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सफाई कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय के बाहर शुरू किया अनशन
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जींद में धरने पर बैठे सफाई और दमकल विभाग के कर्मचारी।
- फोटो : Jind
सफाई कर्मचारियों ने बुधवार को रानी तालाब के पास नगर परिषद कार्यालय पर राज्य यूनियन सदस्य राजपाल परोचा की अध्यक्षता में क्रमिक अनशन शुरू किया। इसके बाद कर्मचारियों ने सफाई कर्मचारियों के अनदेखी के चलते प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदेश सरकार के विरोध में नगर परिषद जींद प्रधान पवन चौहान, महिला प्रधान पूनम देवी, रघुबीर, सोहनलाल, सुनीता देवी, सूरजभान, कोषाध्यक्ष जितेंद्र कुमार, बलजीत को शिवचरण और राजेंद्र शिणद ने माला पहना कर भूख हड़ताल पर बैठाया। राजपाल परोचा ने कहा कि सरकार व यूनियन के बीच जिन मांगों को लेकर सहमति बनी थी। सरकार तुरंत उसका पत्र जारी करे। मुख्य मांगों में 25 अप्रैल के समझौते को लागू करने, कोरोना वायरस से मौत होने पर 50 लाख रुपये आर्थिक सहायता, चार हजार रुपये जोखिम भत्ता, समान काम समान वेतन, दो साल के अनुभव के आधार पर कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, फायरमैन को फायर ऑपरेटर के पदों पर समायोजित करने, बंद पड़े फायर स्टेशनों को चालू करने, सफाई व सीवर के कार्य को राष्ट्रीय श्रम घोषित करना शामिल है। अग्निशमन कर्मचारी यूनियन से राजेंद्र सिणद ने कहा कि सरकार अगर यूनियन की मांगों को नहीं मानती है, तो आंदोलन आगे बढ़ाया जाएगा। नगर परिषद के सभी कर्मचारी हड़ताल करने को बाध्य होंगे।
सफाई और दमकल कर्मियों ने की कर्मिक भूख हड़ताल
नरवाना में नगर नगर परिषद केे सफाई कर्मी व फायर बिग्रेड कर्मियों ने 24 घंटे की कर्मिक भूख हड़ताल की। भूख हड़ताल जिला प्रधान जगदीश बुंबक की अध्यक्षता में की गई। कर्मचारी प्रदीप शर्मा, ईश्वर सच्चा खेड़ा, भूपेंद्र सचिव, राजेंद्र प्रधान, सुरेश पूनिया, कर्मवीर, देवकुमार, विनोद, सोहन लाल व सत्यवान ने कहा कि सरकारी विभागों एवं उपकरणों के किए जा रहे निजीकरण पर रोक लगाई जाए, ठेका प्रथा समाप्त कर ठेका प्रथा के कर्मचारियों को विभागों के पेरोल पर किया जाए, समान काम समान वेतन और सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए, एनसीपी रद्द कर पुरानी पेंशन बहाल की जाए, तानाशाही पूर्ण तरीके से महंगाई भत्ते व एलटीसी पर लगाई रोक को हटाया जाए, कैश वाउचर स्कीम को वापस लिया जाए, सभी विभागों के कर्मचारियों को प्री मेच्योर रिटायरमेंट करने का सर्कुलर वापस लिया जाए, पंजाब के समान वेतनमान व पेंशन दी जाए, किसान व मजदूर विरोधी कानून वापस लिए जाए, सभी विभागों में वर्क लोड के अनुसार नए पदों का सृजन किया जाए, कोरोना योद्धाओं को मृत्यु पर घोषित लाभ व 4000 रुपये मासिक भत्ता दिया जाए। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार अगर मांगों पर विचार नही करती तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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प्रदेश सरकार के विरोध में नगर परिषद जींद प्रधान पवन चौहान, महिला प्रधान पूनम देवी, रघुबीर, सोहनलाल, सुनीता देवी, सूरजभान, कोषाध्यक्ष जितेंद्र कुमार, बलजीत को शिवचरण और राजेंद्र शिणद ने माला पहना कर भूख हड़ताल पर बैठाया। राजपाल परोचा ने कहा कि सरकार व यूनियन के बीच जिन मांगों को लेकर सहमति बनी थी। सरकार तुरंत उसका पत्र जारी करे। मुख्य मांगों में 25 अप्रैल के समझौते को लागू करने, कोरोना वायरस से मौत होने पर 50 लाख रुपये आर्थिक सहायता, चार हजार रुपये जोखिम भत्ता, समान काम समान वेतन, दो साल के अनुभव के आधार पर कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, फायरमैन को फायर ऑपरेटर के पदों पर समायोजित करने, बंद पड़े फायर स्टेशनों को चालू करने, सफाई व सीवर के कार्य को राष्ट्रीय श्रम घोषित करना शामिल है। अग्निशमन कर्मचारी यूनियन से राजेंद्र सिणद ने कहा कि सरकार अगर यूनियन की मांगों को नहीं मानती है, तो आंदोलन आगे बढ़ाया जाएगा। नगर परिषद के सभी कर्मचारी हड़ताल करने को बाध्य होंगे।
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सफाई और दमकल कर्मियों ने की कर्मिक भूख हड़ताल
नरवाना में नगर नगर परिषद केे सफाई कर्मी व फायर बिग्रेड कर्मियों ने 24 घंटे की कर्मिक भूख हड़ताल की। भूख हड़ताल जिला प्रधान जगदीश बुंबक की अध्यक्षता में की गई। कर्मचारी प्रदीप शर्मा, ईश्वर सच्चा खेड़ा, भूपेंद्र सचिव, राजेंद्र प्रधान, सुरेश पूनिया, कर्मवीर, देवकुमार, विनोद, सोहन लाल व सत्यवान ने कहा कि सरकारी विभागों एवं उपकरणों के किए जा रहे निजीकरण पर रोक लगाई जाए, ठेका प्रथा समाप्त कर ठेका प्रथा के कर्मचारियों को विभागों के पेरोल पर किया जाए, समान काम समान वेतन और सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए, एनसीपी रद्द कर पुरानी पेंशन बहाल की जाए, तानाशाही पूर्ण तरीके से महंगाई भत्ते व एलटीसी पर लगाई रोक को हटाया जाए, कैश वाउचर स्कीम को वापस लिया जाए, सभी विभागों के कर्मचारियों को प्री मेच्योर रिटायरमेंट करने का सर्कुलर वापस लिया जाए, पंजाब के समान वेतनमान व पेंशन दी जाए, किसान व मजदूर विरोधी कानून वापस लिए जाए, सभी विभागों में वर्क लोड के अनुसार नए पदों का सृजन किया जाए, कोरोना योद्धाओं को मृत्यु पर घोषित लाभ व 4000 रुपये मासिक भत्ता दिया जाए। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार अगर मांगों पर विचार नही करती तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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