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रजत से रोशन 'अंशु', जन्मदिन पर जीत का जश्न
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लैपटॉप पर मैच देखते धर्मबीर मलिक और उनका बेटा। संवाद।
- फोटो : Jind
जींद। गांव निडानी निवासी महिला पहलवान अंशु मलिक ने अपने जन्मदिन के दिन कॉमनवेल्थ गेम्स के 57 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा है। हालांकि वह दो अंक से स्वर्ण पदक से चूक गईं लेकिन पहली ही बार में रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। उनके पिता धर्मवीर मलिक ने कहा कि उनकी बेटी गोल्ड से चूक गई लेकिन रजत पदक लाकर देश का नाम रोशन किया है। दो बार की कॉमनवेल्थ विजेता नाइजीरिया की ओडुनायो से केवल दो अंक से हार गई। अंशु मलिक के रजत पदक जीतने से पूरे गांव में खुशी की लहर है।
अपने घर पर लैपटॉप पर अपनी 21 वर्षीय बेटी अंशु मलिक का मैच देख रहे उनके पिता धर्मवीर मलिक ने बताया कि उनकी बेटी ने उनका नाम रोशन किया है। पहली बार में ही कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग लेकर देश का नाम रोशन किया है। उन्हें मलाल है कि उनकी बेटी गोल्ड नहीं ला पाई लेकिन रजत पदक लाना बहुत बड़ी बात है। आज उनकी बेटी का जन्मदिन है, जन्मदिन के मौके पर उनकी बेटी ने देश को यह बहुत बड़ा तोहफा दिया है। अंशु मलिक का पूरा परिवार पहलवानी से जुड़ा हुआ है। अंशु मलिक के पिता धर्मवीर मलिक के पास सिर्फ छह एकड़ जमीन है। अंशु मलिक ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने गांव से ही चौधरी भारत सिंह मेमोरियल स्पोर्ट्स स्कूल से की है। पहलवानी के साथ-साथ उनकी पढ़ाई भी जारी है। अंशु मलिक ने 13 वर्ष की आयु में ही पहलवानी शुरू कर दी थी। उन्होंने जगदीश श्योराण से कुश्ती के गुर सीखे। पिछले साल हुए ओलंपिक में अंशु मलिक खेल चुकी हैं, लेकिन वह पहला ही मुकाबला हार गई थी। अब वह और अधिक कड़ी मेहनत कर रही है। धर्मबीर मलिक ने कहा कि उनकी बेटी अब और अधिक मेहनत करेगी।
अंशु मलिक ने अब तक ये जीते हैं पदक
अंशु मलिक ने 2016 में एशियन सब जूनियर चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, 2016 में ही विश्व कैडिट चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल, 2017 में विश्व खेल स्कूल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, 2017 में एशिया कैडिट कुश्ती चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल, 2017 में ही एथेंस में विश्व कैडिट चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, 2018 में एशियन सब जूनियर चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, विश्व जूनियन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल, विश्व सब जूनियन चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल, 2019 में एशियन सब जूनियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल , 2020 में विश्व रेंकिंग कुश्ती चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल, सीनियर एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल, सीनियर एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप दिल्ली में ब्रॉन्ज मेडल, सीनियर वर्ल्ड कप रेसलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल , 2021 में एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, विश्व चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता है।
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अपने घर पर लैपटॉप पर अपनी 21 वर्षीय बेटी अंशु मलिक का मैच देख रहे उनके पिता धर्मवीर मलिक ने बताया कि उनकी बेटी ने उनका नाम रोशन किया है। पहली बार में ही कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग लेकर देश का नाम रोशन किया है। उन्हें मलाल है कि उनकी बेटी गोल्ड नहीं ला पाई लेकिन रजत पदक लाना बहुत बड़ी बात है। आज उनकी बेटी का जन्मदिन है, जन्मदिन के मौके पर उनकी बेटी ने देश को यह बहुत बड़ा तोहफा दिया है। अंशु मलिक का पूरा परिवार पहलवानी से जुड़ा हुआ है। अंशु मलिक के पिता धर्मवीर मलिक के पास सिर्फ छह एकड़ जमीन है। अंशु मलिक ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने गांव से ही चौधरी भारत सिंह मेमोरियल स्पोर्ट्स स्कूल से की है। पहलवानी के साथ-साथ उनकी पढ़ाई भी जारी है। अंशु मलिक ने 13 वर्ष की आयु में ही पहलवानी शुरू कर दी थी। उन्होंने जगदीश श्योराण से कुश्ती के गुर सीखे। पिछले साल हुए ओलंपिक में अंशु मलिक खेल चुकी हैं, लेकिन वह पहला ही मुकाबला हार गई थी। अब वह और अधिक कड़ी मेहनत कर रही है। धर्मबीर मलिक ने कहा कि उनकी बेटी अब और अधिक मेहनत करेगी।
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अंशु मलिक ने अब तक ये जीते हैं पदक
अंशु मलिक ने 2016 में एशियन सब जूनियर चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, 2016 में ही विश्व कैडिट चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल, 2017 में विश्व खेल स्कूल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, 2017 में एशिया कैडिट कुश्ती चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल, 2017 में ही एथेंस में विश्व कैडिट चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, 2018 में एशियन सब जूनियर चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, विश्व जूनियन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल, विश्व सब जूनियन चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल, 2019 में एशियन सब जूनियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल , 2020 में विश्व रेंकिंग कुश्ती चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल, सीनियर एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल, सीनियर एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप दिल्ली में ब्रॉन्ज मेडल, सीनियर वर्ल्ड कप रेसलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल , 2021 में एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, विश्व चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता है।
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