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900 वर्ष बाद रविवार को लगेगा कंकणाकृति खंडग्रास सूर्य ग्रहण
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पिंडारा गांव में पहुंची पुलिस राइडर।
- फोटो : Jind
जींद। रविवार को लगने वाला सूर्य ग्रहण 900 वर्ष के बाद लगेगा। इस सूर्य ग्रहण को कंकणाकृति खंडग्रास ग्रहण कहा जाता है। इसे चूणामणि ग्रहण के नाम से भी जाना जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार अमावस्या पर यह ग्रहण लगने के कारण अमावस्या का श्राद्ध कर्म ग्रहण के बाद होगा। इससे पहले किए गए श्राद्ध कर्म का कोई महत्व नहीं होगा।
जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि रविवार को सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर ग्रहण शुरू हो जाएगा और दोपहर 12 बजकर 10 मिनट में ग्रहण दिखेगा। इस दौरान कुछ देर के लिए हल्का अंधेरा सा छा सकता है। इसके बाद 3 बजकर 4 मिनट पर ग्रहण समाप्त होगा। यानी करीब छह घंटे का लंबा ग्रहण होगा। उन्होंने बताया कि रविवार को पड़ने वाले ग्रहण का सूतक काल शनिवार रात से शुरू होकर ग्रहण की समाप्ति तक रहेगा। इस दौरान प्रमुख मंदिर और धार्मिक स्थल सूतक काल के दौरान बंद रहेंगे। माता वैष्णवी धाम के ट्रस्टी आचार्य पवन शर्मा ने बताया कि ग्रहण से पहले एक बार स्नान जरूर करें। ग्रहण के दौरान भगवान का जाप करें। इससे भगवान को बल मिलता है। दोबारा स्नान करने के बाद मंदिर में अमावस्या का दान पुण्य करना चाहिए। आचार्य पवन शर्मा ने कहा कि गर्भवति पशुओं के गले में ढाब का धागा बांधना चाहिए। ग्रहण के समय हो सके तो घर से बाहर नहीं निकलें।
नहीं लगेगा मेला
वहीं कोरोना वायरस के चलते प्रशासन ने मेले के आयोजन पर रोक लगा दी है। डीसी डॉ. आदित्य दहिया के अनुसार शारीरिक दूरी बनाए रखने के लिए मेला नहीं लगेगा। इसके लिए यहां पुलिस तैनात की जाएगी।
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पांडु पिंडारा में तैनात की पुलिस
प्रशासन ने अमावस्या के मौके पर पांडु पिंडारा में पुलिस तैनात की है। यहां काफी लोग पहुंचे हुए थे। पुलिस ने इन लोगों को वापस भेज दिया। प्रशासन ने कोरोना वायरस के चलते पिंडारा में मेला नहीं लगने के निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद लोग यहां पहुंचे। पुलिस ने इनको वापस भेज दिया। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि कोरोना संक्रमण के कारण भीड़ इकट्ठी नहीं करें। इसी प्रकार कुरुक्षेत्र जाने वाले लोगों पर भी प्रशासन ने रोक लगा दी है।
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जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि रविवार को सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर ग्रहण शुरू हो जाएगा और दोपहर 12 बजकर 10 मिनट में ग्रहण दिखेगा। इस दौरान कुछ देर के लिए हल्का अंधेरा सा छा सकता है। इसके बाद 3 बजकर 4 मिनट पर ग्रहण समाप्त होगा। यानी करीब छह घंटे का लंबा ग्रहण होगा। उन्होंने बताया कि रविवार को पड़ने वाले ग्रहण का सूतक काल शनिवार रात से शुरू होकर ग्रहण की समाप्ति तक रहेगा। इस दौरान प्रमुख मंदिर और धार्मिक स्थल सूतक काल के दौरान बंद रहेंगे। माता वैष्णवी धाम के ट्रस्टी आचार्य पवन शर्मा ने बताया कि ग्रहण से पहले एक बार स्नान जरूर करें। ग्रहण के दौरान भगवान का जाप करें। इससे भगवान को बल मिलता है। दोबारा स्नान करने के बाद मंदिर में अमावस्या का दान पुण्य करना चाहिए। आचार्य पवन शर्मा ने कहा कि गर्भवति पशुओं के गले में ढाब का धागा बांधना चाहिए। ग्रहण के समय हो सके तो घर से बाहर नहीं निकलें।
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नहीं लगेगा मेला
वहीं कोरोना वायरस के चलते प्रशासन ने मेले के आयोजन पर रोक लगा दी है। डीसी डॉ. आदित्य दहिया के अनुसार शारीरिक दूरी बनाए रखने के लिए मेला नहीं लगेगा। इसके लिए यहां पुलिस तैनात की जाएगी।
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पांडु पिंडारा में तैनात की पुलिस
प्रशासन ने अमावस्या के मौके पर पांडु पिंडारा में पुलिस तैनात की है। यहां काफी लोग पहुंचे हुए थे। पुलिस ने इन लोगों को वापस भेज दिया। प्रशासन ने कोरोना वायरस के चलते पिंडारा में मेला नहीं लगने के निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद लोग यहां पहुंचे। पुलिस ने इनको वापस भेज दिया। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि कोरोना संक्रमण के कारण भीड़ इकट्ठी नहीं करें। इसी प्रकार कुरुक्षेत्र जाने वाले लोगों पर भी प्रशासन ने रोक लगा दी है।