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पिछले एक सप्ताह से लगातार बढ़ता जा रहा वायु प्रदूषण

Sun, 30 Oct 2022 01:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 30 Oct 2022 01:06 AM IST
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Smoke shadow in the sky, complaints of burning in the eyes
जींद। जिले में एक सप्ताह से लगातार वायु प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। जिले में शनिवार को एक्यूआई 340 तक पहुंच गया। इस कारण जिला रेड जोन में है। सुबह के समय आसमान में धुएं के कारण लोगों को आंखों में जलन भी महसूस हो रही है। पराली जलाने के भी अब तक 200 से अधिक मामले आ चुके हैं। लोगों का कहना है कि कूडे़ में आग लगाने और पराली जलाने की वजह से ये समस्या बढ़ रही है।
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जिला वायु प्रदूषण के मामले में फिलहाल रेड जोन में है। दिल्ली में इस समय एक्यूआई 450 के आसपास है। 23 अक्तूबर से जिले में लगातार एक्यूआई बढ़ता जा रहा है। 23 अक्तूबर को एक्यूआई 241 था, जोकि सामान्य से अधिक था। इसके बाद प्रतिदिन वायु प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। अब यह बढ़कर 340 पहुंच गया है। वायु प्रदूषण को बढ़ाने में दिवाली पर बजे पटाखे भी काफी सहायक रहे हैं। इसके अलावा जिले में किसानों द्वारा जलाई जा रही पराली भी एक कारण है। पिछले 11 दिन से शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है। इस कारण शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। लोग इन कूड़े के ढेरों में आग लगा रहे हैं। इससे भी वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। वायु प्रदूषण के कारण पहले से ही बीमार लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। चिकित्सकों के अनुसार सुबह व शाम की सैर से लोगों को अब परहेज करना चाहिए। जब तक बारिश नहीं होगी, वायु प्रदूषण में कमी नहीं आएगी। फिलहाल मौसम में ठंड बढ़ गई है। धूल के कण इस ठंड के कारण भारी होकर नीचे धरातल की तरफ आ रहे हैं, जिससे वायु प्रदूषित हो रही है। ओस की बूंदों के कारण यह कण हवा में तैरने की बजाय नीचे की तरफ आ रहे हैं।
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एक सप्ताह में एक्यूआई की स्थिति
दिनांक एक्यूआई
23 अक्तूबर 241
24 अक्तूबर 276
25 अक्तूबर 280
26 अक्तूबर 302
27 अक्तूबर 327
28 अक्तूबर 337
29 अक्तूबर 340
बॉक्स
वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इस समय एक्यूआई 340 है, जोकि बीमारी लोगों के लिए काफी खतरनाक है। स्वस्थ लोग भी इसमें बीमार पड़ सकते हैं। अस्थमा के मरीजों को घर से नहीं निकलना चाहिए। जिन लोगों को फेफड़ों में संक्रमण है,उनको विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
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-डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल
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