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Jind News: खानाकास्त खेवट मालिकों का इंतकाल दर्ज नहीं, अधिवक्ता ने डीसी को दी शिकायत
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जींद। सरकार की ओर से खानाकास्त खेवट में दर्ज मालिकों का नाम मलकीयत में दर्ज करने के आदेश के बावजूद इंतकाल दर्ज नहीं करने का आरोप लगाते हुए डीसी डॉ. वैशाली शर्मा को शिकायत दी है। उन्होंने तहसील में कार्यरत पटवारी और तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। इस पर डीसी से उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
अधिवक्ता सुनील वर्मा ने डीसी को दी शिकायत में बताया कि 24 जून को तहसीलदार के समक्ष खेवट नंबर-68, गांव गोविंदपुरा में खानाकास्त से मलकीयत में नाम दर्ज करवाने के संबंध में लिखित शिकायत दी थी। आरोप है कि इस शिकायत पर लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 30 जुलाई को जिला राजस्व अधिकारी को शिकायत दी गई।
जिला राजस्व अधिकारी ने तीन अगस्त को तहसीलदार को मामले में कार्रवाई के लिए पत्र भेजा। उनका आरोप है कि संबंधित फाइल कई दिनों तक तहसील कार्यालय में पड़ी रही। बाद में तहसीलदार ने फाइल पर हस्ताक्षर किए लेकिन गांव गोविंदपुरा के पटवारी ने फाइल को तहसील कार्यालय से प्राप्त नहीं किया।
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उन्होंने बताया कि इस संबंध में राजस्व एवं आपदा विभाग चंडीगढ़ को भी पत्र भेजा गया था। विभाग की ओर से नए पोर्टल पर पुरानी वसीका का इंतकाल दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी गई। मांग की गई है कि मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और आमजन के लंबित इंतकाल समय पर दर्ज करवाए जाएं।
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अधिवक्ता सुनील वर्मा ने डीसी को दी शिकायत में बताया कि 24 जून को तहसीलदार के समक्ष खेवट नंबर-68, गांव गोविंदपुरा में खानाकास्त से मलकीयत में नाम दर्ज करवाने के संबंध में लिखित शिकायत दी थी। आरोप है कि इस शिकायत पर लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 30 जुलाई को जिला राजस्व अधिकारी को शिकायत दी गई।
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जिला राजस्व अधिकारी ने तीन अगस्त को तहसीलदार को मामले में कार्रवाई के लिए पत्र भेजा। उनका आरोप है कि संबंधित फाइल कई दिनों तक तहसील कार्यालय में पड़ी रही। बाद में तहसीलदार ने फाइल पर हस्ताक्षर किए लेकिन गांव गोविंदपुरा के पटवारी ने फाइल को तहसील कार्यालय से प्राप्त नहीं किया।
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उन्होंने बताया कि इस संबंध में राजस्व एवं आपदा विभाग चंडीगढ़ को भी पत्र भेजा गया था। विभाग की ओर से नए पोर्टल पर पुरानी वसीका का इंतकाल दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी गई। मांग की गई है कि मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और आमजन के लंबित इंतकाल समय पर दर्ज करवाए जाएं।