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Jind News: चुनाव से पहले मेडिकल कॉलेज शुरू होने का सपना न हो सका साकार
Mon, 19 Aug 2024 03:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 19 Aug 2024 03:52 AM IST
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18जेएनडी14: मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. राजीव महेंद्ररू। संवाद
जींद। हैबतपुर गांव के पास बन रहे मेडिकल कॉलेज में ओपीडी शुरू करने का सपना चुनाव से पहले पूरा नहीं हो पाया। जिस तरह से इसका निर्माण कार्य चल रहा है, उससे लगता है कि इस वर्ष मेडिकल कॉलेज में ओपीडी शुरू नहीं हो पाएगी।
पिछले साल ही मेडिकल कॉलेज में ओपीडी शुरू करने के लिए सरकार ने प्रयास था, लेकिन अभी निर्माण भी पूरा नहीं हुआ है। मेडिकल कॉलेज में आज तक मेडिकल डायरेक्टर के बैठने के लिए कार्यालय भी नहीं बना है। ऐसे में डायरेक्टर जब भी आते हैं तो वह निर्माण कंपनी के कार्यालय में बैठकर अपना काम करते हैं।
तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने 26 दिसंबर 2014 को जींद में मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद जमीन की तलाश शुरू हुई तो तीन साल बाद हैबतपुर गांव की पंचायत ने अपनी 24 एकड़ जमीन दी। 2020 में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू हुआ। फिलहाल मेडिकल कॉलेज का 80 प्रतिशत निर्माण कार्य ही पूरा हुआ है। पहले ओपीडी के लिए भवन तैयार किया जा रहा है। ओपीडी के लिए भी भवन तैयार होने में काफी समय लगने वाला है। यहां 750 बेड का मेडिकल कॉलेज बनाया जा रहा है। इसमें 19 ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। फिलहाल मेडिकल कॉलेज के निदेशक का कार्यालय भी तैयार नहीं हुआ है। जब भी मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. राजीव महेंद्रू आते हैं तो वह निर्माण कंपनी के कार्यालय में बैठकर अपना काम करते हैं।
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पहले चरण में खर्च हो रहे 560 करोड़ रुपये
मेडिकल कॉलेज का निर्माण एलएंडटी कंपनी कर रही है। इसका निर्माण दो चरणों में पूरा होगा। पहले चरण में 75 फीसदी से ज्यादा काम पूरा हो जाएगा। मेडिकल कॉलेज के लिए कम जगह में बेहतर तकनीक का प्रयोग करके बहुमंजिला भवन बनाए जा रहे हैं। कॉलेज में लड़के-लड़कियों के लिए 19-19 मंजिला हॉस्टल बन रहे हैं। कॉलेज कैंपस भी सात मंजिला होगा। प्रथम चरण के निर्माण पर 560 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
प्रथम चरण में यह कार्य हो जाएगा पूरा
मेडिकल कॉलेज की ड्राइंग के अनुसार कॉलेज ग्राउंड में 19 बड़े ब्लॉक बन रहे हैं। इसमें टीचिंग अस्पताल, 750 बेड का अस्पताल, ब्लड बैंक, पैथ लैब, रेडियोग्राफी ब्लॉक, ओपीडी ब्लॉक, गर्ल्स एवं इंटरनल हॉस्टल, बॉयज एंड इंटरनल हॉस्टल, जूनियर व सीनियर रेजिडेंट, नर्सिंग कॉलेज व हॉस्टल, निदेशक निवास, गेस्ट हाउस व शॉपिंग सेंटर, पावर सब स्टेशन, पुलिस स्टेशन, वेस्ट मैनेजमेंट बिल्डिंग, शव गृह, पुलिस थाना, सब स्टेशन, खेल परिसर शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर का काम प्रथम चरण में ही पूरा कर लिया जाएगा।
फिलहाल कार्य तेज गति से चल रहा है। उम्मीद है इसी वर्ष ओपीडी शुरू हो जाएगी। उसके बाद एमबीबीएस सीटों के लिए आवेदन किया जाएगा। यहां 750 बेड का अस्पताल बनाया जा रहा है। सप्ताह में तीन दिन मेडिकल कॉलेज का दौरा किया जाता है। जो भी कमियां या जरूरत होती है, उसके अनुसार कार्य करवाया जा रहा है। बैठने के लिए कार्यालय का निर्माण भी शुरू हो चुका है। फिलहाल निर्माण कंपनी के कार्यालय में बैठकर ही काम चलाया जा रहा है। -डॉ. राजीव महेंद्रू, निदेशक मेडिकल कॉलेज, जींद।
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पिछले साल ही मेडिकल कॉलेज में ओपीडी शुरू करने के लिए सरकार ने प्रयास था, लेकिन अभी निर्माण भी पूरा नहीं हुआ है। मेडिकल कॉलेज में आज तक मेडिकल डायरेक्टर के बैठने के लिए कार्यालय भी नहीं बना है। ऐसे में डायरेक्टर जब भी आते हैं तो वह निर्माण कंपनी के कार्यालय में बैठकर अपना काम करते हैं।
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तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने 26 दिसंबर 2014 को जींद में मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद जमीन की तलाश शुरू हुई तो तीन साल बाद हैबतपुर गांव की पंचायत ने अपनी 24 एकड़ जमीन दी। 2020 में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू हुआ। फिलहाल मेडिकल कॉलेज का 80 प्रतिशत निर्माण कार्य ही पूरा हुआ है। पहले ओपीडी के लिए भवन तैयार किया जा रहा है। ओपीडी के लिए भी भवन तैयार होने में काफी समय लगने वाला है। यहां 750 बेड का मेडिकल कॉलेज बनाया जा रहा है। इसमें 19 ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। फिलहाल मेडिकल कॉलेज के निदेशक का कार्यालय भी तैयार नहीं हुआ है। जब भी मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. राजीव महेंद्रू आते हैं तो वह निर्माण कंपनी के कार्यालय में बैठकर अपना काम करते हैं।
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पहले चरण में खर्च हो रहे 560 करोड़ रुपये
मेडिकल कॉलेज का निर्माण एलएंडटी कंपनी कर रही है। इसका निर्माण दो चरणों में पूरा होगा। पहले चरण में 75 फीसदी से ज्यादा काम पूरा हो जाएगा। मेडिकल कॉलेज के लिए कम जगह में बेहतर तकनीक का प्रयोग करके बहुमंजिला भवन बनाए जा रहे हैं। कॉलेज में लड़के-लड़कियों के लिए 19-19 मंजिला हॉस्टल बन रहे हैं। कॉलेज कैंपस भी सात मंजिला होगा। प्रथम चरण के निर्माण पर 560 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
प्रथम चरण में यह कार्य हो जाएगा पूरा
मेडिकल कॉलेज की ड्राइंग के अनुसार कॉलेज ग्राउंड में 19 बड़े ब्लॉक बन रहे हैं। इसमें टीचिंग अस्पताल, 750 बेड का अस्पताल, ब्लड बैंक, पैथ लैब, रेडियोग्राफी ब्लॉक, ओपीडी ब्लॉक, गर्ल्स एवं इंटरनल हॉस्टल, बॉयज एंड इंटरनल हॉस्टल, जूनियर व सीनियर रेजिडेंट, नर्सिंग कॉलेज व हॉस्टल, निदेशक निवास, गेस्ट हाउस व शॉपिंग सेंटर, पावर सब स्टेशन, पुलिस स्टेशन, वेस्ट मैनेजमेंट बिल्डिंग, शव गृह, पुलिस थाना, सब स्टेशन, खेल परिसर शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर का काम प्रथम चरण में ही पूरा कर लिया जाएगा।
फिलहाल कार्य तेज गति से चल रहा है। उम्मीद है इसी वर्ष ओपीडी शुरू हो जाएगी। उसके बाद एमबीबीएस सीटों के लिए आवेदन किया जाएगा। यहां 750 बेड का अस्पताल बनाया जा रहा है। सप्ताह में तीन दिन मेडिकल कॉलेज का दौरा किया जाता है। जो भी कमियां या जरूरत होती है, उसके अनुसार कार्य करवाया जा रहा है। बैठने के लिए कार्यालय का निर्माण भी शुरू हो चुका है। फिलहाल निर्माण कंपनी के कार्यालय में बैठकर ही काम चलाया जा रहा है। -डॉ. राजीव महेंद्रू, निदेशक मेडिकल कॉलेज, जींद।