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मांगों को लेकर भवन निर्माण कामगार यूनियन के सदस्यों ने किया प्रदर्शन
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तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते भवन निर्माण कामगार यूनियन के सदस्य। संवाद
- फोटो : Jind
मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए भवन निर्माण मजदूर व कारीगर तहसीलदार के कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार अजय सैनी को ज्ञापन सौंपा। धरने की अध्यक्षता भवन निर्माण कामगार यूनियन के जिला प्रधान कश्मीर सिंह सेलवाल तथा संचालन जिला कैशियर संदीप जाजवान ने किया।
कश्मीर सेलवाल, जिला सचिव कपूर सिंह, सुरेश करसोला व सीटू के राज्य उपाध्यक्ष रमेश चंद्र ने कहा कि प्रदेश की गठबंधन सरकार मजदूरों तथा आम जनता के अधिकारों पर लगातार हमले कर रही है। निर्माण मजदूरों को लंबे समय से सरकार की उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है। निर्माण के मजदूरों का पंजीकरण तथा सुविधा देने के नाम पर श्रम कल्याण बोर्ड के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा सरकार की शह पर अनाप-शनाप शर्तें लगाई जा रही हैं और निर्माण मजदूरों को लाभ से वंचित किया जा रहा है। यूनियन नेताओं ने कहा कि एक जुलाई को एसडीएम दलबीर सिंह की अध्यक्षता में श्रम कल्याण अधिकारियों व यूनियन के बीच बैठक हुई थी। इसमें 99 दिन के काम की तस्दीक संबंधित कर्मचारियों या अधिकारियों से करवाने, बिना कारण रद्द किए गए सुविधा फॉर्मों, दो साल से लंबित पड़े पंजीकरण के आवेदन को सत्यापित करवाने का निर्णय हुआ था। लेकिन 20 दिन बीतने के बाद भी समस्या ज्यो की त्यों बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि तीन अगस्त को सिरसा में श्रम मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के आवास पर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा यूनियन ने खरक गादिया गांव निवासी युवक अक्षय को डीजल छिड़कर मारने की कोशिश करने की घटना की निंदा करते हुए आरोपियोें को जल्द गिरफ्तार करने की मांग का ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण मजदूर की सुविधा राशि बिना शर्त जारी की जाए। 90 दिन के काम की तस्दीक का अधिकार यूनियनों को दिया जाए। जल्द से जल्द कृषि कानूनों को रद्द किया जाए। बिजली संशोधन बिल-2020 वापस लिया जाए। छह माह तक गैर आयकरदाताओं को 7500 रुपये प्रति माह राशि दी जाए। इस अवसर पर बारू राम, रामनिवास, अंग्रेज सिंह, सतबीर ढाठरथ, विनोद पालवां, संदीप दालमवाला, रामनिवास, रविंद्र, राजेश, संतोष मांडो, नन्ही देवी, रमेश, दिनेश व सूरजमल भी मौजूद रहे।
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कश्मीर सेलवाल, जिला सचिव कपूर सिंह, सुरेश करसोला व सीटू के राज्य उपाध्यक्ष रमेश चंद्र ने कहा कि प्रदेश की गठबंधन सरकार मजदूरों तथा आम जनता के अधिकारों पर लगातार हमले कर रही है। निर्माण मजदूरों को लंबे समय से सरकार की उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है। निर्माण के मजदूरों का पंजीकरण तथा सुविधा देने के नाम पर श्रम कल्याण बोर्ड के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा सरकार की शह पर अनाप-शनाप शर्तें लगाई जा रही हैं और निर्माण मजदूरों को लाभ से वंचित किया जा रहा है। यूनियन नेताओं ने कहा कि एक जुलाई को एसडीएम दलबीर सिंह की अध्यक्षता में श्रम कल्याण अधिकारियों व यूनियन के बीच बैठक हुई थी। इसमें 99 दिन के काम की तस्दीक संबंधित कर्मचारियों या अधिकारियों से करवाने, बिना कारण रद्द किए गए सुविधा फॉर्मों, दो साल से लंबित पड़े पंजीकरण के आवेदन को सत्यापित करवाने का निर्णय हुआ था। लेकिन 20 दिन बीतने के बाद भी समस्या ज्यो की त्यों बनी हुई है।
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उन्होंने कहा कि तीन अगस्त को सिरसा में श्रम मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के आवास पर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा यूनियन ने खरक गादिया गांव निवासी युवक अक्षय को डीजल छिड़कर मारने की कोशिश करने की घटना की निंदा करते हुए आरोपियोें को जल्द गिरफ्तार करने की मांग का ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण मजदूर की सुविधा राशि बिना शर्त जारी की जाए। 90 दिन के काम की तस्दीक का अधिकार यूनियनों को दिया जाए। जल्द से जल्द कृषि कानूनों को रद्द किया जाए। बिजली संशोधन बिल-2020 वापस लिया जाए। छह माह तक गैर आयकरदाताओं को 7500 रुपये प्रति माह राशि दी जाए। इस अवसर पर बारू राम, रामनिवास, अंग्रेज सिंह, सतबीर ढाठरथ, विनोद पालवां, संदीप दालमवाला, रामनिवास, रविंद्र, राजेश, संतोष मांडो, नन्ही देवी, रमेश, दिनेश व सूरजमल भी मौजूद रहे।

मांगों के लिए लघु सचिवालय परिसर में प्रदर्शन करते भवन निर्माण कामगार यूनियन के सदस्य। संवाद- फोटो : Jind
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