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Jind News: ऑनलाइन डायरी भरने के विरोध में शिक्षकों ने किया प्रदर्शन, डीईओ को सौंपा ज्ञापन
Thu, 17 Apr 2025 11:55 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 17 Apr 2025 11:55 PM IST
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17जेएनडी14-जिला शिक्षा अधिकारी सुमित्रा देवी को ज्ञापन सौंपते हुए शिक्षक। संवाद
- फोटो : chineni news
जींद। विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से शिक्षकों को ऑनलाइन टीचर डायरी भरने के आदेश के विरोध में वीरवार को राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ और हसला ने नेहरू पार्क से प्रदर्शन शुरू किया। यहां से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय तक प्रदर्शन करते हुए डीईओ सुमित्रा देवी को विभाग के इस निर्णय को वापस लेने की मांग की।
वरिष्ठ उप प्रधान प्रदीप जागलान ने कहा कि शिक्षा विभाग ने 8 अप्रैल को एक पत्र जारी कर प्रदेश के सभी शिक्षकों को प्रतिदिन ऑनलाइन डायरी भरने का आदेश दिया है। यह आदेश न केवल शिक्षकों के लिए एक अतिरिक्त बोझ है, बल्कि उन्हें विद्यार्थियों से दूर करने की एक सोची समझी सरकारी साजिश भी है। प्रदर्शन के दौरान संघ ने शिक्षकों के लटके हुए सामान्य तबादलों को शीघ्र पूरा करने की भी मांग की। शिक्षकों ने कहा कि जब तक उन्हें बुनियादी सुविधाएं जैसे हर स्कूल में कंप्यूटर, ऑपरेटर, स्थाई इंटरनेट कनेक्शन और डेटा सुविधा नहीं मिलती, तब तक इस प्रकार के ऑनलाइन आदेश केवल दिखावा और परेशान करने वाले ही साबित होंगे। राजेश खर्ब, जितेंद्र बेनीवाल और अश्विनी नैन ने कहा कि पहले ही एजुसेट, टैब, स्मार्ट बोर्ड और ऑनलाइन रिपोर्टिंग जैसे कार्यों में शिक्षकों का काफी समय बर्बाद हो रहा है। अब ऑनलाइन डायरी जैसी नई व्यवस्था केवल शिक्षकों को फालतू के कामों में उलझाने का तरीका है। शिक्षक चाहते हैं कि उन्हें सिर्फ पढ़ाने का काम करने दिया जाए, ताकि वे बच्चों के भविष्य को बेहतर बना सकें। रूपेंद्र गोयत और जोगेंद्र लोहान ने कहा कि यदि सरकार ने यह आदेश वापस नहीं लिया और जरूरी संसाधन उपलब्ध नहीं कराए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस मौके पर अभिमन्यु, राजेश चहल, दिलबाग सिंह, वेद प्रकाश, रामकेश, अजय यादव, सज्जन राठी, सुशील, सोमनाथ, कृष्णा, दयाल, संतरो, नीति, मनीषा, राजबाला कौशिक, अनुराधा गुप्ता, शमशेर नैन, अनिल नगूरां, नसीबदीन, राजेंद्र नैन, अमीर खटकड़, संजय ढिल्लों, शशिकांत, रमेश लोहान, सुरेंद्र मलिक, अनीता सांगवान, तारा, रेणु दूहन, जसबीर जागलान, देवेंद्र सहारण, शिवकरण जांगड़ा, अतुल वर्मा, रामधन, अशोक सैनी और वेदपाल मलिक भी मौजूद रहे।
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वरिष्ठ उप प्रधान प्रदीप जागलान ने कहा कि शिक्षा विभाग ने 8 अप्रैल को एक पत्र जारी कर प्रदेश के सभी शिक्षकों को प्रतिदिन ऑनलाइन डायरी भरने का आदेश दिया है। यह आदेश न केवल शिक्षकों के लिए एक अतिरिक्त बोझ है, बल्कि उन्हें विद्यार्थियों से दूर करने की एक सोची समझी सरकारी साजिश भी है। प्रदर्शन के दौरान संघ ने शिक्षकों के लटके हुए सामान्य तबादलों को शीघ्र पूरा करने की भी मांग की। शिक्षकों ने कहा कि जब तक उन्हें बुनियादी सुविधाएं जैसे हर स्कूल में कंप्यूटर, ऑपरेटर, स्थाई इंटरनेट कनेक्शन और डेटा सुविधा नहीं मिलती, तब तक इस प्रकार के ऑनलाइन आदेश केवल दिखावा और परेशान करने वाले ही साबित होंगे। राजेश खर्ब, जितेंद्र बेनीवाल और अश्विनी नैन ने कहा कि पहले ही एजुसेट, टैब, स्मार्ट बोर्ड और ऑनलाइन रिपोर्टिंग जैसे कार्यों में शिक्षकों का काफी समय बर्बाद हो रहा है। अब ऑनलाइन डायरी जैसी नई व्यवस्था केवल शिक्षकों को फालतू के कामों में उलझाने का तरीका है। शिक्षक चाहते हैं कि उन्हें सिर्फ पढ़ाने का काम करने दिया जाए, ताकि वे बच्चों के भविष्य को बेहतर बना सकें। रूपेंद्र गोयत और जोगेंद्र लोहान ने कहा कि यदि सरकार ने यह आदेश वापस नहीं लिया और जरूरी संसाधन उपलब्ध नहीं कराए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस मौके पर अभिमन्यु, राजेश चहल, दिलबाग सिंह, वेद प्रकाश, रामकेश, अजय यादव, सज्जन राठी, सुशील, सोमनाथ, कृष्णा, दयाल, संतरो, नीति, मनीषा, राजबाला कौशिक, अनुराधा गुप्ता, शमशेर नैन, अनिल नगूरां, नसीबदीन, राजेंद्र नैन, अमीर खटकड़, संजय ढिल्लों, शशिकांत, रमेश लोहान, सुरेंद्र मलिक, अनीता सांगवान, तारा, रेणु दूहन, जसबीर जागलान, देवेंद्र सहारण, शिवकरण जांगड़ा, अतुल वर्मा, रामधन, अशोक सैनी और वेदपाल मलिक भी मौजूद रहे।
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