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राजगढ़ गांव में करोड़ों का जलघर होने के बाद भी लोग प्यासे
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गांव राजगढ़ में करोड़ों का जलघर बनने के बावजूद लोगों के कंठ सूखे हैं। आज तक गांव में पेयजल नहीं पहुंच पाया है। हालांकि क्लस्टर परियोजना के तहत करीब डेढ़ साल पहले गांव में जलघर का निर्माण हो गया था। इसको लेकर ग्रामीणों में रोष बना हुआ है। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द गांव में पेयजल की सप्लाई की जाए जिससे गांव में पेयजल की किल्लत से छुटकारा मिल सके। इस पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
दरअसल शुरू से ही राजगढ़ गांव में पेयजल की किल्लत है। इसके चलते क्लस्टर परियोजना बनाई गई। इसमें केंद्र सरकार की मदद से विशेष व्यवस्था की गई। इसके तहत ही राजगढ़ गांव में भी जलघर बनाया गया। अब पिछले डेढ़ साल से जलघर बनकर तैयार है, लेकिन लोगों को पेयजल नहीं मिल रहा है। ग्रामीण दीपक, अश्विनी, विनोद, राजदीप, रामकुमार ने बताया कि गांव में पेयजल की किल्लत काफी समय से चली आ रही है। गांव में जनस्वास्थ्य द्वारा एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च कर, जलघर तो बना दिया लेकिन डेढ़ साल बाद भी गांव में पेयजल की सप्लाई नहीं दी गई है। महिलाओं को पेयजल के लिए खेतों से पानी लाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। पेयजल की किल्लत की शिकायत ग्रामीण कई बार अधिकारियों से भी कर चुके हैं, लेकिन उन्हें कोरा आश्वासन ही हाथ लग पाया है। पेयजल की समस्या ज्यों की त्यों गांव में बनी हुई है। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द पेयजल की सप्लाई दी जाए ताकि महिलाओं को पानी के लिए खेतों में भटकने से निजात मिल सके।
गांव में जलघर का निर्माण डेढ़ साल पहले ही करवा दिया था लेकिन डेढ़ साल बाद भी ठेकेदार द्वारा गांव में पेयजल की सप्लाई नही जोड़ी गई है। कई बार इसकी शिकायत अधिकारियों से की जा चुकी है लेकिन अभी तक कोई भी समाधान नही हो पाया है।
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सुदेश सरपंच, राजगढ़।
बिजली का कनेक्शन मिलने में देरी हो गई थी। फिल्टर जल्द से जल्द लगा दिए जाएंगे। एक सप्ताह बाद गांव में पेयजल की सप्लाई चालू कर दी जाएगी।
विकास राठी, जेई जनस्वास्थ्य विभाग जुलाना।
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दरअसल शुरू से ही राजगढ़ गांव में पेयजल की किल्लत है। इसके चलते क्लस्टर परियोजना बनाई गई। इसमें केंद्र सरकार की मदद से विशेष व्यवस्था की गई। इसके तहत ही राजगढ़ गांव में भी जलघर बनाया गया। अब पिछले डेढ़ साल से जलघर बनकर तैयार है, लेकिन लोगों को पेयजल नहीं मिल रहा है। ग्रामीण दीपक, अश्विनी, विनोद, राजदीप, रामकुमार ने बताया कि गांव में पेयजल की किल्लत काफी समय से चली आ रही है। गांव में जनस्वास्थ्य द्वारा एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च कर, जलघर तो बना दिया लेकिन डेढ़ साल बाद भी गांव में पेयजल की सप्लाई नहीं दी गई है। महिलाओं को पेयजल के लिए खेतों से पानी लाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। पेयजल की किल्लत की शिकायत ग्रामीण कई बार अधिकारियों से भी कर चुके हैं, लेकिन उन्हें कोरा आश्वासन ही हाथ लग पाया है। पेयजल की समस्या ज्यों की त्यों गांव में बनी हुई है। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द पेयजल की सप्लाई दी जाए ताकि महिलाओं को पानी के लिए खेतों में भटकने से निजात मिल सके।
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गांव में जलघर का निर्माण डेढ़ साल पहले ही करवा दिया था लेकिन डेढ़ साल बाद भी ठेकेदार द्वारा गांव में पेयजल की सप्लाई नही जोड़ी गई है। कई बार इसकी शिकायत अधिकारियों से की जा चुकी है लेकिन अभी तक कोई भी समाधान नही हो पाया है।
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सुदेश सरपंच, राजगढ़।
बिजली का कनेक्शन मिलने में देरी हो गई थी। फिल्टर जल्द से जल्द लगा दिए जाएंगे। एक सप्ताह बाद गांव में पेयजल की सप्लाई चालू कर दी जाएगी।
विकास राठी, जेई जनस्वास्थ्य विभाग जुलाना।