{"_id":"693f0f0f0ddf9aa858096639","slug":"the-district-has-10-pottery-shops-in-a-decade-jind-news-c-199-1-jnd1010-145400-2025-12-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: जिले में एक दशक में 10 बर्तनों की दुकानें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: जिले में एक दशक में 10 बर्तनों की दुकानें
Mon, 15 Dec 2025 12:55 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 15 Dec 2025 12:55 AM IST
विज्ञापन
14जेएनडी10 :गौरव मित्तल
जींद। शहर के स्टील बर्तन बाजार में दस वर्षों से बदलाव देखने को मिल रहा है। एक समय था जब शहर में स्टील बर्तनों की करीब 40 दुकानें हुआ करती थीं लेकिन आज इनकी संख्या बढ़कर लगभग 50 पहुंच गई है। इससे लोगों जरूरत के हर बर्तन आसानी से मिल जाते हैं। इससे खरीदारी के लिए दूसरे जिले नहीं जाना पड़ता है।
पहले बर्तन बाजार में मुख्य रूप से स्टील की थालियों, गिलासों, कटोरी और डब्बों की ही ज्यादा मांग रहती थी। उस समय घर-घर में सादा और टिकाऊ बर्तनों को प्राथमिकता दी जाती थी। शादी-ब्याह या अन्य सामाजिक आयोजनों में भी थाली-गिलास जैसे सामान ही अधिक खरीदे जाते थे लेकिन बदलती जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते अब ग्राहकों की पसंद में विविधता आ गई है।
0
बाजार में 250 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक के बर्तन बिक रहे हैं। साधारण स्टील बर्तनों के साथ डिजाइनर अच्छी क्वालिटी के बर्तनों की भी मांग देखने को मिल रही है। मध्यम वर्ग के ग्राहक अब टिकाऊ और आकर्षक बर्तनों पर थोड़ा अधिक खर्च करने से भी नहीं हिचकिचा रहे हैं।-गौरव मित्तल
विज्ञापन
0
सबसे बड़ा बदलाव तांबे के बर्तनों की बढ़ती लोकप्रियता के रूप में सामने आया है। पहले जहां तांबे के बर्तन गिनती की दुकानों पर ही मिलते थे, वहीं अब लगभग हर स्टील बर्तन की दुकान पर तांबे के लोटे, गिलास, जग और पूजा से जुड़े सामान मिल जाते हैं। -रिंकू गर्ग
0
बर्तन बाजार के बढ़ने से लोगों को काम के अवसर भी मिले है। नई दुकानों के खुलने से सेल्समैन, कारीगर और सप्लायरों को काम मिल रहा है। शहर का स्टील बर्तन बाजार अब केवल जरूरत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि फैशन, स्वास्थ्य और गुणवत्ता से जुड़ा व्यापार बनता जा रहा है।-जितेंद्र गर्ग।
विज्ञापन
पहले बर्तन बाजार में मुख्य रूप से स्टील की थालियों, गिलासों, कटोरी और डब्बों की ही ज्यादा मांग रहती थी। उस समय घर-घर में सादा और टिकाऊ बर्तनों को प्राथमिकता दी जाती थी। शादी-ब्याह या अन्य सामाजिक आयोजनों में भी थाली-गिलास जैसे सामान ही अधिक खरीदे जाते थे लेकिन बदलती जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते अब ग्राहकों की पसंद में विविधता आ गई है।
विज्ञापन
0
बाजार में 250 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक के बर्तन बिक रहे हैं। साधारण स्टील बर्तनों के साथ डिजाइनर अच्छी क्वालिटी के बर्तनों की भी मांग देखने को मिल रही है। मध्यम वर्ग के ग्राहक अब टिकाऊ और आकर्षक बर्तनों पर थोड़ा अधिक खर्च करने से भी नहीं हिचकिचा रहे हैं।-गौरव मित्तल
विज्ञापन
0
सबसे बड़ा बदलाव तांबे के बर्तनों की बढ़ती लोकप्रियता के रूप में सामने आया है। पहले जहां तांबे के बर्तन गिनती की दुकानों पर ही मिलते थे, वहीं अब लगभग हर स्टील बर्तन की दुकान पर तांबे के लोटे, गिलास, जग और पूजा से जुड़े सामान मिल जाते हैं। -रिंकू गर्ग
0
बर्तन बाजार के बढ़ने से लोगों को काम के अवसर भी मिले है। नई दुकानों के खुलने से सेल्समैन, कारीगर और सप्लायरों को काम मिल रहा है। शहर का स्टील बर्तन बाजार अब केवल जरूरत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि फैशन, स्वास्थ्य और गुणवत्ता से जुड़ा व्यापार बनता जा रहा है।-जितेंद्र गर्ग।

14जेएनडी10 :गौरव मित्तल

14जेएनडी10 :गौरव मित्तल

14जेएनडी10 :गौरव मित्तल