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Jind News: घुड़सवारी में दो गोल्ड, तीन सिल्वर मेडल देश की झोली में डाल चुका है साहिल
Thu, 01 May 2025 02:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 01 May 2025 02:03 AM IST
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30जेएनडी14-साहिल सिंहमार का फोटो। संवाद
सफीदों। गांव रताखेड़ा का साहिल सिंहमार अब तक घुड़सवारी टेक पैकिंग में पांच मेडल देश की झोली में डाल चुका है। उसने दो गोल्ड और 3 सिल्वर मेडल मात्र 21 साल की उम्र में ही हासिल कर लिए गए। अब वह घुुुड़सवारी टेक पैकिंग प्रतियोगिता के दौरान इंडिया टीम का कैप्टन बनकर अमेरिका में अपना लोहा मनवाएगा। जल्द सरकार के आदेश आने के बाद इस प्रतियोगिता के लिए साहिल सिंहमार के नेतृत्व में अमेरिका में टीम भेजी जाएगी।
फिलहाल साहिल सिंहमार झारखंड की राजधानी रांची में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ खुद की भी तैयारी कर रहे हैं। साहिल सिंहमार के इंडिया क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की बेटी जीवा धोनी को भी घुड़सवारी की ट्रेनिंग दे रहे हैं। साहिल सिंहमार मात्र 10 साल की उम्र में ही अपने दादा कैप्टन सूरत सिंह सिंहमार से घुड़सवारी का प्रशिक्षण प्राप्त करने लगे थे।
यहां कैप्टन सूरत सिंह घुडसवारी में नेशनल चैंपियन रह चुके हैं और वे आज भी युवाओं को घुड़सवारी का प्रशिक्षण दे रहे है। साहिल सिंहमार अपने दादा को अपना कोच और आदर्श मानते हैं। नेशनल हॉर्स राइडिंग में साहिल सिंहमार सफीदों क्षेत्र का नाम प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा नाम बन चुके हैं।
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फिलहाल साहिल सिंहमार झारखंड की राजधानी रांची में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ खुद की भी तैयारी कर रहे हैं। साहिल सिंहमार के इंडिया क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की बेटी जीवा धोनी को भी घुड़सवारी की ट्रेनिंग दे रहे हैं। साहिल सिंहमार मात्र 10 साल की उम्र में ही अपने दादा कैप्टन सूरत सिंह सिंहमार से घुड़सवारी का प्रशिक्षण प्राप्त करने लगे थे।
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यहां कैप्टन सूरत सिंह घुडसवारी में नेशनल चैंपियन रह चुके हैं और वे आज भी युवाओं को घुड़सवारी का प्रशिक्षण दे रहे है। साहिल सिंहमार अपने दादा को अपना कोच और आदर्श मानते हैं। नेशनल हॉर्स राइडिंग में साहिल सिंहमार सफीदों क्षेत्र का नाम प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा नाम बन चुके हैं।
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