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नागरिक अस्पताल में दूर होगी चिकित्सकों की कमी

Fri, 14 May 2021 11:16 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 14 May 2021 11:16 PM IST
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Shortage of doctors will be overcome in civil hospital
चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे नागरिक अस्पताल प्रशासन को शनिवार से काफी राहत मिलने वाली है। पीजीआई रोहतक से एमबीबीएस पासआउट 10 विद्यार्थी नागरिक अस्पताल में एक वर्ष तक इंटर्नशिप करेंगे। यह विद्यार्थी इमरजेंसी, कोविड तथा फ्लू कॉर्नर में अपनी सेवाएं देंगे। दस चिकित्सकों के आने से मरीजों को भी काफी लाभ होगा। जिला स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे 20 विद्यार्थियों की और मांग स्वास्थ्य निदेशालय को भेजी है। उम्मीद है कि जल्द ही 20 अन्य चिकित्सक नागरिक अस्पताल को मिल जाएंगे।
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कोरोना महामारी के दौरान नागरिक अस्पताल में बेड से अधिक क्षमता में कोरोना मरीज दाखिल हैं। अस्पताल में 150 के आसपास मरीज हैं। उनकी देखरेख के लिए महज चार चिकित्सक हैं। इनमें से भी एक-दो चिकित्सक कोरोना संक्रमित होने की वजह से छुट्टी पर हैं। इसलिए कोविड वार्ड में मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल एसएमओ डॉ. गोपाल गोयल, डॉ. नरेश वर्मा, डॉ. राजेश भोला के अलावा एक-दो और चिकित्सक हैं, जो कोविड वार्ड को संभाल रहे हैं।
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डॉ. रमेश पांचाल तथा डॉ. संतलाल पॉजिटिव आने के बाद घर पर ही हैं। इसके अलावा अन्य चिकित्सकों की ड्यूटी टीकाकरण, सैंपल लेने में लगी हुई है। कोविड वार्ड संभालने में अस्पताल प्रशासन को भारी परेशानी आ रही थी। अब इन दस चिकित्सकों के आने से अस्पताल प्रशासन को काफी राहत मिलेगी। यदि 20 और चिकित्सक अस्पताल में पहुंच गए तो काफी हद तक चिकित्सकों की कमी दूर हो जाएगी।
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डॉ. भोला ने प्रशिक्षु चिकित्सक को दी जानकारी
डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने शुक्रवार को अस्पताल में पहुंचे इन 10 प्रशिक्षु चिकित्सकों को कोरोना से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से भी इस बारे में पूछा कि उन्हें कोरोना संक्रमित को क्या उपचार देना चाहिए। इसके अलावा मरीज की सीटी स्कैन की रिपोर्ट में आने वाले स्कोर के आधार पर भी दवाई बदलने के बारे में समझाया। डॉ. भोला ने चिकित्सक विद्यार्थियों से कहा कि वह दूसरों को बचाते हुए खुद भी इस बीमारी से बचें। यदि वह खुद बचे रहे तो दूसरों को भी बचा सकेंगे।

फिलहाल नागरिक अस्पताल में दस प्रशिक्षु चिकित्सक पहुंचे हैं। इन सभी के रहने की व्यवस्था जाट धर्मशाला में की गई है। सभी रोहतक पीजीआई से पहुंचे हैं। 20 और प्रशिक्षु चिकित्सक की मांग भेजी गई है। जल्द ही 20 चिकित्सक और मिलने की उम्मीद है।
डॉ. रघुबीर पूनिया, डिप्टी सिविल सर्जन।
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