{"_id":"67e1a5f7b02b5b61c8086921","slug":"technical-bids-for-lifting-and-labour-tenders-will-open-tomorrow-before-wheat-procurement-jind-news-c-199-1-sroh1009-131978-2025-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: गेहूं खरीद से पहले उठान व लेबर के टेंडरों की कल खुलेगी तकनीकी बिड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: गेहूं खरीद से पहले उठान व लेबर के टेंडरों की कल खुलेगी तकनीकी बिड
विज्ञापन
जींद। गेहूं खरीद शुरू होने के सात दिन बाकी हैं। अभी तक मंडियों में लेबर व उठान के टेंडर नहीं हो पाए। इससे पहले दो बार मंडियों में उठान व लेबर के टेंडर लगवाए गए थे, लेकिन इन टेंडरों की तकनीकी बिड खुलवाने के दौरान कोई भी ठेकेदार इनमें शामिल नहीं हुआ। अब तीसरी बार टेंडर लगाने के बाद बुधवार को इनकी तकनीकी बिड खोली जाएगी।
मंगलवार को खाद्य व आपूर्ति विभाग के माध्यम से लगवाए गए टेंडरों में ठेकेदारों को शामिल करने के लिए आमंत्रित किया गया है। इससे पहले प्रदेश सरकार ने मंडी से गेहूं उठान के लिए ट्रांसपोर्ट के ट्रक व लेबर पर नई शर्त लगाई थी। इस शर्त के कारण कोई भी ठेकेदार टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं हुआ। पहले उठाने में देरी होने पर प्रति ट्रक 100 रुपये जुर्माना था, लेकिन नई शर्त में प्रति ट्रक एक हजार रुपये जुर्माना किया गया। इसका प्रदेश भर के मंडी के ठेकेदारों ने विरोध कर जींद में राज्य स्तरीय बैठक कर सरकार से इस शर्त को वापस लेने की मांग की थी। इसके अतिरिक्त पहले उठान के लिए 72 घंटे का समय होता था, लेकिन नई शर्त के अनुसार यह समय भी 48 घंटे किया गया था। इन दोनों शर्तों के खिलाफ लामबंद हुए ठेकेदारों ने टेंडर प्रक्रिया का विरोध कर सरकार को झुकाने का काम किया था। अब जिले भर की मंडियों के लिए दो अलग-अलग टेंडर लगाए गए हैं। इसमें 20 टेंडर लेबर के लगाए गए हैं, जबकि 35 टेंडर ट्रांसपोर्ट के लिए लगाए गए हैं। इन दोनों टेंडरों में ठेकेदारों के लिए भी समय से उठान करवाना चुनौती बनेगा। आज के समय में गेहूं की कटाई मशीन से होती है। मशीनों के कारण एक सप्ताह से दस दिन के अंदर गेहूं की ज्यादा आवक हो जाती है। इसके कारण लेबर व उठान दोनों की हर साल परेशानी पैदा होती है। कई बार किसानों को मंडी में जाम भी लगाना पड़ता है।
तीसरे सप्ताह में उठान को लेकर होती है परेशानी
मंडियों में गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू हो जाती है। 10 अप्रैल तक मंडियों में गेहूं कम ही मात्रा में आती है। इसके बाद 10 से 20 अप्रैल तक ज्यादा गेहूं की आवक होती है। इस दौरान हर वर्ष मंडियों में समय से उठान नहीं होने और आवक ज्यादा होने के कारण जाम के हालात होते हैं। इनसे निपटने के लिए इस बार प्रशासन ने टेंडर प्रक्रिया में शर्तों में बदलाव किया था।
विज्ञापन
एक एमटी पर एक ट्रक की जरूरत
मंडी में गेहूं के उठान के लिए एक हजार मीट्रिक टन के लिए एक ट्रक की आवश्यकता होती है। बीते वर्ष जिलेभर की मंडियों में 269696 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई थी।
बुधवार को खुलेगी दोनों तरह के टेंडरों की तकनीकी बिड। इसके बाद मंडियों में उठान व लेबर के टेंडर ठेकेदारों को अलॉट कर दिए जाएंगे। जो ठेकेदार नियमों की अवहेलना करेगा। उस पर नियमानुसार कार्रवाई करवाई जाएगी।
-- राजेश आर्य, डीएफएससी जींद।
विज्ञापन
मंगलवार को खाद्य व आपूर्ति विभाग के माध्यम से लगवाए गए टेंडरों में ठेकेदारों को शामिल करने के लिए आमंत्रित किया गया है। इससे पहले प्रदेश सरकार ने मंडी से गेहूं उठान के लिए ट्रांसपोर्ट के ट्रक व लेबर पर नई शर्त लगाई थी। इस शर्त के कारण कोई भी ठेकेदार टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं हुआ। पहले उठाने में देरी होने पर प्रति ट्रक 100 रुपये जुर्माना था, लेकिन नई शर्त में प्रति ट्रक एक हजार रुपये जुर्माना किया गया। इसका प्रदेश भर के मंडी के ठेकेदारों ने विरोध कर जींद में राज्य स्तरीय बैठक कर सरकार से इस शर्त को वापस लेने की मांग की थी। इसके अतिरिक्त पहले उठान के लिए 72 घंटे का समय होता था, लेकिन नई शर्त के अनुसार यह समय भी 48 घंटे किया गया था। इन दोनों शर्तों के खिलाफ लामबंद हुए ठेकेदारों ने टेंडर प्रक्रिया का विरोध कर सरकार को झुकाने का काम किया था। अब जिले भर की मंडियों के लिए दो अलग-अलग टेंडर लगाए गए हैं। इसमें 20 टेंडर लेबर के लगाए गए हैं, जबकि 35 टेंडर ट्रांसपोर्ट के लिए लगाए गए हैं। इन दोनों टेंडरों में ठेकेदारों के लिए भी समय से उठान करवाना चुनौती बनेगा। आज के समय में गेहूं की कटाई मशीन से होती है। मशीनों के कारण एक सप्ताह से दस दिन के अंदर गेहूं की ज्यादा आवक हो जाती है। इसके कारण लेबर व उठान दोनों की हर साल परेशानी पैदा होती है। कई बार किसानों को मंडी में जाम भी लगाना पड़ता है।
विज्ञापन
तीसरे सप्ताह में उठान को लेकर होती है परेशानी
मंडियों में गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू हो जाती है। 10 अप्रैल तक मंडियों में गेहूं कम ही मात्रा में आती है। इसके बाद 10 से 20 अप्रैल तक ज्यादा गेहूं की आवक होती है। इस दौरान हर वर्ष मंडियों में समय से उठान नहीं होने और आवक ज्यादा होने के कारण जाम के हालात होते हैं। इनसे निपटने के लिए इस बार प्रशासन ने टेंडर प्रक्रिया में शर्तों में बदलाव किया था।
विज्ञापन
एक एमटी पर एक ट्रक की जरूरत
मंडी में गेहूं के उठान के लिए एक हजार मीट्रिक टन के लिए एक ट्रक की आवश्यकता होती है। बीते वर्ष जिलेभर की मंडियों में 269696 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई थी।
बुधवार को खुलेगी दोनों तरह के टेंडरों की तकनीकी बिड। इसके बाद मंडियों में उठान व लेबर के टेंडर ठेकेदारों को अलॉट कर दिए जाएंगे। जो ठेकेदार नियमों की अवहेलना करेगा। उस पर नियमानुसार कार्रवाई करवाई जाएगी।