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13 दिन बाद जिले में कोरोना से चौथी मौत
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जुलाना के श्मशानघाट में अंतिम संस्कार करते स्वास्थ्यकर्मी।
- फोटो : Jind
गांव खरेंटी निवासी 55 वर्षीय कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मंगलवार सुबह मौत हो गई। जिले में अब तक चार लोगों की कोरोना के कारण मौत हो चुकी है। मृतक हार्ट की बीमारी से पीड़ित था। इसी प्रकार अन्य तीन लोग जिनकी मौत हुई है, वह भी किसी न किसी बीमारी से पीड़ित थे। मृतक के परिवार के चार अन्य लोग भी कोरोना पॉजिटिव हैं। सोमवार को इन सभी का दोबारा से सैंपल लिया गया है। कोरोना गाइडलाइन के तहत मृतक का अंतिम संस्कार प्रशासन की देखरेख में जुलाना के श्मशानघाट में किया गया।
खरेंटी निवासी 55 वर्षीय व्यक्ति को 30 मई को हार्ट की दिक्कत होने के कारण पीजीआई रोहतक में दाखिल किया गया था। दो दिन बाद उसे पीजीआई से छुट्टी मिल गई थी। पीजीआई में उसकी 19 वर्षीय बेटी भी साथ में थी। जब वह घर आई तो उसे खांसी और बुखार की शिकायत हुई। पांच जून को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुलाना में उसका कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया गया। युवती की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर परिवार के अन्य सदस्यों का सैंपल लिया गया तो युवती का पिता, मां तथा दो भाइयों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। इस प्रकार एक ही परिवार के पांच लोग पॉजिटिव मिले। सभी को घर पर ही क्वारंटीन कर दिया गया था। सात जून से स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार इनकी देखभाल कर रही थी।
सोमवार को व्यक्ति को खांसी हुई तो स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इलाज किया, लेकिन उसकी हालत में मंगलवार सुबह तक कोई सुधार नहीं हुआ। सुबह ही व्यक्ति को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। जब स्वास्थ्य विभाग की टीम व्यक्ति को पीजीआई लेकर जा रही थी तो उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इसकी सूचना ड्यूटी मजिस्ट्रेट बीडीपीओ धर्मबीर खर्ब को दी गई। सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और जुलाना में शव का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के मौके पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने पीपीई किट पहनी हुई थी। इस दौरान परिजनों को दूर रखा गया था। अंतिम संस्कार के मौके पर स्वास्थ्य कर्मचारी, चिकित्सक, खरेंटी गांव के सरपंच, मृतक के दो बेटे, ड्यूटी मजिस्ट्रेट धर्मबीर खर्ब समेत 14 लोग मौजूद रहे।
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तीन संक्रमित लोगों की पहले हो चुकी है मौत
इससे पहले 20 मई को गांव पेगां निवासी कोरोना संक्रमित की मौत हुई थी। पेगां निवासी व्यक्ति को फेफड़ों का कैंसर था। यह व्यक्ति 13 मई को मुंबई से आया था। 16 मई को उसका कोरोना के लिए सैंपल लिया गया था। 19 मई को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में दाखिल किया गया था। 20 मई की रात को उसकी मौत हो गई। इसके बाद गांव सिंघवाल निवासी युवक की 30 मई को मौत हो गई थी। 26 वर्षीय सिंघवाल निवासी युवक टीबी का मरीज था। 29 मई को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उसके बाद उसकी मौत हो गई। तीन जून को पिल्लूखेड़ा निवासी 61 वर्षीय व्यक्ति की भी मौत हुई थी। इस व्यक्ति को भी हार्ट की दिक्कत के साथ-साथ शुगर थी। यह व्यक्ति भी दिल्ली से आया था और 29 मई को सैंपल लिया गया था। 31 मई को इस व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
प्रशासन द्वारा शव का अंतिम संस्कार जुलाना के शमशानघाट में किया गया। अंतिम संस्कार करते समय पूरी सावधानी बरती गई। कोरोना गाइडलाइन के तहत अंतिम संस्कार किया गया है। परिजनों को दूर रखा गया था। मृतक के दोनों बेटे जो पॉजिटिव हैं, वह भी पहुंचे थे।
धर्मबीर सिंह खर्ब, ड्यूटी मजिस्ट्रेट, जुलाना।
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खरेंटी निवासी 55 वर्षीय व्यक्ति को 30 मई को हार्ट की दिक्कत होने के कारण पीजीआई रोहतक में दाखिल किया गया था। दो दिन बाद उसे पीजीआई से छुट्टी मिल गई थी। पीजीआई में उसकी 19 वर्षीय बेटी भी साथ में थी। जब वह घर आई तो उसे खांसी और बुखार की शिकायत हुई। पांच जून को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुलाना में उसका कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया गया। युवती की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर परिवार के अन्य सदस्यों का सैंपल लिया गया तो युवती का पिता, मां तथा दो भाइयों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। इस प्रकार एक ही परिवार के पांच लोग पॉजिटिव मिले। सभी को घर पर ही क्वारंटीन कर दिया गया था। सात जून से स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार इनकी देखभाल कर रही थी।
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सोमवार को व्यक्ति को खांसी हुई तो स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इलाज किया, लेकिन उसकी हालत में मंगलवार सुबह तक कोई सुधार नहीं हुआ। सुबह ही व्यक्ति को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। जब स्वास्थ्य विभाग की टीम व्यक्ति को पीजीआई लेकर जा रही थी तो उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इसकी सूचना ड्यूटी मजिस्ट्रेट बीडीपीओ धर्मबीर खर्ब को दी गई। सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और जुलाना में शव का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के मौके पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने पीपीई किट पहनी हुई थी। इस दौरान परिजनों को दूर रखा गया था। अंतिम संस्कार के मौके पर स्वास्थ्य कर्मचारी, चिकित्सक, खरेंटी गांव के सरपंच, मृतक के दो बेटे, ड्यूटी मजिस्ट्रेट धर्मबीर खर्ब समेत 14 लोग मौजूद रहे।
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तीन संक्रमित लोगों की पहले हो चुकी है मौत
इससे पहले 20 मई को गांव पेगां निवासी कोरोना संक्रमित की मौत हुई थी। पेगां निवासी व्यक्ति को फेफड़ों का कैंसर था। यह व्यक्ति 13 मई को मुंबई से आया था। 16 मई को उसका कोरोना के लिए सैंपल लिया गया था। 19 मई को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में दाखिल किया गया था। 20 मई की रात को उसकी मौत हो गई। इसके बाद गांव सिंघवाल निवासी युवक की 30 मई को मौत हो गई थी। 26 वर्षीय सिंघवाल निवासी युवक टीबी का मरीज था। 29 मई को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उसके बाद उसकी मौत हो गई। तीन जून को पिल्लूखेड़ा निवासी 61 वर्षीय व्यक्ति की भी मौत हुई थी। इस व्यक्ति को भी हार्ट की दिक्कत के साथ-साथ शुगर थी। यह व्यक्ति भी दिल्ली से आया था और 29 मई को सैंपल लिया गया था। 31 मई को इस व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
प्रशासन द्वारा शव का अंतिम संस्कार जुलाना के शमशानघाट में किया गया। अंतिम संस्कार करते समय पूरी सावधानी बरती गई। कोरोना गाइडलाइन के तहत अंतिम संस्कार किया गया है। परिजनों को दूर रखा गया था। मृतक के दोनों बेटे जो पॉजिटिव हैं, वह भी पहुंचे थे।
धर्मबीर सिंह खर्ब, ड्यूटी मजिस्ट्रेट, जुलाना।