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Jind News: नागरिक अस्पताल में करोड़ों रुपये से की लीपापोती की खुली पोल
Tue, 07 Oct 2025 01:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 07 Oct 2025 01:02 AM IST
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06जेएनडी21: नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में जीर्णोद्वार के बाद टपक रहा पानी। स्रोत : सोशल मीडि
जींद। नागरिक अस्पताल के पुराने भवन को जीर्णोद्धार के नाम पर टफन लगाकर चमका दिया गया है लेकिन लेंटर में आई दरारों को न भरने के कारण पहली ही बारिश में छत टपकने लगी है और टफन भी हवा के कारण टूटा गया। इससे अस्पताल पर खर्च होने वाली 14.90 करोड़ की राशि की बर्बादी नजर आ रही है।
नागरिक अस्पताल में पुराने भवन के जीर्णोद्धार पर खर्च की जाने वाली राशि से घटिया सामग्री का प्रयोग करने, लेंटर व दीवारों पर लिपाई नहीं करने को लेकर अधिवक्ता सुनील राज बामणिया व सीटू ने सवाल खड़े किए थे।
इसके बाद भी पीडब्ल्यूडी निर्माण को लेकर गंभीर नहीं हुआ लेकिन बाद में सीएम विंडों व अस्पताल प्रशासन को शिकायत देकर विजिलेंस से जांच करवाने की मांग की थी। इसके लिए विजिलेंस को भी अस्पताल की शिकायत शाखा ने जांच के लिए पत्र लिखा था।
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सोमवार के हुई बारिश में इमरजेंसी के बाहर मुख्य गेट पर लगी लाइटों के बीच से पानी बहने लगा। इसका वीडियो बनाकर अधिवक्ता सुनील राज ने सोशल मीडिया पर वायरल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में 14.90 करोड़ रुपये लाख रुपये की लागत से पुराने भवन को नया दिखाने के लिए काम शुरू किया था लेकिन अस्पताल में काम को गुणवत्ता पूर्वक नहीं किया गया।
इसके कारण पहली ही बरसात में पोल खुल गई। इसके अलावा भी कई हिस्सों से पानी का रिसाव नजर आया। अगर भवन की बाहरी चमक की बात की जाए तो यह शहर में निजी अस्पतालों की तर्ज पर चमक रहा है लेकिन इसमें गुणवत्ता नहीं होने के कारण यह सिर्फ दिखावा बना हुआ है।
वर्जन
भवन के निर्माण का कार्य पीडब्ल्यूडी से करवाया जा रहा है। अगर भवन में पानी टपक रहा है तो इसकी जांच करवाई जाएगी। पुराने भवन के जीर्णोद्धार की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की है। इसकी निगरानी के लिए अस्पताल के चिकित्सकों की टीम बनाई गई है जो कमियां भवन में सामने आएंगी। उनको दुरूस्त करवाया जाएगा। -डॉ. सुमन कोहली, सिविल सर्जन नागरिक अस्पताल जींद
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नागरिक अस्पताल में पुराने भवन के जीर्णोद्धार पर खर्च की जाने वाली राशि से घटिया सामग्री का प्रयोग करने, लेंटर व दीवारों पर लिपाई नहीं करने को लेकर अधिवक्ता सुनील राज बामणिया व सीटू ने सवाल खड़े किए थे।
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इसके बाद भी पीडब्ल्यूडी निर्माण को लेकर गंभीर नहीं हुआ लेकिन बाद में सीएम विंडों व अस्पताल प्रशासन को शिकायत देकर विजिलेंस से जांच करवाने की मांग की थी। इसके लिए विजिलेंस को भी अस्पताल की शिकायत शाखा ने जांच के लिए पत्र लिखा था।
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सोमवार के हुई बारिश में इमरजेंसी के बाहर मुख्य गेट पर लगी लाइटों के बीच से पानी बहने लगा। इसका वीडियो बनाकर अधिवक्ता सुनील राज ने सोशल मीडिया पर वायरल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में 14.90 करोड़ रुपये लाख रुपये की लागत से पुराने भवन को नया दिखाने के लिए काम शुरू किया था लेकिन अस्पताल में काम को गुणवत्ता पूर्वक नहीं किया गया।
इसके कारण पहली ही बरसात में पोल खुल गई। इसके अलावा भी कई हिस्सों से पानी का रिसाव नजर आया। अगर भवन की बाहरी चमक की बात की जाए तो यह शहर में निजी अस्पतालों की तर्ज पर चमक रहा है लेकिन इसमें गुणवत्ता नहीं होने के कारण यह सिर्फ दिखावा बना हुआ है।
वर्जन
भवन के निर्माण का कार्य पीडब्ल्यूडी से करवाया जा रहा है। अगर भवन में पानी टपक रहा है तो इसकी जांच करवाई जाएगी। पुराने भवन के जीर्णोद्धार की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की है। इसकी निगरानी के लिए अस्पताल के चिकित्सकों की टीम बनाई गई है जो कमियां भवन में सामने आएंगी। उनको दुरूस्त करवाया जाएगा। -डॉ. सुमन कोहली, सिविल सर्जन नागरिक अस्पताल जींद