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जींद में भी संत रामपाल आश्रम विवाद की आंच
ब्यूरो/अमर उजाला जींद
Updated Sun, 16 Nov 2014 12:54 AM IST
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बरवाला में संत रामपाल की गिरफ्तारी को लेकर चल रहे विवाद का असर जींद पर भी दिखने लगा है। उत्तर प्रदेश, बिहार तथा दूसरे प्रदेशों से आने वाले रामपाल के समर्थकों को बरवाला जाने से रोकने के लिए जींद का रेलवे जंक्शन छावनी में तब्दील हो गया है।
यहां पर जीआरपी की दो कंपनियां तथा एक कंपनी जींद जिले की यहां पर एहतियात के तौर पर तैनात की गई है। रेलवे पुलिस के एसपी अशोक कुमार ने डीएसपी देशराज सहित स्वयं यहां पर मोर्चा संभाल लिया है। वहीं रोडवेज के जींद डिपो ने भी बरवाला की तरफ जाने वाली अपनी बसों के रूट में कटौती करते हुए जींद से बरवाला तक चलने वाली बसों को अब सिर्फ खेड़ी चौपटा तक ही चलाने का फैसला लिया है। वहीं हिसार की तरफ से रोडवेज की कोई बस नहीं आ रही है। पुलिस ने भी जींद डिपो की 20 बसों को सतलोक आश्रम में मंगवा लिया है।
हाईकोर्ट द्वारा रामपाल की गिरफ्तारी के आदेश जारी किए जाने के बाद से बरवाला में रामपाल के आश्रम पर समर्थकाें की गतिविधियां बढ़ गई हैं। रामपाल के समर्थक रामपाल की गिरफ्तारी में पुलिस प्रशासन के बीच बाधा बने हुए हैं। जींद जिले की सीमाएं बरवाला से लगती हैं। ऐसे में जींद जंक्शन से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में रामपाल के समर्थक आते-जाते हैं और यहां से रामपाल की बसें उन्हें बरवाला में आश्रम में लेकर जाती हैं।
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उत्तर प्रदेश, बिहार तथा दूसरे राज्यों से आने वाले रामपाल के समर्थकों को बरवाला जाने से रोकने के लिए जींद जंक्शन पर जीआरपी तथा तथा हरियाणा पुलिस के जवानों की ड्यूटियां लगाई गई हैं। रेलवे पुलिस के एसपी अशोक कुमार खुद यहां मोर्चा संभाले हुए हैं। रेलवे जंक्शन पर सुरक्षा के इंतजार कड़े कर दिए गए हैं। जीआरपी के अनुसार दिल्ली व पंजाब की ओर से आने वाली सभी रेलगाड़ियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
यहां आने वाले संत रामपाल समर्थकों को समझा कर वापस भेजा जा रहा है। यहां रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद लोगों को वापस अपने घर भेजा जा रहा है। यहां रेलवे पुलिस के एसपी अशोक कुमार के साथ डीएसपी देशराज, जींद के डीएसपी धर्मबीर पूनिया भी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
आधा दर्जन बस प्रभावित
संत रामपाल विवाद के चलते रोडवेज की करीब आधा दर्जन बसों के रूट बाधित हुए हैं। ये बसें बरवाला से जींद के बीच करीब चार व छह चक्कर लगाती हैं। ऐसे में इन बसों का रूट घटाकर छोटा करने से बरवाला रूट पर चलने वाले लोगों को काफी दिक्कत होगी। रोडवेज के डीआई सुभाष चंद्र के अनुसार शनिवार दोपहर बाद दो बजे से बसों का रूट घटाकर खेड़ी चौपटा तक कर दिया गया है। वहीं जींद डिपो के जीएम राहुल जैन के अनुसार जींद डिपो की 20 बसें सतलोक आश्रम में भेजी गई हैं।
रेलवे के एसपी ने संभाला मोर्चा
मामले की गंभीरता को देखते हुए जींद रेलवे स्टेशन स्वयं रेलवे एसपी अशोक कुमार ने मोर्चा संभाला है। इसके अलावा एक डीएसपी और दो रिजर्व भी तैनात किए गए हैं। एसपी अशोक कुमार के अनुसार पहले एक गाड़ी से 300 से 500 लोग संत रामपाल के समर्थक आते थे, लेकिन अब इनकी संख्या दिन में 20 लोगों की संख्या रह गई है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
वरिष्ठ नागरिक परिषद ने किया रामपाल का विरोध
वरिष्ठ नागरिक परिषद ने रामपाल की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि संत कहलाने वाले अहंकारी रामपाल को असंवैधानिक कार्रवाई करने और कानून की अवहेलना करने के घृणित कार्य के लिए कड़ी कानून कार्रवाई की जानी चाहिए। परिषद के सचिव ओमप्रकाश मलिक ने कहा कि कानून को सर्वोपरी समझते हुए अज्ञानतावश अंधविश्वासी नागरिकों को इस स्वयं तत्वदर्शी स्वार्थी पुरुष का साथ नहीं देना चाहिए, जो निर्दोष व्यक्तियों की बली चढ़ाने के लिए तत्पर हो गया है।
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यहां पर जीआरपी की दो कंपनियां तथा एक कंपनी जींद जिले की यहां पर एहतियात के तौर पर तैनात की गई है। रेलवे पुलिस के एसपी अशोक कुमार ने डीएसपी देशराज सहित स्वयं यहां पर मोर्चा संभाल लिया है। वहीं रोडवेज के जींद डिपो ने भी बरवाला की तरफ जाने वाली अपनी बसों के रूट में कटौती करते हुए जींद से बरवाला तक चलने वाली बसों को अब सिर्फ खेड़ी चौपटा तक ही चलाने का फैसला लिया है। वहीं हिसार की तरफ से रोडवेज की कोई बस नहीं आ रही है। पुलिस ने भी जींद डिपो की 20 बसों को सतलोक आश्रम में मंगवा लिया है।
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हाईकोर्ट द्वारा रामपाल की गिरफ्तारी के आदेश जारी किए जाने के बाद से बरवाला में रामपाल के आश्रम पर समर्थकाें की गतिविधियां बढ़ गई हैं। रामपाल के समर्थक रामपाल की गिरफ्तारी में पुलिस प्रशासन के बीच बाधा बने हुए हैं। जींद जिले की सीमाएं बरवाला से लगती हैं। ऐसे में जींद जंक्शन से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में रामपाल के समर्थक आते-जाते हैं और यहां से रामपाल की बसें उन्हें बरवाला में आश्रम में लेकर जाती हैं।
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उत्तर प्रदेश, बिहार तथा दूसरे राज्यों से आने वाले रामपाल के समर्थकों को बरवाला जाने से रोकने के लिए जींद जंक्शन पर जीआरपी तथा तथा हरियाणा पुलिस के जवानों की ड्यूटियां लगाई गई हैं। रेलवे पुलिस के एसपी अशोक कुमार खुद यहां मोर्चा संभाले हुए हैं। रेलवे जंक्शन पर सुरक्षा के इंतजार कड़े कर दिए गए हैं। जीआरपी के अनुसार दिल्ली व पंजाब की ओर से आने वाली सभी रेलगाड़ियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
यहां आने वाले संत रामपाल समर्थकों को समझा कर वापस भेजा जा रहा है। यहां रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद लोगों को वापस अपने घर भेजा जा रहा है। यहां रेलवे पुलिस के एसपी अशोक कुमार के साथ डीएसपी देशराज, जींद के डीएसपी धर्मबीर पूनिया भी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
आधा दर्जन बस प्रभावित
संत रामपाल विवाद के चलते रोडवेज की करीब आधा दर्जन बसों के रूट बाधित हुए हैं। ये बसें बरवाला से जींद के बीच करीब चार व छह चक्कर लगाती हैं। ऐसे में इन बसों का रूट घटाकर छोटा करने से बरवाला रूट पर चलने वाले लोगों को काफी दिक्कत होगी। रोडवेज के डीआई सुभाष चंद्र के अनुसार शनिवार दोपहर बाद दो बजे से बसों का रूट घटाकर खेड़ी चौपटा तक कर दिया गया है। वहीं जींद डिपो के जीएम राहुल जैन के अनुसार जींद डिपो की 20 बसें सतलोक आश्रम में भेजी गई हैं।
रेलवे के एसपी ने संभाला मोर्चा
मामले की गंभीरता को देखते हुए जींद रेलवे स्टेशन स्वयं रेलवे एसपी अशोक कुमार ने मोर्चा संभाला है। इसके अलावा एक डीएसपी और दो रिजर्व भी तैनात किए गए हैं। एसपी अशोक कुमार के अनुसार पहले एक गाड़ी से 300 से 500 लोग संत रामपाल के समर्थक आते थे, लेकिन अब इनकी संख्या दिन में 20 लोगों की संख्या रह गई है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
वरिष्ठ नागरिक परिषद ने किया रामपाल का विरोध
वरिष्ठ नागरिक परिषद ने रामपाल की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि संत कहलाने वाले अहंकारी रामपाल को असंवैधानिक कार्रवाई करने और कानून की अवहेलना करने के घृणित कार्य के लिए कड़ी कानून कार्रवाई की जानी चाहिए। परिषद के सचिव ओमप्रकाश मलिक ने कहा कि कानून को सर्वोपरी समझते हुए अज्ञानतावश अंधविश्वासी नागरिकों को इस स्वयं तत्वदर्शी स्वार्थी पुरुष का साथ नहीं देना चाहिए, जो निर्दोष व्यक्तियों की बली चढ़ाने के लिए तत्पर हो गया है।