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‘सम्मान’ की लड़ाई व्यवस्था चरमराई
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लघु सचिवालय में प्रदर्शन करते हुए इनेलो नेता। संवाद।
- फोटो : Jind
जींद। लघु सचिवालय में उपायुक्त कार्यालय के बाहर शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों तथा इनेलो नेताओं के अड़ियल रवैये के कारण तीन घंटे जमकर हंगामा रहा। इस कारण लघु सचिवालय में आने वाले लोगों को भी खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। तीन घंटे नारेबाजी के कारण लघु सचिवालय गूंजता रहा। बाद में इनेलो नेताओं ने लघु सचिवालय गेट पर ताला लगा दिया तो उपायुक्त ज्ञापन लेने के लिए नीचे आए। इसके बाद भी उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार व इनेलो नेताओं के बीच बहस होती रही, इसके बाद वे बिना ज्ञापन लिए ही वापस लौट गए। बाद में इनेलो नेताओं ने कार्यालय जाकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
बुजुर्गों की पेंशन काटने के विरोध में इनेलो द्वारा शुक्रवार को प्रदर्शन तथा ज्ञापन देने का आह्वान किया गया था। सुबह साढ़े दस बजे इनेलो नेताओं ने महिला प्रधान महासचिव सुनैना चौटाला के नेतृत्व में लघु सचिवालय के बाहर धरना दिया। इसके बाद इनेलो नेता प्रदर्शन करते हुए साढ़े 11 बजे डीसी कार्यालय पहुंच गए। यहां काफी देर तक नारेबाजी करते रहे। कुछ समय बाद ज्ञापन लेने के लिए नगराधीश अमित कुमार पहुंचे लेकिन इनेलो नेताओं ने कहा कि वह उपायुक्त को ही ज्ञापन देंगे। इनेलो नेताओं ने काफी देर तक नारेबाजी की और उपायुक्त के आने का इंतजार करते रहे। काफी इंतजार के बाद इनेलो नेताओं ने लघु सचिवालय के गेट पर ताला जड़ दिया।
कुछ देर बाद उपायुक्त ज्ञापन लेने के लिए नीचे इनेलो नेताओं के पास पहुंचें। यहां प्रदेश महिला इनेलो प्रधान महासचिव सुनैना चौटाला तथा उपायुक्त के बीच काफी बहस होती रही। यहां पर भारी मात्रा में पुलिस बल भी तैनात रहा। जब बहस के बावजूद इनेलो नेताओं ने ज्ञापन उपायुक्त को नहीं दिया तो डीसी फिर से वापस चले गए। कुछ देर बाद इनेलो प्रधान महासचिव सुनैना चौटाला, जिला प्रधान रामफल कुंडू, प्रदेश महिला अध्यक्ष सुमित्रा देवी उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और उनको ज्ञापन सौंपा।
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आरोप: उपायुक्त ने बुजुर्गों का भी ख्याल नहीं किया
सुनैना चौटाला ने कहा कि भाजपा शासनकाल में अधिकारी अपनी हठधर्मिता पर उतर आए हैं। लोगों को कुछ नहीं समझ रहे हैं। तीन घंटे तक लोग उपायुक्त के दरवाजे पर उनको ज्ञापन देने के लिए खड़े रहे लेकिन डीसी ने उनके प्रति कोई दया नहीं दिखाई। जब अधिकारी ही बुजुर्गों का सम्मान नहीं करते हैं तो प्रदेश सरकार से क्या उम्मीद की जा सकती है। अधिकारी जनता के सेवक होते हैं, उनको लोगों की समस्याओं को समझना चाहिए। सुनैना चौटाला ने कहा कि प्रदेश के लगभग 4 लाख 76 हजार बुजुर्गों की पेंशन काटी जा चुकी है। इस कारण यह बुजुर्ग दूसरों के अधीन हो गए हैं जो कि किसी भी सरकार के लिए शर्मनाक बात है। महंगाई का आलम किसी से छिपा नहीं है। कानून व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है। दिनदहाड़े डीएसपी को खनन माफिया मौत के घाट उतार रहे हैं लेकिन सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए है। जिस सरकार के अधिकारी ही ऐसे हैं, तो उससे क्या उम्मीद की जा सकती है।
सुबह हर घर तिरंगा अभियान के तहत एक कार्यक्रम था। इसके बाद ऑफिस में जनसमस्याएं सुनी थीं। 12 बजे से दो बजे तक कोर्ट थी। जब कोर्ट खत्म हुई तो ज्ञापन लेने के लिए आए थे, लेकिन इनेलो नेताओं ने ज्ञापन नहीं दिया। कुछ ही देर में इनेलो नेताओं ने ऑफिस में आकर ज्ञापन दे दिया था। ज्ञापन सरकार को भेज दिया है।
-डॉ. मनोज कुमार, उपायुक्त।
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बुजुर्गों की पेंशन काटने के विरोध में इनेलो द्वारा शुक्रवार को प्रदर्शन तथा ज्ञापन देने का आह्वान किया गया था। सुबह साढ़े दस बजे इनेलो नेताओं ने महिला प्रधान महासचिव सुनैना चौटाला के नेतृत्व में लघु सचिवालय के बाहर धरना दिया। इसके बाद इनेलो नेता प्रदर्शन करते हुए साढ़े 11 बजे डीसी कार्यालय पहुंच गए। यहां काफी देर तक नारेबाजी करते रहे। कुछ समय बाद ज्ञापन लेने के लिए नगराधीश अमित कुमार पहुंचे लेकिन इनेलो नेताओं ने कहा कि वह उपायुक्त को ही ज्ञापन देंगे। इनेलो नेताओं ने काफी देर तक नारेबाजी की और उपायुक्त के आने का इंतजार करते रहे। काफी इंतजार के बाद इनेलो नेताओं ने लघु सचिवालय के गेट पर ताला जड़ दिया।
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कुछ देर बाद उपायुक्त ज्ञापन लेने के लिए नीचे इनेलो नेताओं के पास पहुंचें। यहां प्रदेश महिला इनेलो प्रधान महासचिव सुनैना चौटाला तथा उपायुक्त के बीच काफी बहस होती रही। यहां पर भारी मात्रा में पुलिस बल भी तैनात रहा। जब बहस के बावजूद इनेलो नेताओं ने ज्ञापन उपायुक्त को नहीं दिया तो डीसी फिर से वापस चले गए। कुछ देर बाद इनेलो प्रधान महासचिव सुनैना चौटाला, जिला प्रधान रामफल कुंडू, प्रदेश महिला अध्यक्ष सुमित्रा देवी उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और उनको ज्ञापन सौंपा।
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आरोप: उपायुक्त ने बुजुर्गों का भी ख्याल नहीं किया
सुनैना चौटाला ने कहा कि भाजपा शासनकाल में अधिकारी अपनी हठधर्मिता पर उतर आए हैं। लोगों को कुछ नहीं समझ रहे हैं। तीन घंटे तक लोग उपायुक्त के दरवाजे पर उनको ज्ञापन देने के लिए खड़े रहे लेकिन डीसी ने उनके प्रति कोई दया नहीं दिखाई। जब अधिकारी ही बुजुर्गों का सम्मान नहीं करते हैं तो प्रदेश सरकार से क्या उम्मीद की जा सकती है। अधिकारी जनता के सेवक होते हैं, उनको लोगों की समस्याओं को समझना चाहिए। सुनैना चौटाला ने कहा कि प्रदेश के लगभग 4 लाख 76 हजार बुजुर्गों की पेंशन काटी जा चुकी है। इस कारण यह बुजुर्ग दूसरों के अधीन हो गए हैं जो कि किसी भी सरकार के लिए शर्मनाक बात है। महंगाई का आलम किसी से छिपा नहीं है। कानून व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है। दिनदहाड़े डीएसपी को खनन माफिया मौत के घाट उतार रहे हैं लेकिन सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए है। जिस सरकार के अधिकारी ही ऐसे हैं, तो उससे क्या उम्मीद की जा सकती है।
सुबह हर घर तिरंगा अभियान के तहत एक कार्यक्रम था। इसके बाद ऑफिस में जनसमस्याएं सुनी थीं। 12 बजे से दो बजे तक कोर्ट थी। जब कोर्ट खत्म हुई तो ज्ञापन लेने के लिए आए थे, लेकिन इनेलो नेताओं ने ज्ञापन नहीं दिया। कुछ ही देर में इनेलो नेताओं ने ऑफिस में आकर ज्ञापन दे दिया था। ज्ञापन सरकार को भेज दिया है।
-डॉ. मनोज कुमार, उपायुक्त।

इनेलो नेताओं से ज्ञापन देने के लिए कहते डीसी डॉ. मनोज कुमार। संवाद।- फोटो : Jind

लघु सचिवालय गेट पर ताला लगातीं इनेलो प्रधान महासचिव सुनैना चौटाला। संवाद।- फोटो : Jind