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विज्ञान पर विश्वास के बिना दूर नहीं होगा अंधविश्वास : नरेश
Wed, 21 Feb 2024 11:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 21 Feb 2024 11:53 PM IST
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21जेएनडी04: छात्राओं को संबोधित करते हुए मनोवैज्ञानिक नरेश जागलान। संवाद
जींद। हिंदू कन्या कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग ने बुधवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज की प्राचार्या डॉ. पूनम मोर ने की, जबकि संचालन समाजशास्त्र की प्राध्यापिका ज्योति जागलान ने किया। कार्यशाला के प्रवक्ता मनोविज्ञानी नरेश जागलान ने कन्या भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा, भ्रष्टाचार, जातिवाद, जनसंख्या, बेरोजगारी, शिक्षा नीति पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव के लिए गरीब हिम्मत नहीं जुटा पाता। मध्यम वर्ग को फुर्सत नहीं और अमीरों को जरूरत नहीं। हमारा समाज पुरानी परंपराओं पर गौरव महसूस करता है। नया सीखने को तैयार नहीं है। आज भी हम कर्मों की बजाय भाग्य पर विश्वास करते हैं। न जाने कितने छात्र-छात्राएं आज भी खुद पर विश्वास न करके ज्योतिष को हाथ दिखाते हैं और मंदिरों में जाते हैं। जब तक नई पीढ़ी विज्ञान पर विश्वास नहीं करेगी तब तक अंधविश्वास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि सामाजिक कुरीतियों का पतन करने के लिए जागरूकता और शिक्षा ही हथियार की तरह काम कर सकती है। चंचल ने भ्रूण हत्या, इशिका ने नई शिक्षा नीति, नीरज ने भ्रष्टाचार और पारुल ने निर्धनता, नैना ने घरेलू हिंसा, रितिका ने दहेज प्रथा और प्रीति ने बेरोजगारी पर विचार रखे। कार्यशाला में डॉ. रश्मि मालिक, डाॅ. रचना दलाल और मनीषा मौजूद थीं।
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उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव के लिए गरीब हिम्मत नहीं जुटा पाता। मध्यम वर्ग को फुर्सत नहीं और अमीरों को जरूरत नहीं। हमारा समाज पुरानी परंपराओं पर गौरव महसूस करता है। नया सीखने को तैयार नहीं है। आज भी हम कर्मों की बजाय भाग्य पर विश्वास करते हैं। न जाने कितने छात्र-छात्राएं आज भी खुद पर विश्वास न करके ज्योतिष को हाथ दिखाते हैं और मंदिरों में जाते हैं। जब तक नई पीढ़ी विज्ञान पर विश्वास नहीं करेगी तब तक अंधविश्वास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि सामाजिक कुरीतियों का पतन करने के लिए जागरूकता और शिक्षा ही हथियार की तरह काम कर सकती है। चंचल ने भ्रूण हत्या, इशिका ने नई शिक्षा नीति, नीरज ने भ्रष्टाचार और पारुल ने निर्धनता, नैना ने घरेलू हिंसा, रितिका ने दहेज प्रथा और प्रीति ने बेरोजगारी पर विचार रखे। कार्यशाला में डॉ. रश्मि मालिक, डाॅ. रचना दलाल और मनीषा मौजूद थीं।

21जेएनडी04: छात्राओं को संबोधित करते हुए मनोवैज्ञानिक नरेश जागलान। संवाद
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