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Jind News: एसडीएम ने चार गांवों के खेतों में दमकल से बुझवाई आग
Thu, 16 Nov 2023 01:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 16 Nov 2023 01:34 AM IST
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सफीदों। सफीदों क्षेत्र में बुधवार को एसडीएम मनीष कुमार फोगाट ने गांव बड़ौद, टोडी खेड़ी, बसीनी, खातला, निम्मनाबाद, मलिकपुर, सफीदोंं, सिल्लाखेड़ी, कालवा, रोजला, बिटानी, कलावती, हाट, कारखाना व रामनगर सहित दो दर्जन गांवों के खेतों में दौरा किया। वहीं एसडीएम ने धर्मगढ़, खरक गागर, भागखेड़ा, मालसिवाना के खेतों में दमकल की मदद से आग बुझवाई।
उन्होंने किसानों को पराली में लगाई जाने वाली आग से होने वाले नुकसान के बारे में बारीकी से समझाया। मनीष कुमार फोगाट ने कहा कि फसलों की बची पराली को खेतों में जलाकर किसान अपना नुकसान कर रहे हैं। पराली को आग लगाने से जहां वातावरण दूषित हो रहा है, वहीं जमीन के अंदर मौजूद सहायक कीड़े भी नष्ट हो जाते हैं। पराली को जलाने पर एक खेत की जमीन के 5.5 किलो नाइट्रोजन, 2.3 किलो फास्पोरस, 25 किलो पोटाशियम, 1.2 किलो सल्फर तथा 50 से 70 छोटे तत्व जलकर नष्ट हो जाते हैं। खुले में एक टन पराली जलाने से हवा में 70 प्रतिशत कार्बन डाईआक्साइड, सात प्रतिशत कार्बन मोनोआक्साइड, दो प्रतिशत नाइट्रोजन आक्साइज और 0.66 प्रतिशत मिथेन गैस पैदा होती है, जोकि मनुष्य की सेहत पर काफी बुरा प्रभाव डालते हैं। पराली आदि को जलाने की बजाय उन्हें खेतों में बिछाकर खेत की मिट्टी में मिक्स करने के लिए आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल करना चाहिए।
फोटो कैप्शन
15जेएनडी29-खेतों का दौरा करते एसडीएम मनीष कुमार फोगाट। संवाद
उन्होंने किसानों को पराली में लगाई जाने वाली आग से होने वाले नुकसान के बारे में बारीकी से समझाया। मनीष कुमार फोगाट ने कहा कि फसलों की बची पराली को खेतों में जलाकर किसान अपना नुकसान कर रहे हैं। पराली को आग लगाने से जहां वातावरण दूषित हो रहा है, वहीं जमीन के अंदर मौजूद सहायक कीड़े भी नष्ट हो जाते हैं। पराली को जलाने पर एक खेत की जमीन के 5.5 किलो नाइट्रोजन, 2.3 किलो फास्पोरस, 25 किलो पोटाशियम, 1.2 किलो सल्फर तथा 50 से 70 छोटे तत्व जलकर नष्ट हो जाते हैं। खुले में एक टन पराली जलाने से हवा में 70 प्रतिशत कार्बन डाईआक्साइड, सात प्रतिशत कार्बन मोनोआक्साइड, दो प्रतिशत नाइट्रोजन आक्साइज और 0.66 प्रतिशत मिथेन गैस पैदा होती है, जोकि मनुष्य की सेहत पर काफी बुरा प्रभाव डालते हैं। पराली आदि को जलाने की बजाय उन्हें खेतों में बिछाकर खेत की मिट्टी में मिक्स करने के लिए आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल करना चाहिए।
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15जेएनडी29-खेतों का दौरा करते एसडीएम मनीष कुमार फोगाट। संवाद