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Jind News: सीमा क प्रयासों को मिला राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार
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27जेएनडी02: डॉ. सीमा मलिक।
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जींद। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बड़ौदा की अंग्रेजी प्रवक्ता डॉ. सीमा मलिक को वर्ष 2024 में अंग्रेजी प्रवक्ता श्रेणी में राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। शिक्षा में नवाचार, सामाजिक सरोकार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उनके उल्लेखनीय प्रयासों को इस सम्मान के माध्यम से पहचान मिली।
डॉ. सीमा मलिक का शिक्षण कार्य केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद विद्यार्थियों की फीस, वर्दी, जूते, पुस्तकें और अन्य आवश्यकताओं में व्यक्तिगत स्तर पर सहयोग किया। विद्यालय समय के बाद भी विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लेकर उनकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया।
उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने जिला और राज्य स्तर पर विभिन्न सांस्कृतिक, कला उत्सव, विधिक साक्षरता, राहगीरी, गीता जयंती सहित अनेक प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन किया। रोल प्ले गतिविधि में उनकी छात्राओं ने राज्य स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया। पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में भी डॉ. सीमा ने विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्होंने अपशिष्ट सामग्री से उपयोगी और रचनात्मक वस्तुएं तैयार करने के लिए छात्राओं को प्रेरित किया।
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इस कार्य के लिए उन्हें गणतंत्र दिवस समारोह में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की ओर से सम्मानित किया गया। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में प्रमाण-पत्र, पदक और नकद पुरस्कार भी हासिल किए। बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उन्होंने सामाजिक संगठन के माध्यम से विद्यालय में करीब छह माह तक सिलाई केंद्र भी संचालित करवाया।
विद्यालय में लघु पुस्तकालय विकसित करवाने के साथ ग्रामीण क्षेत्र में बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए भी पहल की। राज्य स्तरीय पुरस्कार मिलने पर उन्होंने परमपिता परमात्मा के प्रति कृतज्ञता जताते हुए अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता से मिले संस्कारों और सहयोग करने वाले सभी लोगों को दिया।
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डॉ. सीमा मलिक का शिक्षण कार्य केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद विद्यार्थियों की फीस, वर्दी, जूते, पुस्तकें और अन्य आवश्यकताओं में व्यक्तिगत स्तर पर सहयोग किया। विद्यालय समय के बाद भी विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लेकर उनकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया।
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उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने जिला और राज्य स्तर पर विभिन्न सांस्कृतिक, कला उत्सव, विधिक साक्षरता, राहगीरी, गीता जयंती सहित अनेक प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन किया। रोल प्ले गतिविधि में उनकी छात्राओं ने राज्य स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया। पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में भी डॉ. सीमा ने विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्होंने अपशिष्ट सामग्री से उपयोगी और रचनात्मक वस्तुएं तैयार करने के लिए छात्राओं को प्रेरित किया।
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इस कार्य के लिए उन्हें गणतंत्र दिवस समारोह में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की ओर से सम्मानित किया गया। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में प्रमाण-पत्र, पदक और नकद पुरस्कार भी हासिल किए। बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उन्होंने सामाजिक संगठन के माध्यम से विद्यालय में करीब छह माह तक सिलाई केंद्र भी संचालित करवाया।
विद्यालय में लघु पुस्तकालय विकसित करवाने के साथ ग्रामीण क्षेत्र में बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए भी पहल की। राज्य स्तरीय पुरस्कार मिलने पर उन्होंने परमपिता परमात्मा के प्रति कृतज्ञता जताते हुए अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता से मिले संस्कारों और सहयोग करने वाले सभी लोगों को दिया।