{"_id":"5ed93b948ebc3e902b0f8428","slug":"sandil-villagers-will-meet-vij-in-the-pegan-pax-scam-case-jind-news-rtk557993712","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेगां पैक्स घोटाला मामले में विज से मिलेंगे संडील के ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेगां पैक्स घोटाला मामले में विज से मिलेंगे संडील के ग्रामीण
विज्ञापन
संडील गांव के स्कूल में आयोजित पंचायत में मौजूद लोग।
- फोटो : Jind
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पेगा पैक्स के चर्चित किसान घोटाले में पुलिस की कार्यप्रणाली से क्रोधित लोगों ने वीरवार को गांव के स्कूल में अमरजीत व श्रीपाल के नेतृत्व में पंचायत की। इसमें निर्णय लिया गया कि गांव की पांच सदस्यीय कमेटी हरियाणा रोडवेज जीएम से मिलकर चंडीगढ़ के लिए एक बस की मांग करेगी, ताकि रविवार को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से मिलकर न्याय मांगा जा सके।
पंचायत में श्रीपाल ने कहा कि घोटाले के करीब पांच माह बीत जाने के बाद भी पुलिस मुख्य आरोपी तक पहुंचने में नाकाम रही है। पुलिस द्वारा अभी तक जांच में शामिल कर्मचारियों से किसी प्रकार की पूछताछ नहीं की है। इसके चलते मामले से संबधित कर्मचारी सरेआम कमेटी से मिलीभगत कर तथ्यों को नष्ट करने में लगे हुए हैं। कुछ कर्मचारियों के खिलाफ सहायक रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा विभागीय कार्यवाही की सिफारिश के बाद भी कमेटी किसी प्रकार का निर्णय लेने में समर्थ नहीं है।
उन्होंने कहा कि सहायक रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा बैंक तथा पैक्स से संबधित करीब 11 कर्मचारियों को जांच में शामिल करने का नोटिस दिया गया था, लेकिन विभाग द्वारा नोटिस थमाने के बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। इसके कारण मामले से जुड़े विभाग के छोटे कर्मचारी से लेकर बड़े अधिकारी तक एक दूसरे से मिले हुए हैं। उन्होंने कहा कि इसको लेकर पंचायत रविवार को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से मिलकर न्याय की मांग करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पंचायत में श्रीपाल ने कहा कि घोटाले के करीब पांच माह बीत जाने के बाद भी पुलिस मुख्य आरोपी तक पहुंचने में नाकाम रही है। पुलिस द्वारा अभी तक जांच में शामिल कर्मचारियों से किसी प्रकार की पूछताछ नहीं की है। इसके चलते मामले से संबधित कर्मचारी सरेआम कमेटी से मिलीभगत कर तथ्यों को नष्ट करने में लगे हुए हैं। कुछ कर्मचारियों के खिलाफ सहायक रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा विभागीय कार्यवाही की सिफारिश के बाद भी कमेटी किसी प्रकार का निर्णय लेने में समर्थ नहीं है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सहायक रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा बैंक तथा पैक्स से संबधित करीब 11 कर्मचारियों को जांच में शामिल करने का नोटिस दिया गया था, लेकिन विभाग द्वारा नोटिस थमाने के बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। इसके कारण मामले से जुड़े विभाग के छोटे कर्मचारी से लेकर बड़े अधिकारी तक एक दूसरे से मिले हुए हैं। उन्होंने कहा कि इसको लेकर पंचायत रविवार को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से मिलकर न्याय की मांग करेगी।
विज्ञापन