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Jind News: उझाना में तनाव, ग्रामीणों ने बाहरी लोगों को चेतावनी
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नरवाना। गांव उझाना से प्रशासन की ओर से अवैध कब्जा हटवाकर वहां से डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा उठाने का मामला गरमा गया है। भीम आर्मी व अनुसूचित जाति के लोगों ने प्रशासन को बुधवार को गांव में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की चेतावनी दी है। वहीं सोमवार को गांव में काफी लोगों ने पंचायत करके फैसला लिया कि यदि बुधवार को गांव में कोई बाहर का व्यक्ति आया तो उसके साथ क्या होगा, उसके लिए वह खुद जिम्मेदार होगा।
पंचायत में संदीप चहल तथा रामभज ने कहा कि गांव में बाहर के कुछ लोग आपसी सौहार्द खराब करना चाहते हैं। अनुसूचित जाति के लोग जिस जगह पर डॉ. भीमराव आंबेडकर भवन बनाना चाहते थे तथा डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की वह ग्रामीणों ने जगह खाली नहीं करवाई। यहां से प्रशासन ने ही कार्रवाई की है और प्रशासन ने भी डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा उठाई है। वह लोग हमेशा ग्रामीणों के साथ हैं, जो वह किसी भी जाति का क्यों न हो लेकिन कुछ बाहरी लोग गांव में जातिवाद का जहर घोल रहे हैं। इसलिए यदि वे लोग बुधवार को गांव में घुसे तो कोई भी अनहोनी हो सकती है। रामभज ने कहा कि वह डॉ. भीमराव आंबेडकर का सम्मान करते हैं तथा यहां प्रतिमा स्थापित होने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। प्रशासन चाहे कुछ भी कार्रवाई करे, इसमें किसी दूसरी जाति के व्यक्ति का कोई हाथ नहीं है लेकिन गांव का माहौल खराब करने पर कुछ लोग तुले हुए हैं। बता दें कि कुछ दिन पहले उझाना गांव से प्रशासन ने यहां धरना दे रहे अनुसूचित जाति के लोगों को उठा दिया था और यहां से डॉ. भीमराव की प्रतिमा को भी उठा लिया था। इसके बाद इन लोगों ने डीसी कार्यालय में प्रदर्शन किया था। डीसी ने 13 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। अब प्रतिमा स्थापित करने के लिए अनुसूचित जाति के लोगों ने प्रशासन को बुधवार का अल्टीमेटम दिया हुआ है।
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पंचायत में संदीप चहल तथा रामभज ने कहा कि गांव में बाहर के कुछ लोग आपसी सौहार्द खराब करना चाहते हैं। अनुसूचित जाति के लोग जिस जगह पर डॉ. भीमराव आंबेडकर भवन बनाना चाहते थे तथा डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की वह ग्रामीणों ने जगह खाली नहीं करवाई। यहां से प्रशासन ने ही कार्रवाई की है और प्रशासन ने भी डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा उठाई है। वह लोग हमेशा ग्रामीणों के साथ हैं, जो वह किसी भी जाति का क्यों न हो लेकिन कुछ बाहरी लोग गांव में जातिवाद का जहर घोल रहे हैं। इसलिए यदि वे लोग बुधवार को गांव में घुसे तो कोई भी अनहोनी हो सकती है। रामभज ने कहा कि वह डॉ. भीमराव आंबेडकर का सम्मान करते हैं तथा यहां प्रतिमा स्थापित होने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। प्रशासन चाहे कुछ भी कार्रवाई करे, इसमें किसी दूसरी जाति के व्यक्ति का कोई हाथ नहीं है लेकिन गांव का माहौल खराब करने पर कुछ लोग तुले हुए हैं। बता दें कि कुछ दिन पहले उझाना गांव से प्रशासन ने यहां धरना दे रहे अनुसूचित जाति के लोगों को उठा दिया था और यहां से डॉ. भीमराव की प्रतिमा को भी उठा लिया था। इसके बाद इन लोगों ने डीसी कार्यालय में प्रदर्शन किया था। डीसी ने 13 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। अब प्रतिमा स्थापित करने के लिए अनुसूचित जाति के लोगों ने प्रशासन को बुधवार का अल्टीमेटम दिया हुआ है।
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