{"_id":"6942f0188892569cbd036657","slug":"the-community-provided-assistance-to-the-punjab-flood-victims-jind-news-c-199-1-sroh1009-145553-2025-12-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: संगत ने पंजाब बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचाई मदद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: संगत ने पंजाब बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचाई मदद
विज्ञापन
17जेएनडी02: राहत सामग्री लेकर जाने वाला जत्था। स्रोत: संगत
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सानिध्य में जिले की संगत ने मानवता की मिसाल कायम की है। कमेटी के अंतरिम सदस्य सरदार करनैल सिंह निम्नाबाद और गुरुद्वारा मैनेजर गुरविंदर सिंह चौगामा के नेतृत्व में जिले की विभिन्न संगतों व 36 बिरादरियों के सहयोग से पंजाब के तरनतारन जिले के गांव मुंडा में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए राहत अभियान चलाया।
प्रसिद्ध कथावाचक बाबा बंता सिंह की अगुवाई में जत्था पंजाब के गांव मुंडा पहुंचा और पीड़ितों को 1767 लीटर डीजल, तेल आदि सामग्री वितरित की। बाढ़ के कारण खेतों में पानी निकालने के लिए डीजल की सख्त जरूरत थी।
गुरविंदर सिंह चौगामा ने बताया कि तरनतारन जिले के कई गांवों में अभी भी छह-छह फुट तक रेता, कीचड़ जमा है। लगभग तीन हजार एकड़ बोने योग्य जमीन पूरी तरह बंजर हो चुकी है। बाढ़ की तबाही से किसान बेहद परेशान हैं और फसलों की बुआई प्रभावित हुई है। यह सेवा कार्य पंजाब में 2025 की भयंकर बाढ़ के बाद जारी राहत प्रयासों का हिस्सा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जींद। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सानिध्य में जिले की संगत ने मानवता की मिसाल कायम की है। कमेटी के अंतरिम सदस्य सरदार करनैल सिंह निम्नाबाद और गुरुद्वारा मैनेजर गुरविंदर सिंह चौगामा के नेतृत्व में जिले की विभिन्न संगतों व 36 बिरादरियों के सहयोग से पंजाब के तरनतारन जिले के गांव मुंडा में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए राहत अभियान चलाया।
प्रसिद्ध कथावाचक बाबा बंता सिंह की अगुवाई में जत्था पंजाब के गांव मुंडा पहुंचा और पीड़ितों को 1767 लीटर डीजल, तेल आदि सामग्री वितरित की। बाढ़ के कारण खेतों में पानी निकालने के लिए डीजल की सख्त जरूरत थी।
विज्ञापन
गुरविंदर सिंह चौगामा ने बताया कि तरनतारन जिले के कई गांवों में अभी भी छह-छह फुट तक रेता, कीचड़ जमा है। लगभग तीन हजार एकड़ बोने योग्य जमीन पूरी तरह बंजर हो चुकी है। बाढ़ की तबाही से किसान बेहद परेशान हैं और फसलों की बुआई प्रभावित हुई है। यह सेवा कार्य पंजाब में 2025 की भयंकर बाढ़ के बाद जारी राहत प्रयासों का हिस्सा है।
विज्ञापन