फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Seven ppm fluoride found in drinking water is dangerous for health

पेयजल में मिला सात पीपीएम फ्लोराइड सेहत के लिए घातक

Mon, 21 Nov 2022 11:57 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 21 Nov 2022 11:57 PM IST
विज्ञापन
Seven ppm fluoride found in drinking water is dangerous for health
जींद। नागरिक अस्पताल में खुले फ्लोरोसिस लैब में जन स्वास्थ्य विभाग और नागरिक अस्पताल के पेयजल में फ्लोराइड सात पीपीएम मिला है जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। पेयजल में एक पीपीएम फ्लोराइड सामान्य माना जाता है। फ्लोराइडयुक्त पानी पीने से दांतों और हड्डियों पर बुरा असर पड़ता है। अब जिले के चिकित्सकों, आशा वर्करों और कर्मचारियों को पानी में फ्लोराइड जांचने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। फिलहाल तीन दिन का प्रशिक्षण लेने के लिए लैब प्रभारी डॉ. रमेश पांचाल हैदराबाद गए हैं। लौटकर कर वे डॉक्टरों, आशा वर्करों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे।
विज्ञापन

नागरिक अस्पताल में एक सप्ताह पहले ही फ्लोरोसिस लैब शुरू हुई है। फिलहाल लैब पूरी तरह से संचालित नहीं हो पाया है। अभी तक लैब में जनस्वास्थ्य विभाग तथा नागरिक अस्पताल के पेयजल की जांच की गई है। नागरिक अस्पताल के पानी में फ्लोराइड की मात्रा सात पीपीएम तक पाई गई है, जबकि मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए एक पीपीएम फ्लोराइड होनी चाहिए। इससे कम फ्लोराइड के कारण भी स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। फ्लोराइड अधिक होने से दांत खराब हो जाते हैं। हड्डियां कमजोर होती हैं तथा बच्चों की पाचन क्रिया प्रभावित हो जाती है। नागरिक अस्पताल में एक वर्ष पहले स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा ने इस लैब का उद्घाटन किया था लेकिन लैब अभी शुरू हो पाई है। इस लैब की पूरी प्रक्रिया तथा इसका कैसे प्रभावी प्रयोग किया जाए, इसके लिए इसके इंचार्ज एवं डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रमेश पांचाल हैदराबाद में तीन दिन का प्रशिक्षण लेने गए हैं। इसके बाद वे यहां सभी चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मचारियों व आशा वर्करों को प्रशिक्षण देंगे।
विज्ञापन

बॉक्स
नागरिक अस्पताल में फ्लोरोसिस लैब शुरू हो गई है। इसकी प्रक्रिया को लेकर हैदराबाद में 22 से 24 नवंबर तक प्रशिक्षण चल रहा है। इसमें देश के सात राज्यों से लैब इंचार्ज आए हैं। ये लैब इंचार्ज प्रशिक्षण से लोट कर स्वास्थ्य अधिकारियों व कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण देंगे। इसके बाद जिले के हर गांव, हर कस्बे के पेयजल की जांच की जाएगी।-डॉ. रमेश पांचाल, नोडल अधिकारी फ्लोरोसिस लैब।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed