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अच्छी पहल: कोरोना के खिलाफ एकजुट हुआ रूपगढ़ गांव, अपने स्तर पर महामारी को हराने की तैयारी
Wed, 19 May 2021 12:23 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जींद (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जींद (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 19 May 2021 12:23 PM IST
सार
गांव के लोगों का कहना है कि वे यह इंतजार नहीं करेंगे कि प्रशासन आए और उन्हें कोरोना से बचाए। वे खुद इससे लड़ेंगे।
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गांव रूपगढ़ में पंचायत करते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना महामारी अब गांवों में कहर बरपा रही है। ऐसे में लोग अपने स्तर पर ही इससे लड़ने के लिए आगे आ रहे हैं। ऐसी ही पहल की है जींद के रूपगढ़ गांव के लोगों ने। गांव ने पंचायत कर फैसला लिया है कि पूरा गांव चंदा एकत्रित कर एक कोष बनाएगा। इससे गांव के हर जरूरतमंद की मदद की जाएगी।
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साथ ही गांव को सैनिटाइज करवाया जाएगा और गांव में हवन सामग्री की धूनी भी दी जाएगी। इस गांव में 22 अप्रैल से 14 मई तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें लोगों को बुखार आता है और फिर हृदय गति रुकने से मौत हो जाती है। हालांकि पिछले तीन-चार दिन से मौत का सिलसिला रुका हुआ है।
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गांव के सरपंच संदीप अहलावत ने बताया कि कुछ दिन पहले गांव में पंचायत हुई थी। इसमें तीन फैसले लिए गए। सबसे पहले तय हुआ कि आर्थिक तंगी से किसी भी परिवार व व्यक्ति को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए गांव के हर घर से चंदा लिया जाएगा। हर परिवार अपनी क्षमता के अनुसार इसमें योगदान दे सकता है। दूसरा फैसला हुआ कि गांव में ताश खेलने व सामूहिक रूप से हुक्का पीने पर रोक रहेगी।
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तीसरा फैसला हुआ कि गांव में हवन सामग्री की धूनी दी जाएगी और गांव को सैनिटाइज करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन से बार-बार टीकाकरण व सैंपल लेने की मांग की गई, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब ग्रामीण प्रशासन का इंतजार नहीं करेंगे और अपने स्तर पर ही महामारी से लड़ेंगे।
कोविड-19 के नोडल अधिकारी व डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. पालेमराम कटारिया ने बताया कि गांव में सर्वे करवाया जाएगा। इसके बाद जो भी रिपोर्ट आएगी उसके अनुसार ही कार्रवाई होगी। गांव में दो-तीन मौत कोरोना से होने की पुष्टि हुई है।