नोटिस दिया है कि वह गेहूं का उठान जल्दी करवाएं, ताकि मंडी के हालात सामान्य हो सकें। गेहूं की आवक एक सप्ताह में ज्यादा होने के कारण आढ़तियों की दुकानों पर ढेरियां लगी हैं। मंडी में जगह के मुताबिक व्यवस्थाएं करवाई जा रही हैं।
-संजीव कुमार मार्केट कमेटी सचिव जींद।

18जेएनडी10: लघु सचिवालय में डीसी से मिलकर अनलोडिंग की समस्या के समाधान की मांग करते आढ़ती एसोसि