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हर महीने 48 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी घर-घर से नहीं उठ रहा कूड़ा

Fri, 10 Jan 2020 12:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jan 2020 12:06 AM IST
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spending Rs 48 lakh every month and not grtting up from home
वार्ड नंबर-11 में नालियों से बाहर निकालकर छोड़ी गई गंदगी। - फोटो : Jind
नगर परिषद ने शहर की सफाई के लिए प्रति माह 48 लाख रुपये का टेंडर दिया है। इसके बावजूद घरों से कूड़े का उठान नहीं हो रहा है। इसको लेकर वार्ड नंबर 14 के पूर्व पार्षद हरीश अरोड़ा ने वीरवार को नगर परिषद में शिकायत दी है। हरीश अरोड़ा वार्ड 14 से पार्षद रहे हैं। फिलहाल उनकी पत्नी रजनी अरोड़ा वार्ड नंबर 11 से पार्षद हैं। हरीश ने वार्ड 11 में चरमराई सफाई व्यवस्था की शिकायत दी है।
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नगर परिषद कार्यालय में दी शिकायत में हरीश ने कहा कि वार्ड 11 में सफाई की स्थिति बहुत दयनीय है। न तो यहां नियमित रूप से सफाई होती है और न ही लोगों के घरों से कूड़े का उठान किया जा रहा है। अरोड़ा ने कहा कि इसके लिए कई बार टेंडर लेने वाली कंपनी के सुपरवाइजर से भी बात की गई, लेकिन हर बार टाल दिया जाता है। इससे लोगों में रोष है।
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नहीं उठता नालियों ने निकला कचरा
हरीश के अनुसार नालियों से निकलने वाले कचरे का भी समय पर उठान नहीं होता है। इसके चलते या तो अधिकतर कचरा वापस नालियों में ही चला जाता है या फिर गलियों में फैल जाता है। ऐसे में यदि सुबह कचरा निकाला जाए तो शाम तक इसका उठान हो जाना चाहिए या फिर रात को कचरा निकाला जाए, जिससे सुबह तक इसका उठान हो सके।
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ठेकेदार को भेजनी होती है गाड़ी
स्वच्छता निरीक्षक अशोक सैनी के अनुसार कूड़ा उठाने के लिए ठेकेदार को गाड़ी भेजनी होती है। इसमें घर-घर से कूड़े का उठान करना होता है। इतना ही नहीं गाड़ी में सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग डालने की व्यवस्था की गई है, ताकि कूड़े का निस्तारण सही तरीके से हो सके।
शहर में 223 सफाई कर्मचारी
शहर में सफाई के लिए 223 सफाई कर्मचारी हैं। इनमें 107 सफाई कर्मचारी डीसी रेट के हैं तो 116 नियमित हैं। इसके बावजूद शहर में सफाई नहीं हो रही है।
सफाई का टेंडर कुछ दिन पहले ही हुआ है। इसमें गाड़ियों की व्यवस्था की गई है। हो सकता है अभी गाड़ी चालकों को कॉलोनियों के रूट की जानकारी न हो। हर वार्ड व कॉलोनी में घर-घर से सफाई की व्यवस्था है। यदि लोगों को दिक्कत है तो वे इसकी सूचना जरूर दें। इसकी व्यवस्था करवा दी जाएगी।

पूनम सैनी, चेयरमैन, जींद नगर परिषद।
कई बार की गई है मौखिक शिकायत
सफाई के मामले में कई बार नगर परिषद के अधिकारियों को मौखिक शिकायत की गई, लेकिन स्थिति नहीं सुधर रही है। इसके चलते लोग उन्हें शिकायत करते हैं। ऐसे में वीरवार को लिखित में शिकायत दी गई है।
हरीश अरोड़ा, पूर्व पार्षद।
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