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Jind News: मौसम का बदलता मिजाज बिगाड़ रहा सेहत का गुणा-गणित
Thu, 16 Oct 2025 12:24 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 16 Oct 2025 12:24 AM IST
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डॉ. गौरव यादव,
रेवाड़ी। मौसम के बदलते मिजाज का असर लोगों के स्वास्थ्य पर साफ दिखाई देने लगा है। दिन में धूप और रात में हल्की ठंड के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है जिससे सर्दी, खांसी, जुकाम और वायरल बुखार के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
नागरिक अस्पताल में मेडिसिन विभाग की ओपीडी 400 से 500 तक पहुंच गई है। इससे पहले ओपीडी 200-350 के बीच में दर्ज की जा रही थी। चिकित्सकों ने लोगों को इस मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
दरअसल सुबह और शाम के समय ठंडक महसूस की जा रही है जबकि दोपहर में तेज धूप रहती है। ऐसे में शरीर का तापमान असंतुलित हो जाता है और प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ने लगती है। इसका असर खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों पर अधिक दिखाई देता है। कई मरीज गले में खराश, बुखार और नाक बंद जैसी शिकायतों के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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चिकित्सकों ने बताया कि मौसम परिवर्तन के दौरान लोग अक्सर लापरवाही बरतते हैं, जैसे सुबह बिना गर्म कपड़े पहने निकलना या पसीने में तुरंत ठंडा पानी पी लेना। यह आदतें बीमारियों को निमंत्रण देती हैं। उन्होंने कहा कि इस समय गुनगुना पानी पीना, संतुलित आहार लेना और ठंडी चीजों से परहेज करना बेहद जरूरी है।
डॉ. गौरव यादव ने यह भी सलाह दी कि सुबह-शाम बाहर निकलते समय शरीर को ढककर रखें और भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क का उपयोग करें ताकि संक्रमण से बचाव हो सके। जिन लोगों को पहले से एलर्जी या सांस संबंधी समस्या है, वे डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न लें।
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पिछले दिनों का तापमान
तारीख-- अधिकतम-- न्यूनतम
15 अक्तूबर 33-- 13.5
14 अक्तूबर 32.5-- -13.5
13 अक्तूबर 32.5-- -13.5
12 अक्तूबर 30-- -14.2
11 अक्तूबर 29.8-- -13.6
10 अक्तूबर 29-- -13.5
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वर्जन:
थोड़ी सी सावधानी अपनाकर इस मौसम में होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है। बदलते मौसम में स्वास्थ्य पर ध्यान देना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। स्वास्थ्य खराब होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। -डॉ. गौरव यादव, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल रेवाड़ी।
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नागरिक अस्पताल में मेडिसिन विभाग की ओपीडी 400 से 500 तक पहुंच गई है। इससे पहले ओपीडी 200-350 के बीच में दर्ज की जा रही थी। चिकित्सकों ने लोगों को इस मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
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दरअसल सुबह और शाम के समय ठंडक महसूस की जा रही है जबकि दोपहर में तेज धूप रहती है। ऐसे में शरीर का तापमान असंतुलित हो जाता है और प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ने लगती है। इसका असर खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों पर अधिक दिखाई देता है। कई मरीज गले में खराश, बुखार और नाक बंद जैसी शिकायतों के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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चिकित्सकों ने बताया कि मौसम परिवर्तन के दौरान लोग अक्सर लापरवाही बरतते हैं, जैसे सुबह बिना गर्म कपड़े पहने निकलना या पसीने में तुरंत ठंडा पानी पी लेना। यह आदतें बीमारियों को निमंत्रण देती हैं। उन्होंने कहा कि इस समय गुनगुना पानी पीना, संतुलित आहार लेना और ठंडी चीजों से परहेज करना बेहद जरूरी है।
डॉ. गौरव यादव ने यह भी सलाह दी कि सुबह-शाम बाहर निकलते समय शरीर को ढककर रखें और भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क का उपयोग करें ताकि संक्रमण से बचाव हो सके। जिन लोगों को पहले से एलर्जी या सांस संबंधी समस्या है, वे डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न लें।
पिछले दिनों का तापमान
तारीख
15 अक्तूबर 33
14 अक्तूबर 32.5
13 अक्तूबर 32.5
12 अक्तूबर 30
11 अक्तूबर 29.8
10 अक्तूबर 29
वर्जन:
थोड़ी सी सावधानी अपनाकर इस मौसम में होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है। बदलते मौसम में स्वास्थ्य पर ध्यान देना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। स्वास्थ्य खराब होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। -डॉ. गौरव यादव, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल रेवाड़ी।