फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Sowing on head, farmers worried due to lack of stock of DAP

बिजाई सिर पर, डीएपी का स्टॉक नहीं होने से किसान चिंतित

Sat, 16 Oct 2021 11:21 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 16 Oct 2021 11:21 PM IST
विज्ञापन
Sowing on head, farmers worried due to lack of stock of DAP
पुरानी अनाज मंडी में हैफेड की सरकारी दुकान से यूरिया लोड करते किसान। संवाद - फोटो : Jind
जींद। सरसों की बिजाई का काम शुरू हो चुका है और गेहूं की बिजाई सिर पर है। ऐसे में किसानों को डीएपी खाद की जरूरत है, लेकिन जिले में इसका स्टॉक नहीं है। हैफेड से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि जींद में डीएपी के तीन रैक लगने थे, लेकिन राजनीतिक प्रभाव के कारण इन्हें भिवानी, सिरसा व हांसी भेज दिया गया। ऐसे में जींद के किसानों को डीएपी नहीं मिल रहा है।
विज्ञापन

दरअसल 10 अक्तूबर से सरसों की बिजाई शुरू हो जाती है। इस बार सुंडी से फसल खराब होने के चलते कपास के खेत जल्दी खाली हो गए हैं। ऐसे में सरसों की बिजाई कुछ जल्दी हो रही है। इसके चलते जिले में डीएपी की मांग बढ़ गई है। जिले में करीब साढ़े पांच लाख एकड़ में गेहूं की बिजाई होती है। सरसों की बिजाई पिछले साल करीब छह हजार एकड़ में हुई थी। लेकिन इस बार कृषि विभाग का अनुमान है कि यह 12 हजार एकड़ तक हो सकती है। ऐसे में जिले में रबी की फसल में करीब छह लाख बैग डीएपी की जरूरत होती है। फिलहाल जिले में सरकारी एजेंसी के पास डीएपी का स्टॉक नहीं है। हालांकि कुछ निजी दुकानदारों के पास डीएपी उपलब्ध है।
विज्ञापन

सरकार बरत रही भेदभाव
वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश गोयत ने बताया कि सरकार जींद के साथ भेदभाव बरत रही है। जींद में आने वाला डीएपी दूसरे जिलों में भेजा गया है। यह राजनीतिक प्रभाव के कारण हुआ है। जींद के किसानों को डीएपी नहीं मिल रहा है। इसके लिए जिले के जनप्रतिनिधियों को आवाज उठानी चाहिए। सरकारी दुकानों पर डीएपी नहीं है और निजी दुकानों पर है। इससे साफ है कि सरकार कालाबाजारी करवा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अभी नहीं आई है मांग
उपनिदेशक, कृषि विभाग, जींद डॉ. सुरेंद्र मलिक ने बताया कि जींद जिले में अभी डीएपी की मांग नहीं है। यहां धान के बाद लोग गेहूं की बिजाई करेंगे। जब तक डीएपी का स्टॉक आ जाएगा। अभी जिले में कुछ स्टॉक है, सरसों के किसानों के लिए यह पर्याप्त है। यदि कोई दुकानदार खाद के साथ अन्य वस्तुएं जबरन बेच रहा है तो उसकी शिकायत किसान दें, कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed