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Jind News: बागी बच्चन सिंह ने आर्य सदन से उतारे भाजपा के पोस्टर-बैनर
Fri, 06 Sep 2024 01:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 06 Sep 2024 01:17 AM IST
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05जेएनडी36 : आर्य सदन में विरोध प्रकट करते बच्चन सिंह आर्य के समर्थक। संवाद
सफीदों। सफीदों विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के रामकुमार गौतम को उम्मीदवार घोषित करने के बाद पूर्व मंत्री बच्चन सिंह आर्य ने बगावत शुरू कर दी है। उम्मीदवारों की घोषणा होने के बाद रात में ही उनके काफी समर्थक उनके आवास आर्य सदन पहुंच गए। यहां लगे भाजपा के झंडे, पोस्टर और बैनर उतार दिए।
बच्चन सिंह आर्य ने कहा कि वह 7 सितंबर को पुरानी अनाज मंडी में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे और उसी दिन निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन करेंगे। कार्यकर्ताओं ने बाहरी प्रत्याशी नहीं चलेगा के नारे भी लगाए। आर्य ने कहा कि भाजपा ने सफीदों विधानसभा क्षेत्र से बाहरी प्रत्याशी उतारकर उनके समेत यहां के असंख्य नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ विश्वासघात किया है। यह एक सत्य है कि सफीदों का दादा खेड़ा किसी बाहरी को कभी भी स्वीकार नहीं करता। इतिहास भी इस बात की समय-समय पर गवाही देता आया है।
1987 से लेकर आजतक यहां से कोई बाहरी उम्मीदवार नहीं जीता है। आगे भी ऐसा ही होने वाला है। भाजपा ने जिस उम्मीदवार को टिकट दिया है, वह अपनी जमानत भी नहीं बचा पाएगा। इसके लिए वह शपथ पत्र देने के लिए तैयार हैं। आर्य ने कहा कि यदि पार्टी किसी स्थानीय नेता को टिकट देती तो वह चुनाव नहीं लड़ते, लेकिन अब वह पूरी तरह से स्वतंत्र हैं। उनका टिकट तो सफीदों की जनता है। वह सदैव अपने कार्यकर्ताओं की बात मानते आए हैं। आर्य ने कहा कि 2005 में भी जनता ने टिकट कटने पर निर्दलीय चुनाव लड़ने का आदेश दिया था और उन्हें कांग्रेस की आंधी में भी 18 हजार मतों से विजय मिली थी। इस बार भी ऐसा ही होगा।
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बच्चन सिंह आर्य ने कहा कि वह 7 सितंबर को पुरानी अनाज मंडी में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे और उसी दिन निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन करेंगे। कार्यकर्ताओं ने बाहरी प्रत्याशी नहीं चलेगा के नारे भी लगाए। आर्य ने कहा कि भाजपा ने सफीदों विधानसभा क्षेत्र से बाहरी प्रत्याशी उतारकर उनके समेत यहां के असंख्य नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ विश्वासघात किया है। यह एक सत्य है कि सफीदों का दादा खेड़ा किसी बाहरी को कभी भी स्वीकार नहीं करता। इतिहास भी इस बात की समय-समय पर गवाही देता आया है।
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1987 से लेकर आजतक यहां से कोई बाहरी उम्मीदवार नहीं जीता है। आगे भी ऐसा ही होने वाला है। भाजपा ने जिस उम्मीदवार को टिकट दिया है, वह अपनी जमानत भी नहीं बचा पाएगा। इसके लिए वह शपथ पत्र देने के लिए तैयार हैं। आर्य ने कहा कि यदि पार्टी किसी स्थानीय नेता को टिकट देती तो वह चुनाव नहीं लड़ते, लेकिन अब वह पूरी तरह से स्वतंत्र हैं। उनका टिकट तो सफीदों की जनता है। वह सदैव अपने कार्यकर्ताओं की बात मानते आए हैं। आर्य ने कहा कि 2005 में भी जनता ने टिकट कटने पर निर्दलीय चुनाव लड़ने का आदेश दिया था और उन्हें कांग्रेस की आंधी में भी 18 हजार मतों से विजय मिली थी। इस बार भी ऐसा ही होगा।

05जेएनडी36 : आर्य सदन में विरोध प्रकट करते बच्चन सिंह आर्य के समर्थक। संवाद
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