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बताएं कितना साफ-सुथरा है आपका शहर, फीडबैक लेने का काम शुरू
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जींद। स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 शुरू हो चुका है। इसके तहत सर्वेक्षण टीम द्वारा फीडबैक लिया जा रहा है। ऐसे में नगर परिषद ने रैंकिंग सुधारने के लिए कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत जहां शहर में स्वच्छता की स्थिति सुधारी जा रही है, वहीं लोगों को फीडबैक में अधिक से अधिक भाग लेने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए नगर परिषद द्वारा स्वच्छता गान शुरू किया गया है। इसके तहत टीम अपने दिन की शुरूआत स्वच्छता गान से करेगी। इतना ही नहीं शहर में होने वाले कार्यक्रमों की शुरूआत भी इसी गान से होगी।
हालांकि स्वच्छता सर्वेक्षण जनवरी महीने में होना था, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते अभी तक टीम नहीं आई है। हालांकि केंद्र सरकार की टीम द्वारा लोगों से फीडबैक लिया जा रहा है। इसके तहत फोन कर लोगों से स्वच्छता की जानकारी ली जा रही है। इसके बाद टीम आएगी, जो शहर में घूमकर में स्वच्छता का आंकलन करेगी। शहर को पिछले साल से बेहतर रैंकिंग मिले, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरित करने के लिए स्वच्छता गान सुनाया जाएगा।
सोमवार को जींद व नरवाना नगर परिषद, उचाना, सफीदों व जुलाना नगरपालिका में स्टाफ व आमजन को स्वच्छता गान दिखाया व सुनाया गया। जींद नगर परिषद कार्यालय में इस दौरान मुख्य सफाई निरीक्षक मोहन भारद्वाज, सफाई निरीक्षक नीलम, स्वच्छ भारत मिशन सिटी टीम लीडर प्रदीप जाखड़ और सफाई कर्मी मौजूद रहे।
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स्वच्छता गान से शुरू होगा अभियान
शहर में जहां भी स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम होंगे व स्वच्छता अभियान चलेंगे, उनकी शुरुआत स्वच्छता गान से होगी। नगर परिषद के वाहनों पर भी स्वच्छता गान चलाया जा रहा है।
मोहन भारद्वाज, सीएसआई, जींद नगरपरिषद।
7500 अंकों का होगा स्वच्छता सर्वेक्षण
इस बार स्वच्छता सर्वे 6000 हजार की बजाय 7500 अंकों का होगा। इसमें 30 प्रतिशत अंक लोगों द्वारा दिए गए फीडबैक पर आधारित होंगे। 30 प्रतिशत स्वच्छता प्रमाण पत्रों के व 40 प्रतिशत अंक सेवा स्तर की की स्थिति के होंगे। केंद्र सरकार द्वारा साल 2016 में स्वच्छता सर्वेक्षण कार्यक्रम शुरू किया था। तब समय देश के 73 शहरों को सर्वेक्षण में शामिल किया गया। पिछले साल किए गए सर्वे में 4320 शहरों को शामिल किया गया, जिसमें जींद को 195वां रैंक मिला।
स्वच्छता सर्वेक्षण में लोगों की भागेदारी जरूरी
स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू हो चुका है। जिले में सभी नगर परिषद और नगरपालिकाएं इसमें शामिल हैं। सभी को अच्छी रैंकिंग के लिए लोगों की भागेदारी जरूरी है। इसके लिए प्रशासन अपने स्तर पर काम कर रहा है। लोगों को भी इसमें भागेदारी करनी चाहिए। लोगों को प्रेरित करने के लिए स्वच्छता गान शुरू किया गया है।
- मेजर गायत्री अहलावत, डीएमसी।
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हालांकि स्वच्छता सर्वेक्षण जनवरी महीने में होना था, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते अभी तक टीम नहीं आई है। हालांकि केंद्र सरकार की टीम द्वारा लोगों से फीडबैक लिया जा रहा है। इसके तहत फोन कर लोगों से स्वच्छता की जानकारी ली जा रही है। इसके बाद टीम आएगी, जो शहर में घूमकर में स्वच्छता का आंकलन करेगी। शहर को पिछले साल से बेहतर रैंकिंग मिले, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरित करने के लिए स्वच्छता गान सुनाया जाएगा।
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सोमवार को जींद व नरवाना नगर परिषद, उचाना, सफीदों व जुलाना नगरपालिका में स्टाफ व आमजन को स्वच्छता गान दिखाया व सुनाया गया। जींद नगर परिषद कार्यालय में इस दौरान मुख्य सफाई निरीक्षक मोहन भारद्वाज, सफाई निरीक्षक नीलम, स्वच्छ भारत मिशन सिटी टीम लीडर प्रदीप जाखड़ और सफाई कर्मी मौजूद रहे।
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स्वच्छता गान से शुरू होगा अभियान
शहर में जहां भी स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम होंगे व स्वच्छता अभियान चलेंगे, उनकी शुरुआत स्वच्छता गान से होगी। नगर परिषद के वाहनों पर भी स्वच्छता गान चलाया जा रहा है।
मोहन भारद्वाज, सीएसआई, जींद नगरपरिषद।
7500 अंकों का होगा स्वच्छता सर्वेक्षण
इस बार स्वच्छता सर्वे 6000 हजार की बजाय 7500 अंकों का होगा। इसमें 30 प्रतिशत अंक लोगों द्वारा दिए गए फीडबैक पर आधारित होंगे। 30 प्रतिशत स्वच्छता प्रमाण पत्रों के व 40 प्रतिशत अंक सेवा स्तर की की स्थिति के होंगे। केंद्र सरकार द्वारा साल 2016 में स्वच्छता सर्वेक्षण कार्यक्रम शुरू किया था। तब समय देश के 73 शहरों को सर्वेक्षण में शामिल किया गया। पिछले साल किए गए सर्वे में 4320 शहरों को शामिल किया गया, जिसमें जींद को 195वां रैंक मिला।
स्वच्छता सर्वेक्षण में लोगों की भागेदारी जरूरी
स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू हो चुका है। जिले में सभी नगर परिषद और नगरपालिकाएं इसमें शामिल हैं। सभी को अच्छी रैंकिंग के लिए लोगों की भागेदारी जरूरी है। इसके लिए प्रशासन अपने स्तर पर काम कर रहा है। लोगों को भी इसमें भागेदारी करनी चाहिए। लोगों को प्रेरित करने के लिए स्वच्छता गान शुरू किया गया है।
- मेजर गायत्री अहलावत, डीएमसी।