फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   the idea of making a railway junction in pandu pindara, to fish in a waterlogged area

पांडु पिंडारा में रेलवे जंक्शन बनाने का विचार, जलभराव वाले क्षेत्र में करेंगे मछली पालन

Sat, 29 Feb 2020 12:30 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 29 Feb 2020 12:30 AM IST
विज्ञापन
the idea of making a railway junction in pandu pindara, to fish in a waterlogged area
पांडु पिंडारा रेलवे स्टेशन, जिसे रेलवे जंक्शन बनाने पर विचार कर रही है सरकार। - फोटो : Jind
प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में जींद जिले को उम्मीद से बहुत कम मिला है। जिले के लोगों को उम्मीद थी कि जींद के औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार होगा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी कुछ मिलेगी, लेकिन लोगों को निराशा ही मिली है। बजट में गांव पांडु पिंडारा के रेलवे स्टेशन को जंक्शन बनाने का अध्ययन करने के प्रस्ताव का विचार है। फिलहाल जींद जंक्शन तथा बस स्टैंड के बीच की दूरी सात किलोमीटर है। नया बस स्टैंड शुरू होने से यह दूरी लगभग 10 किलोमीटर हो जाएगी। यदि पिंडारा रेलवे स्टेशन को जंक्शन बनाया जाता है तो नए बस स्टैंड तथा जंक्शन के बीच की दूरी मात्र एक किलोमीटर रह जाएगी। इससे यातायात व्यवस्था तो सुदृढ़ होगी ही साथ ही शहर में लगने वाले जाम से भी निजात मिलेगी। इसके अलावा जुलाना के काफी क्षेत्र में जलभराव की समस्या रहती है। यहां पर मत्स्य पालन की योजना यदि सिरे चढ़ती है तो किसानों को काफी लाभ होगा। इसके अलावा जींद में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज का निर्माण तीन वर्ष में हो जाता है तो इससे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में वृद्धि होगी। साथ ही युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
विज्ञापन

शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य का रखा गया ध्यान : जसमेर रजाना
भाजपा नेता जसमेर रजाना ने कहा कि बजट में शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और किसानों पर ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि पहले की तुलना में 10 हजार करोड़ रुपये अधिक का बजट पेश किया गया है। किसानों की सुविधा के लिए किसान कल्याण प्राधिकरण मोबाइल एप बनाएगा। एक के माध्यम से किसान एक दूसरे के कृषि उपकरण ट्रैक्टर, रोटावेटर, कंबाइन, हार्वेस्टर का उपयोग कर सकेंगे। वहीं ब्याज मुक्त ऋण सुविधा का दायरा भी किसानों के लिए बढ़ेगा।
विज्ञापन

शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया : सुभाष श्योराण
शिक्षाविद् एवं इंडस ग्रुप के निदेशक सुभाष श्योराण ने कहा कि छात्रों का भी बजट में विशेष ध्यान रखा गया है। प्रदेश में डिजिटल पुस्तकालय मुख्य होंगे। आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्कूलों में प्रशिक्षु, ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाएंगे। हरियाणा के विद्यालय और महाविद्यालय के विज्ञान के विद्यार्थियों को मिट्टी और जल परीक्षण के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

बजट में पशुपालकों का रखा गया ध्यान : राणा
भाजपा के जिला प्रधान अमरपाल राणा ने कहा कि बजट में पशुपालकों का विशेष ध्यान रखा गया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशुधन सुरक्षा बीमा योजना के तहत 2.20 लाख पशुओं का बीमा किया गया। हरियाणा पहला राज्य है, जिसने पशुओं के कल्याण के लिए हरियाणा पशु अधिनियम-2019 को लागू किया है। बजट सभी वर्गों के लिए कुछ न कुछ लेकर आया है। इसमें हर जिले का ध्यान रखा गया है। बजट से विकास कार्यों के गति मिलेगी। जींद में जल्द ही मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू होगा।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए कुछ नहीं : भनवाला
रिटायर्ड कर्मचारी एसोसिएशन के जिला प्रधान किताब सिंह भनवाला ने कहा कि सरकार ने पूर्व कर्मचारियों के लिए बजट में कुछ नहीं किया। यह बजट केवल एक ढकोसला साबित हुआ है। बजट से साफ प्रतीत होता है कि प्रदेश सरकार सेवानिवृत्त कर्मचारियों की उपेक्षा कर रही है।
स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर विशेष जोर : स्वामी राघवानंद
भाजपा नेता स्वामी राघवानंद ने कहा कि बजट में स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। कैथ लैब सेवाएं, एमआरआई, डायलिसिस, वेंटीलेटर की सेवाएं सभी जिलों में शुरू होंगी। इससे चिकित्सा सुविधाएं बेहतर होगी। इसके अलावा शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकारी स्कूलों में शिक्षा प्रणाली मजबूत होगी।
महिलाओं का रखा विशेष ध्यान : टेकराम कंडेला
श्रम विभाग चेयरमैन एवं खाप नेता टेकराम कंडेला ने कहा कि बजट में महिलाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है। हरियाणा की सभी सब्जी मंडियों में महिला किसानों के लिए अलग से 10 प्रतिशत स्थान आरक्षित किया जाएगा। प्रदेशभर में 500 नए क्रैच कामकाजी महिलाओं के शिशुओं के लिए खोले जाएंगें। राज्य के भंडारण निगम, हैफेड, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सभी गोदामों में चोरी रोकने के लिए सीसीटीवी लगाएं जाएंगे।
बजट से कर्मचारियों को निराशा : वर्मा
हरियाणा अध्यापक संघ के प्रवक्ता भूप सिंह वर्मा ने कहा कि बजट कर्मचारियों के लिए निराशाजनक रहा है। स्कूलों में रिक्त पड़े पदों पर नियमित भर्ती हेतु कोई घोषणा नहीं की गई है। शिक्षा का बजट खेल व सांस्कृतिक के साथ न होकर अलग से 25 प्रतिशत होना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने से भी साफ मना कर दिया गया है। बजट में स्कूलों को बंद न करने और नए स्कूल खोलने बारे, स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने बारे भी कोई घोषणा नहीं की गई है।

बजट पूर्णतया मजदूर, श्रमिक, बेरोजगार युवा और कर्मचारी विरोधी : लाठर
रोडवेज कर्मचारी यूनियन डिपो प्रधान व पेंशन बहाली संघर्ष समिति हरियाणा के राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनूप लाठर ने इस बजट को पूर्णतया श्रमिक, मजदूर, बेरोजगार युवा और कर्मचारी विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि इस बजट से नौकरी पेशा लोगों को केवल और केवल निराशा हाथ लगी है क्योंकि आमजन के साथ-साथ कर्मचारी वर्ग को भी इस बजट से काफ ी उम्मीदें थीं। बजट में कहीं भी प्रदेश के दो लाख एनपीएस पीड़ित कर्मचारियों की पुरानी पेंशन नीति बहाल करने, स्वरोजगार योजनाओं पर अमल करने, परिवहन और बिजली जैसे उपक्रमों का बजट बढ़ाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। बजट में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, सवा लाख रिक्त पड़े पदों को भरने, कर्मचारियों को रिस्क एलाउंस देने, नए पद सृजित करने आदि मांगों पर काम करने बारे गठबंधन सरकार ने कुछ नहीं किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed