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सतलुज यमुना लिंक नहर: टिकैत बोले- हरियाणा के किसान अभी न मांगें एसवाईएल का पानी, नहीं तो पंजाब वाले कहेंगे स्वार्थ में साथ थे

Tue, 14 Dec 2021 10:47 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Tue, 14 Dec 2021 10:47 PM IST
सार

किसान आंदोलन की जीत के बाद हरियाणा की वर्षों पुरानी मांग एसवाईएल नहर फिर से चर्चा का विषय बन गई है। आंदोलन के दौरान हरियाणा पंजाब के लोगों में आपसी प्रेम बढ़ा है तो हरियाणा के किसानों के दिल में उम्मीद जगी है कि आराम से बैठकर अब इस मुद्दे का हल निकल सकता है। खापों ने इसके लिए प्रयास भी शुरू कर दिए हैं। इससे पहले यह मुद्दा हर बार सियासत की भेंट ही चढ़ा है। वहीं राकेश टिकैत ने जींद में एसवाईएल मुद्द पर बड़ा बयान दिया है।

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Rakesh Tikait gave a big statement on Sutlej Yamuna Link Canal issue
बद्दोवाल टोल प्लाजा पर किसानों को संबोधित करते राकेश टिकैत, खटकड़ टोल प्लाजा पर गुरनाम सिंह चढूनी को सम्मानित करते कमेटी प्रधान सतबीर पहलवान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के जींद जिले में खटकड़ व बद्दोवाल टोल प्लाजा पर चल रहा किसानों का धरना मंगलवार को औपचारिक रूप से समाप्त हो गया। इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चा के नेता गुरनाम सिंह चढूनी, राकेश टिकैत, जोगेंद्र सिंह उग्राह, अभिमन्यु कोहाड़ आदि ने दोनों टोल प्लाजा पर आयोजित कार्यक्रमों में शिरकत की। इस दौरान किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि अभी हरियाणा के किसान पंजाब से एसवाईएल का पानी नहीं मांगें, नहीं तो पंजाब के किसान कहेंगे कि हरियाणा वाले अपने स्वार्थ में साथ लगे हुए थे।

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वहीं, गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि अभी आंदोलन स्थगित हुआ है, समाप्त नहीं। ऐसे में किसानों को अगली लड़ाई के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार इतनी आसानी से एमएसपी देने वाली नहीं है। इसके लिए लड़ाई लड़ने को किसान तैयार रहें।
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गुरनाम सिंह चढूनी सुबह करीब 11 बजे बद्दोवाल टोल प्लाजा पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि 15 जनवरी को दिल्ली में संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक होगी। इसमें आंदोलन की आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि सरकार के पास बाकी मांगें मानने के लिए अभी एक महीने का समय है। इस दौरान सरकार की नीति और नीयत का पता चल जाएगा। यदि सरकार बाकी मांगों पर आगे नहीं बढ़ती है तो किसानों को अगले आंदोलन के लिए तैयार रहना चाहिए।
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वहीं राकेश टिकैत ने कहा कि यह आंदोलन पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश व राजस्थान के किसानों ने लड़ा है। उन्होंने कहा कि विरोधी बहुत चालाक है। वह आपस में लड़वाकर किसान आंदोलन कमजोर करेगा, लेकिन किसानों को मजबूती से डटे रहना है। हमें सबसे पहले एमएसपी की लड़ाई लड़नी है। एसवाईएल का मुद्दा सरकार का है और सरकार इसको हल करे। 

एक साल हुई है ट्रेनिंग

राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों ने एक साल तक आंदोलन नहीं लड़ा, बल्कि आंदोलन लड़ने की ट्रेनिंग हुई है। अभी बड़ा आंदोलन बाकी है। ऐसे में उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे घर जाकर अपनी जत्थेबंदियां तैयार करें। अपनी ट्रॉली को नया रंग करें। 

अभी लड़ाई बाकी

इस दौरान किसान नेता जोगेंद्र सिंह उग्राह ने कहा कि अभी लड़ाई बाकी है। ऐसे में किसानों को और अधिक संगठित होना होगा। उन्होंने कहा कि एमएसपी का मुद्दा सबसे बड़ा है। इसके अलावा किसानों को पूरी तरह से कर्ज मुक्त करवाना है। युवाओं को रोजगार दिलवाना है और नशे के समाप्त करना है। 

शुरू होगा बद्दोवाल व खटकड़ टोल

वहीं किसानों का धरना समाप्त होने के बाद बद्दोवाल टोल प्लाजा मंगलवार रात से शुरू हो जाएगा। बद्दोवाल टोल प्लाजा कमेटी के सदस्य सुनील बद्दोवाल ने बताया कि टोल प्लाजा को पूरी तरह से खाली कर दिया गया है। वहीं खटकड़ टोल प्लाजा बुधवार रात से काम शुरू करेगा। खटकड़ टोल प्लाजा के मैनेजर रोबिन सिंह के अनुसार अभी टोल तैयार नहीं है।

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