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Jind News: तहसील कर्मचारियों ने सोनीपत की टीम को दी लैंड रिकार्ड की जानकारी
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जींद। सोनीपत में कई दिनों से ठप पड़ीं तहसील लैंड रिकार्ड की सेवाएं फिर बहाल हो गई हैं। यह जींद तहसील कार्यालय की टीम की ओर से दिए गए प्रशिक्षण से संभव हो पाया है। सोनीपत के नायब तहसीलदार अशोक, सुपरवाइजर, पटवारी, कंप्यूटर ऑपरेटर जींद पहुंचे। सभी ने जींद तहसील कार्यालय की लैंड रिकार्ड की सेवाओं के बारे में जानकारी हासिल की क्योंकि कई दिनों से सोनीपत में लैंड रिकार्ड की सेवाएं बंद पड़ी थी।
इसकी वजह से लोगों के तहसील संबंधित कार्य नहीं हो रहे थे और लोगों को बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे थे। टीम ने जींद के अंदर चल रहे लैंड रिकॉर्ड कंप्यूटराइजेशन के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने तहसील की प्रक्रिया को देखकर अतिरिक्त सुपरवाइजर बंसीधर से वसीका पंजीकरण तथा इंतकाल, रजिस्ट्री के इंतकाल और उसी दिन इंतकाल कैसे दर्ज किए जाते हैं आदि के बारे में जानकारी ली। वह रपट रोजनामचा या ऑनलाइन का कार्य जो सोनीपत जिले में शुरू भी नहीं किया था, उसकी जानकारी दी और इन सभी पब्लिक डीलिंग सेवाओं को समझा ताकि सोनीपत में कंप्यूटराइजेशन लैंड रिकॉर्ड को बेहतर बनाकर पब्लिक को इसका फायदा दिया जा सके।
बॉक्स
वैब हैलरिस बारे दी पूरी ट्रेनिंग
लैंड रिकॉर्ड जूनियर प्रोग्रामर राजेश गौतम ने समस्त टीम को वेब हैलरिस बारे परीक्षण दिया गया। परीक्षण के बाद नायब तहसीलदार अशोक ने बताया कि वह जिला सोनीपत में रपट रोजनामचा का कार्य जींद प्रणाली के तहत लागू करेंगे ताकि लोगों को लैंड रिकॉर्ड प्रदेश सरकार द्वारा संचालित वैब हैलरिस का फायदा उसी दिन मिल सके।
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जिला राजस्व अधिकारी (डीआरओ) राजेश ख्यालिया ने बताया कि कंप्यूटर सिस्टम में जो भी अपडेट होता है, उसे जिले में लागू करते हैं। जिले में सभी कंप्यूटर संबंधी सेवाएं पूर्ण रूप से कार्य कर रही हैं।
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सॉफ्टवेयर का दिया गया प्रशिक्षण
डीआईओ एमजेड आर बदर ने बताया कि प्रदेश सरकार से जब भी कोई सॉफ्टवेयर में अपडेट आता है। जूनियर प्रोग्रामर को प्रशिक्षण देकर पूरे जिले में प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे कि लोगों के तहसील संबंधित कार्य समय पर हो और उन्हें बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़े।
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इसकी वजह से लोगों के तहसील संबंधित कार्य नहीं हो रहे थे और लोगों को बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे थे। टीम ने जींद के अंदर चल रहे लैंड रिकॉर्ड कंप्यूटराइजेशन के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने तहसील की प्रक्रिया को देखकर अतिरिक्त सुपरवाइजर बंसीधर से वसीका पंजीकरण तथा इंतकाल, रजिस्ट्री के इंतकाल और उसी दिन इंतकाल कैसे दर्ज किए जाते हैं आदि के बारे में जानकारी ली। वह रपट रोजनामचा या ऑनलाइन का कार्य जो सोनीपत जिले में शुरू भी नहीं किया था, उसकी जानकारी दी और इन सभी पब्लिक डीलिंग सेवाओं को समझा ताकि सोनीपत में कंप्यूटराइजेशन लैंड रिकॉर्ड को बेहतर बनाकर पब्लिक को इसका फायदा दिया जा सके।
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वैब हैलरिस बारे दी पूरी ट्रेनिंग
लैंड रिकॉर्ड जूनियर प्रोग्रामर राजेश गौतम ने समस्त टीम को वेब हैलरिस बारे परीक्षण दिया गया। परीक्षण के बाद नायब तहसीलदार अशोक ने बताया कि वह जिला सोनीपत में रपट रोजनामचा का कार्य जींद प्रणाली के तहत लागू करेंगे ताकि लोगों को लैंड रिकॉर्ड प्रदेश सरकार द्वारा संचालित वैब हैलरिस का फायदा उसी दिन मिल सके।
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जिला राजस्व अधिकारी (डीआरओ) राजेश ख्यालिया ने बताया कि कंप्यूटर सिस्टम में जो भी अपडेट होता है, उसे जिले में लागू करते हैं। जिले में सभी कंप्यूटर संबंधी सेवाएं पूर्ण रूप से कार्य कर रही हैं।
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सॉफ्टवेयर का दिया गया प्रशिक्षण
डीआईओ एमजेड आर बदर ने बताया कि प्रदेश सरकार से जब भी कोई सॉफ्टवेयर में अपडेट आता है। जूनियर प्रोग्रामर को प्रशिक्षण देकर पूरे जिले में प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे कि लोगों के तहसील संबंधित कार्य समय पर हो और उन्हें बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़े।